हिण्डौनसिटी. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार को बयाना रोड़ पर जाटव की सराय स्थित विद्युत निगम के सहायक अभियंता (ए-प्रथम) के कार्यालय में फीडर इंचार्ज व तकनीकी सहायक को आठ हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी फीडर इंचार्ज टोडाभीम थाना क्षेत्र के जैचड़ी गांव निवासी शिवकेश मीना व तकनीकी सहायक खानपुर निवासी रविन्द्र है। जिन्होंने तीन वर्ष से अनुपयोगी पड़े कृषि कनेक्शनों के विद्युत मीटरों की रीडिंग कम करने के एवज में एक किसान से रिश्वत मांगी थी। एसीबी टीम ने दोपहर में पहले तो फीडर इंचार्ज को दबोचा, फिर शाम करीब छह बजे टोडाभीम पुलिस की मदद से तकनीकी सहायक को गिरफ्तार कर लिया।

एसीबी करौली के डीएसपी अमरसिंह मीणा ने बताया कि हिण्डौन के सीलोतीपुरा निवासी सन्तोष अग्रवाल ने 19 फरवरी को करौली एसीबी चौकी पर परिवाद पेश किया था। जिसमें फीडऱ इंचार्ज शिवकेश मीणा व तकनीकी सहायक रविन्द्र पर अनुपयोगी पड़े दो कृषि कनेक्शनों के विद्युत मीटरों की मनमर्जी से रीडिंग निकालने एवं रीडिंग कम करने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे। परिवाद मिलने के बाद शिकायत का सत्यापन कराया गया। जिसमें मामला सही पाया गया। इसके बाद एसीबी द्वारा परिवादी को साथ लेकर आरोपियों को दबोचने के लिए जाल बिछाया गया।

12 हजार मांगे, 8 हजार रुपए में तय हुआ सौदा-
एसीबी के डीएसपी ने बताया कि आरोपी तकनीकी सहायक ग्रामीण-शहरी फीडर का इंचार्ज है। तथा रविन्द्र उसका तकनीकी सहायक है। वेे परिवादी संतोष अग्रवाल की पत्नी के नाम से अनुपयोगी पड़े विद्युत कनेक्शन व एक अन्य कनेक्शन की मनमर्जी से रीडिंग निकालते थे। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने दोनो को फंसाने के लिए जाल बिछाया। आरोपियों ने आगामी चार माह तक के बिजली बिलों की मीटर रीडिंग कम करने के एवज में परिवादी से 12 हजार रुपए की मांग की थी। लेकिन कई बार की वार्ता के बाद आठ हजार रुपए की राशि देने पर सहमति बन गई।

तीसरे प्रयास में दबोचे गए आरोपी-
एसीबी की टीम ने शिकायत के सत्यापण के बाद आरोपी फीडर इंचार्ज व तकनीकी सहायक को पकडऩे की तैयारी की। एक बार चौपड़ के पास व दूसरी बार शिकायत कर्ता के लहसौड़े के बगीचे पर आरोपियों को बुलाया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इसके बाद एसीबी ने शुक्रवार को फिर से आरोपी फीडर इंचार्ज को दबोचने का प्लान तैयार किया। दोपहर बाद परिवादी संतोष ने आरोपी तकनीकी सहायक को शिवकेश को फोन किया और रिश्वत के रुपए देने की बात कही। आरोपी ने उसे जाट की सराय स्थित सहायक अभियंता कार्यालय बुलाया। जहां बाहरी परिसर में बनी पार्किंग में आरोपी तकनीकी सहायक ने पीडि़त किसान से आठ हजार रुपए की रिश्वत राशि लेकर अपनी बाइक की डिक्की में रख ली। इसी बीच वहां पहले से मौजूद एसीबी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद में उसकी निशानदेही पर बाइक की डिक्की से रिश्वत में ली गई आठ हजार रुपए की राशि को जब्त कर लिया। शाम को टोडाभीम पुलिस दूसरे आरोपी तकनीकी सहायक रविन्द्र को उसके गांव खानपुर से पकड़ लाई। कार्रवाई दल में एसीबी के रीडर बृजेश कुमार, श्याम सिंह, कपिल सिंह, केशवदेव, गोपेन्द्र सिंह के अलावा नगरपरिषद के सफाई निरीक्षक पिन्टूराम मीना व फायरमैन लोकेश कुमार स्वतंत्र गवाह के रूप में मौजूद थे।

कार्रवाई से निगम कार्यालय में मचा हडक़ंप-
एसीबी की अचानक कार्रवाई से निगम के सहायक अभियंता कार्यालय में हडक़ंप मच गया। फीडर इंचार्ज व तकनीकी सहायक के पकड़े जाने पर कार्यालय में अन्य कर्मचारी इधर-उधर हो गए। वहां मौजूद कई कार्मिकों से एसीबी ने पूछताछ की।

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