बीमार अस्पताल से त्रस्त हो रहे हैं मरीज

बीमार अस्पताल से त्रस्त हो रहे हैं मरीज
अधिकारियों की उदासीनता से नहीं जांच व उपचार के समुचित प्रबंध

करौली जिले में टोडाभीम स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाओं के चलते सीबीसी जांच मशीन खराब है। इससे मरीजों को जांच के लिए निजी लैबों पर जाना पड़ रहा है। ऐसे में निजी लैब संचालकों की चांदी हो रही है। लोगों की शिकायत है कि टोडाभीम अस्पताल में आए दिन सीबीसी मशीन खराब हो जाती है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते मशीन को सही करवाने में काफी वक्त लग जाता है।

By: Surendra

Published: 08 May 2021, 08:02 PM IST

बीमार अस्पताल से त्रस्त हो रहे हैं मरीज
अधिकारियों की उदासीनता से नहीं जांच व उपचार के समुचित प्रबंध

सीबीसी मशीन खराब, निजी लैबों की चांदी

करौली जिले में टोडाभीम - उपखंड मुख्यालय स्थित राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाओं के चलते सीबीसी जांच मशीन खराब पड़ी हुई है। इससे मरीजों को जांच के लिए निजी लैबों पर जाना पड़ रहा है। ऐसे में निजी लैब संचालकों की चांदी हो रही है।
लोगों की शिकायत है कि टोडाभीम अस्पताल में आए दिन सीबीसी मशीन खराब हो जाती है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते मशीन को सही करवाने में काफी वक्त लग जाता है। लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन एवं निजी लैब संचालकों की मिलीभगत के चलते जांच मशीनों को समय पर सही नहीं करवाया जाता है। आमतौर पर मौसमी बीमारियों का दौर शुरू होने पर अस्पताल की मशीनें खराब हो जाती है।

जेनरेटर हो रहा कबाड
कहने को तो टोडाभीम अस्पताल 100 पलंगों का है लेकिन अस्पताल की अव्यवस्थाओं को देखते हुए यह अस्पताल महज नाम का अस्पताल है। यहां जांच व उपचार सुविधाएं कमजोर हैं। कहने को तो यहां पर एक ब्लैक एंड व्हाइट सोनोग्राफी मशीन है लेकिन सोनोलॉजिस्ट की उपस्थिति अमूमन नहीं रहने के कारण इस मशीन का उपयोग नहीं हो पाता है । ऐसे में मरीजों को सोनोग्राफी के लिए अन्यत्र जाना पड़ता है। यदि अस्पताल में बिजली चली जाए तो वार्डों में अंधेरा हो जाता है और मरीजों को उपचार के लिए मोबाइल से उजाला करना पड़ता है। बिना पंखे, कूलर के गर्मी में मरीज उकलाते रहते हैं। वैसे अस्पताल में इनवर्टर और जेनरेटर उपलब्ध है लेकिन इनवर्टर से कनेक्शन केवल चिकित्सकों के केबिन एवं इंजेक्शन रूम में हैं और जेनरेटर कभी चलता ही नहीं है। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से लाखों रुपए कीमत का जनरेटर कबाड़ में तब्दील हो रहा है।।

नहीं किसी का ध्यान

अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर ना तो अस्पताल प्रबंधन गंभीर है और न जनप्रतिनिधियों द्वारा ध्यान दिया जा रहा है। गौरतलब है कि अभी पिछले गुरुवार को अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के चलते बच्चों का टीकाकरण भी नहीं हो पाया। जहां एक और प्रदेश के सभी अस्पतालों में व्यवस्थाओं को लेकर चिकित्सा विभाग की ओर से प्रतिदिन आवश्यक दिशा निर्देश दिए जा रहे हैं और सुधार के उपाय भी चल रहे हैं वहीं दूसरी ओर टोडाभीम अस्पताल में अफसरों की लापरवाही के चलते दिनोंदिन व्यवस्थाएं बिगड़ती जा रही हैं।

Surendra Bureau Incharge
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