महाविद्यालय में कार्य की मंथर चाल, 8 माह में हुआ 30 प्रतिशत निर्माण

Slow progress of work in college, 30 percent construction in 8 months

पशोपेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय प्रशासन, तीन माह में कैसे पूरा होगा काम

 

By: Anil dattatrey

Published: 26 Aug 2020, 09:21 AM IST


हिण्डौनसिटी. उपखंड मुख्यालय पर करौली रोड स्थित जिले के एकमात्र नैक से बी-श्रेणी का दर्जा प्राप्त राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 4 करोड़ से कराया जा रहा नवीन भवन निर्माण व पुनरुद्धार कार्य सवालों के घेरे में है। राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड (आरएसएएमबी) भरतपुर के अभियंता व संवेदक की मिलीभगत से निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। जिसके चलते 8 माह में महज 30 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। खास बात यह है कि करीब एक पखवाड़े से ज्यादा समय से महाविद्यालय में निर्माण कार्य पर रुका हुआ है। जबकि निविदा शर्तों के अनुसार संवेदक को नवम्बर माह तक निर्माण कार्य पूरा कर भवन महाविद्यालय को सुपुर्द करना है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि जब 8 माह में 30 प्रतिशत काम पूरा हो सका है, तो फिर शेष बचे 3 महिने में 70 फीसदी कार्य कैसे पूरा हो पाएगा। महाविद्यालय प्रशासन इसको लेकर पशोपेश में है।

निरीक्षण न समय पर हुई समीक्षा-
दरअसल सरकार की ओर से राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रुसा) के अन्तर्गत राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हिण्डौन में नवीन भवन व पुनरुद्धार कार्य के लिए 4 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद सरकार ने पहली किश्त के रुप में 2 करोड़ रुपए महाविद्यालय को प्राप्त हुए। इनमें से 1 करोड़ 60 लाख रुपए की राशि को महाविद्यालय प्रशासन ने निर्माण एजेंसी आरएसएएमबी, भरतपुर को स्थानांतरित कर दिया। इसके बाद आरएसएएबी ने निविदा प्रक्रिया के बाद आकार कन्सट्रक्शन, जयपुर को कार्यादेश जारी कर जनवरी माह में निर्माण कार्य शुरु करवा दिया। लेकिन जिम्मेदार अभियंताओं ने समय-समय पर कार्य की समीक्षा और निरीक्षण नहीं किए। यही कारण है कि आठ माह का अर्सा बीतने के बावजूद 30 प्रतिशत निर्माण कार्य हो पाया है। जबकि निविदा शर्तों के मुताबिक संवेदक को इस वर्ष के नवम्बर माह में कार्य पूरा करना है।

यह कार्य होना है महाविद्यालय में-
सूत्रों के अनुसार महाविद्यालय परिसर में 3 करोड़ 20 लाख रुपए नवीन भवन व पुनरुद्धार कार्य पर खर्च होंगे। जबकि 80 लाख रुपए से महाविद्यालय का आधुनिकीकरण कराया जाएगा। नवीन भवन में 1 सेमीनार रूम, 1 कमरा, 3 विज्ञान की प्रयोगशाला, शौचालय, पुराने भवन की छत, चारदीवारी का ऊंचाईकरण, ट्रेक निर्माण, आकर्षक मुख्य द्वार, रंगमंच निर्माण कराया जाएगा। वहीं आधुनिकीकरण कार्य में डिजीटल लैब, डिजीटल लाइब्रेरी, ऑनलाइन क्लास, खेल उपकरण खरीद, सोलर सिस्टम स्थापित किया जाएगा। लेकिन अभी तक नवीन भवन का निर्माण व पुनरुद्धार कार्य भी अधूरा पड़ा हुआ है। ऐसे में छात्र-छात्राओं के साथ ही प्राध्यापकों का आधुनिक महाविद्यालय में शिक्षण का सपना अभी अधूरा हैं।


कई बार की शिकायतें, नहीं निकला नतीजा-
महाविद्यालय में निर्माण कार्य की धीमी चाल परेशानी का सबब बनी हुई है। संवेदक को 11 माह मेें कार्य पूरा करना था, लेकिन 8 माह बीतने पर 30 प्रतिशत काम हुआ है। कई बार कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारियों को शिकायतें की गई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
-रामराज मीना, प्रचार्य, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हिण्डौनसिटी

नोटिस दिया, लगाएंगे पेनेल्टी-
महाविद्यालय में निर्माण की गति वाकई धीमी है, इसके लिए संवेदक आकार कंस्ट्रक्शन जयपुर को नोटिस दिया है। निर्माण कार्य में गति नहीं दिखी तो जल्दी ही पेनेल्टी (जुर्माना) लगाया जाएगा।
पारसमल जैन, अधिशासी अभियंता, आएसएएमबी, भरतपुर


निर्माण कार्य की करेंगे समीक्षा
हिण्डौन महाविद्यालय में चल रहे निर्माण कार्य की समीक्षा की जाएगी। साथ ही कार्य को गति प्रदान करने के प्रयास किए जाएंगे।
-सिद्र्धार्थ सिहाग, जिला कलक्टर, करौली

Anil dattatrey Reporting
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