प्रकृति का भरपूर खजाना, फिर भी पिछड़ेपन का दंश

प्रकृति का भरपूर खजाना, फिर भी पिछड़ेपन का दंश

dinesh sharma | Publish: Sep, 16 2018 08:40:10 PM (IST) | Updated: Sep, 16 2018 08:40:11 PM (IST) Karauli, Rajasthan, India

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करौली. यूंं तो करौली में विकास की विपलु संभावनाएं हैं। जिले को प्रकृति ने अकूत भण्डार दिए है। इसके बावजूद करौली जिला पिछड़ेपन का दंश झेल रहा है।

न रोजगार के साधन विकसित हुए और न ही मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ। दशकों के लम्बे इंतजार के बाद रेल लाइन भी दिवास्वप्न बनी है, वहीं वन एवं पर्यावरण की नीतियों के चलते जिले का प्रमुख खनन व्यवसाय मंद पड़ गया है।


कुछ इस तरह के विचार रविवार को राजस्थान पत्रिका की ओर से जन एजेंडा बनाने के मकसद से आयोजित बैठक में शहर के प्रबुद्धजनों ने व्यक्त किए।

शुरूआत में रेल विकास समिति के सचिव वेणुगोपाल शर्मा ने रेल का मुद्दा उठाते हुएकहा कि करौली रेल परियोजना के स्वीकृत होने पर भी राज्य सरकार ने ये कार्य बंद करा दिया।

भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष सुरेश शुक्ला ने भी करौली में रेल की आवश्यकता तथा पर्यटन को बढ़ावा देने की जरुरत बताई। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज करौली होना चाहिए। जिला कांग्रेस महामंत्री भूपेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि मजबूत राजनीतिक नेतृत्व के अभाव में करौली विकास में पिछड़ा है।

रोजगार के साधन नहीं है। विकास के लिए खनन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। खनन व्यवसायी पूरणप्रताप चतुर्वेदी ने उद्योग विकसित करने पर जोर देते हुए नियमों के चलते खनन व्यवसाय प्रभावित होने की बात कही। योग शिक्षक विनोद गुर्जर बोले कि यह सच है कि करौली पिछड़ा है, लेकिन प्रकृति की दृष्टि से यह इलाका पूर्ण सम्पन्न है।

विडंबना है कि सरकार ने आजादी के 70 वर्ष बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया। पर्यटन की विपुल संभावनाओं के साथ औषधीय पौधे प्रचूर मात्रा में हैं, जिन्हें बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस जिला महामंत्री अनिल मेडिकल ने कहा कि करौली में रोडवेज डिपो, मासलपुर में स्टोन मार्ट का कार्य शीघ्र पूरा होना चाहिए। साथ ही मण्डरायल की चम्बल नदी पर पुल का निर्माण होने पर इलाके का विकास हो सकेगा। स्थानीय चिकित्सालय में उपनियंत्रक डॉ. भुवनेश बंसल बोले कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के लिए बिना किसी भावनाओं में बहे अच्छा जनप्रतिनिधि चुनने की जरुरत है। इसके लिए जागरुक होना होगा।

भाजपा शहर मण्डल महामंत्री वीरेन्द्र मित्तल ने कहा कि स्वच्छ व्यक्ति जनप्रतिनिधि बने। ये पहली आवश्यकता है।

एनजीओ से जुड़े अरविन्द राय ने कहा कि सरकार योजनाएं तो बहुत बनाती है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उनकी उचित क्रियान्विति की जानी चाहिए। महात्मा ज्योतिबा फुले राष्ट्रीय संस्थान के पूर्व जिलाध्यक्ष भंवर माली बोले कि औद्योगिक दृष्टि से पिछड़ा है। इसके लिए रेल लाइन भी जरुरी है।

सïैय्यद फजले अहमद, दुकानदार मुकेश शर्मा, गुड्डू गुप्ता आदि ने कहा कि चुनाव में जाति-धर्म से ऊपर उठकर स्वच्छ छवि का जनप्रतिनिधि चुने जाने की जरूरत है।

विकास स्वत: ही हो जाएगा। जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष हाजी रुखसार अहमद बोले कि सरकार ये ना देखे कि विधायक किस पार्टी का है, जनता तो सभी को वोट देती है। रुखसार ने क्षेत्र में सिलिकोसिस पीडि़तों को समुचित सहायता नहीं मिलने की भी बात कही। चर्चा के दौरान करौली में उच्च शिक्षा में विभिन्न विषयों में पीजी कक्षाओं की जरूरत के साथ पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

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