प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की इस युवा चित्रकार के स्कैचों की तारीफ, फिल्मी सितारों ने भी सराहा

कल्पनाओं के लिए आसमान काफी है, बस जिद चाहिए मेहनत के परवाजों से उड़ान देने की। मन में जज्बा हो और मेहनत व लगन के साथ आगे बढ़ा जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। कुछ कर गुजरने के जुनून का नाम है ऋषिका झा।

By: Anil dattatrey

Updated: 12 Jan 2021, 09:39 AM IST

हिण्डौनसिटी. कल्पनाओं के लिए आसमान काफी है, बस जिद चाहिए मेहनत के परवाजों से उड़ान देने की। मन में जज्बा हो और मेहनत व लगन के साथ आगे बढ़ा जाए तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। कुछ कर गुजरने के जुनून का नाम है ऋषिका झा। मूलत: बिहार की इस युवा चित्रकार ने प्रारंभ में चित्रकारी की कोई औपचारिक पढ़ाई नहीं की, मगर जब कैनवास पर रंगों को उकेरा, तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी तारीफ किए बगैर नहीं रह सके।

कूंची के कला कौशल को निरंतर निखारने जुटी 22 वर्षीय ऋषिका का कहना है कि स्कूली और कॉलेज की पढ़ाई के दौरान पेंसिल से कागज पर लकीरें बना आकृतियां उकेरते-उकेरते कब चित्रकार बन गई, इसका अहसास नहीं रहा। देश की प्रमुख राजनीतिक, सिनेमा और खेल जगत की हस्तियों के स्केच बना खूब शाबासी और पुरस्कार बटोरे। अब ऋषिका कूंची की कला को कॅरियर से जोडकऱ प्रोफेशनल तौर पर स्कैच बना रही है। देश के आलावा उसे विदेशों से भी स्केच बनाने के ऑनलाइन ऑर्डर भी मिलने लगे हैं।

बिहार के वैशाली से आया परिवार -
बकौल ऋषिका उसके माता-पिता वर्ष 2004 में बिहार के वैशाली जिले में रोजगार के लिए महावीरजी आए। पिता डॉ. बीके झा श्रीमहावीरजी के जैन म्यूजियम में रिसर्च ऑफिसर हैं एवं मां डेजी रानी श्रीमहावीरजी रेलवे स्टेशन स्थित श्री दिगम्बर जैन विद्यालय में अध्यापिका हैं। शुरू से ही चित्रकारी की शौकीन ऋषिका स्कूली पढ़ाई के दौरान पर्यावरण एवं जीव जंतुओं की भी मनमोहक पेंटिंग तैयार करने लगी। बेटी को डाक्टर बनाना चाह रहे पिता को चित्रकारी करना ज्यादा नहीं सुहाता। जीवविज्ञान विषय से 12 वी पढ़ाई कर मेधावी ऋषिका को गार्गी पुरस्कार भी मिला। लेकिन पढ़ाई के सोपान चढऩे के साथ पेंटिंग के प्रति उसका रुझान बढ़ता गया।

पेटिंग के प्रति जुनून-
जयपुर के कानोडिया गल्र्स कॉलेज में बीएससी और बीएड की पढाई के दौरान स्केच बनाने का क्रम जारी रहा। पेपर-पेंसिल,वाटर कलर के बाद अब ऑयल और एक्रेलिक कलर चित्र बना रही हैं। अब रंग, कूंची और कैनवास रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा बन गया है। ऋषिका ने हाल ही में राजस्थान विश्वविद्यालय के ड्राइंग एण्ड पेटिंग डिपार्टमेंट ने स्नातकोत्तर की उपाधि ली है। ऋषिका प्रोफेशनल आर्टिस्ट के रूप में कार्य कर अपना खर्च उठाती है।

एक्जीवेशन लगाने की है तमन्ना-
ऋषिका स्वतंत्रता सेनानी, आजादी आंदोलन के शहीद, फिल्मी सितारों, राजनेताओं व अन्य लोगों के 600 से अधिक स्केच बना चुकी हैं। अब वह एक्जीविशन लगा कला को प्रदर्शित करना चाहती है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर आदि सोशल मीडिया पर भी सक्रिय ऋषिका के इंस्टाग्राम पर हजारों फोलोअर्स हैं। इनमें अमीषा पटेल सहित अन्य बॉलीवुड कलाकार भी शामिल हैं।

वण्डर वूमेन का मिला अवार्ड
ऋषिका ने अपनी प्रतिभा के दम पर कई जगह से पुरस्कार भी हासिल किए हैं। वर्ष 2019 में तत्कालीन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने उसे वेव वण्डर वूमेन के अवार्ड से नवाजा। साथ ही वर्ष 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाल्यावस्था से अब तक के दर्जनों चित्रों के कोलाज की स्कैच को इण्डिया बुक ऑफ रेकॉर्ड में शामिल किया गया। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने स्कैच से अभिभूत हो शाबासी दी। ऋषिका दिल्ली के नोबल सिटीजन अवार्ड से भी नवाजी जा चुकी हंै

Anil dattatrey Reporting
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