माघ में बरस रहे मेघों ने बढ़ाई अन्नदाता की चिंता

The clouds roaming in the Magh increased the concern of the Annadata

हिण्डौनसिटी. माघ के महिने में बरस रहे मेघों ने अन्नदाता को मुश्किल में डाल दिया है। दो दिनों से बारिश के साथ ओले गिरने के कारण खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान की आशंका है। इधर सर्दी में इजाफा होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।


बुधवार रात से शुरु हुआ बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी रहा। बारिश के कारण शहर तरबतर रहा। मुख्य मार्गों के अलावा विभिन्न कॉलोनियों व कच्ची बस्तियों के रास्तों में पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। क्षेत्र के लहचौड़ा, बेरखेड़ा, पाली, चुरारी, विजयपुरा, पीपरीवाड़ा समेत कई गावों में बारिश के साथ करीब10 मिनट तक चने के आकार के ओले गिरे। जिससे सरसों की फसल को खासा नुकसान होने की आशंका में किसान परेशान है।

तहसील प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सात एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। गुरुवार को बारिश के साथ ओले गिर रहे थे, वैसे ही किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहराती जा रही थी। महीनों की मेहनत पानी में फिरता देख धरतीपुत्र अपने आराध्य से यही मनौती मांग रहे थे कि मौसम खुल जाए। किसान संतोष अग्रवाल ने बताया कि यह बारिश सरसों की पिछैती फसलों के लिए काल के बराबर है। उत्पादन भी प्रभावित होने की आशंका है।

तापमान गिरा, बाजार सूने-
सुबह से शुरु हुआ बारिश का सिलसिला दोपहर बाद तक चला। भगवान भास्कर के पूरे दिन ही दर्शन नहीं हुए। अचानक तापमान में भारी गिरावट आने से ठंड बढ़ गई। आसमान बादलों से ढका रहा। बाजारों में ठंड के चलते सन्नाटा छाया रहा। लोग गर्म लिबासों में लिपटे नजर आए।

Surendra Bureau Incharge
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