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किसानों के संघर्ष की जीत, आंदोलन से वापस हुए तीनों कृषि बिल

The victory of the farmers' struggle, all three agricultural bills were withdrawn from the movement

किसानों ने खुशी में बांटी मिठाई, कहीं फोड़े पटाखे

करौली

Published: November 19, 2021 11:55:01 pm

हिण्डौनसिटी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार को तीनों कृषि बिल वापस लेने पर क्षेत्र के किसानों ने खुशी जताई है। किसानों का कहना है कि तीनों कृषि कानूनों की मूलत: वापसी ने साबित कर दिया है कि मांग जायज थी। यह किसानों के संघर्ष और लम्बे चले आंदोलन की जीत है। कृषि बिलों के वापसी से किसानों ने खेत-खलिहान से लेकर कृषि उपज मंडी में फसल बेचान की प्रक्रिया पूर्ववत बनने पर हर्ष व्यक्त किया है।
गांव हुक्मीखेड़ा के कृषक व किसान कांग्रेस के निवर्तमान जिलाध्यक्ष भगत सिंह डागुर ने कहा कि 11 माह से चल रहे आंदोलन के चलते केन्द्र सरकार तीनों कृषि कानूनों वापस लेने को मजबृूर हुई है। किसानों के संघर्ष की वजह से देश की कृषि व्यवस्था पंूजीपतियों के हाथ में जाने से बची है। अब किसान अपनी फसल के भण्डारण और बेचान का खुद निर्णायक रहेगा।
किसानों के संघर्ष की जीत, आंदोलन से वापस हुए तीनों कृषि बिल
किसानों के संघर्ष की जीत, आंदोलन से वापस हुए तीनों कृषि बिल
शहर के सुखदेव पुरा निवासी किसान संतोष अग्रवाल का कहना है कि कृषि बिलों की वापसी और किसान आंदोलन की जीत में किसान हित पीछे नहीं छूटने चाहिए। किसानों की आमदनी दोगुनी करने के प्रयासों के साथ केन्द्र सरकार को अब एमएससी गारंटी का कानून लाना चाहिए जिससे किसानों का भला हो सके।

श्रीमहावीरजी.
तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ करीब एक वर्ष से किसानों द्वारा सड़कों पर आंदोलन किया जा रहा था। गुरुनानक जयंती पर पीएम मोदी ने बिलों के रद्द करने का ऐलान से किसानो में खुशी की लहर दौड़ गई। क्षेत्र के किसानों ने सरकार की पहल का समर्थन कर ख़ुशी जताई है। साथ ही इसे किसानों की एकता की जीत बताया है।
श्रीमहावीरजी के किसान नेता दर्शन सिंह गुर्जर का कहना है कि सरकार ने किसानों की मांगों पर संज्ञान लेकर किसानों के हितों में फैसला लिया है इस का सभी किसानों को समर्थन करना चाहिए।
चांदन गांव के किसान हरचरण पटेल का कहना है कि मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला जिससे किसानों के संघर्ष की जीत हुई है। निश्चित ही किसानों को फायदा होगा।


किसी ने बांटी मिठाई तो किसी ने बताई चुनावी चाल

पटोंदा.
केंद्र सरकार की ओर से तीन कृषि कानून वापस लेने की घोषणा पर कई किसान निराश नजर आए तो कई किसान खुश होकर मिठाई बांटी।
पटोंदा निवासी कृषक बलबीर सिंह का कहना है कि मोदी द्वारा पारित किए गए तीनों कृषि कानून किसानों के हित में थे। राजनीतिक विरोधियों ने किसानों को भड़काया था। जिस कारण आन्दोलन खड़ा हो गया।
वहीं गांव बनवारीपुर के किसान शिव सिंह सेजवाल का कहना है कि कानूनों एवं केंद्र सरकार के विपक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला था। इसकी भनक केंद्र सरकार को लग गई। इसलिए कानून वापस ले लिए। पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भी बिल वापस लिए गए हैं।
कृषि बिल वापसी पर टाइगर फोर्स ने जताया हर्ष

हिण्डौनसिटी. प्रधानमंत्री द्वारा कृषि बिलों को वापस लेने पर कृषि कार्य से सम्बद्ध संगठनों ने हर्ष जताया है। टाइगर फोर्स के कार्यकर्ताओं ने किसानों के संघर्ष की जीत पर मिठाई बांट खुशी व्यक्त की है।
टीम टाइगर फोर्स के मन्नू चौधरी व दीपेश लहकोडिया ने बताया के एक वर्ष से अधिक समय कृषि बिलों के विरोध में किसान आंदोलन कर रहे थे। गुरुनानक जयंती पर कृषि बिलों की वापसी की घोषणा किसानों के संघर्ष की विजय है। इस दौरान टाइगर फोर्स के करण बेनीवाल, नरेंद्र चौधरी, गुलाब सिंह, विष्णु, पंकज, रजत आदि मौजूद रहे।
आतिशबाजी कर बांटी मिठाई

सूरौठ .भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश डागुर के नेतृत्व में किसानों ने आतिशबाजी की व परस्पर मिठाई खिलाकर कृषि बिलों की वापसी पर खुशी जाहिर की।
किसानों ने प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश डागुर का आंदोलन के बाद मिली जीत पर माला व साफा पहनाकर स्वागत किया इस मौके पर सौमला रात्रा पूर्व सरपंच भगवान सिंह जाटव, बृजेश भारद्वाज ,लक्ष्मण सचिव सोमली, हजारी मीना, विष्णु डागुर, विश्राम मीणा जगदीश चौधरी, केदार मीणा, प्रेम पटेल, विनोद मीणा, हरकेश मीणा विष्णु चौधरी, लट्टे मीणा, मुकेश मीणा, सहित अनेक किसानों ने संघर्ष की जीत पर हर्ष जताया है।
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