लॉकडाउन के बाद ‘अनलॉक’ हुआ अवसाद: राजस्थान के इस जिले में 6 दिन में 8 जनों ने की आत्महत्या

'Unlock' depression after lockdown: 8 people committed suicide in 6 days in this district of Rajasthan

By: Anil dattatrey

Updated: 30 Jun 2020, 10:34 AM IST

हिण्डौनसिटी. कोरोना महामारी के दौर में लगे लॉकडाउन के बाद एकाएक ‘अवसाद’(डिप्रेशन) अनलॉक सा हुआ है। ऐसे में करौली जिले में मानसिक अवसाद कोविड-19 वायरस से ज्यादा जानलेवा साबित हो गया है। अवसाद का कारण कोरोना की वजह से बदली जीवनशैली और लॉकडाउन से आई आर्थिक मंदी को माना जा रहा है। जिले में अब तक तीन महिलाओं समेत चार की मौत हुई हैं। जबकि अनलॉक-1 के चलते बीते छह दिनों में ही जिले में 8जने आत्महत्या कर चुके हैं। इस छोटी सी अवधि में आत्महत्या कर लेने के कुछ और मामले भी है, लेकिन किन्ही कारणों से वे पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुए।

हिण्डौन में तीन दिनों में छह ने की खुदकुशी-
पुलिस के अनुसार शहर में 26 जून की रात को राज पैलेस के समीप के निवासी विवेक महाजन ने अपने दोस्त बयाना मोड़ निवासी अभय कुमार ऐरन की हत्या करने के बाद ट्रेन के आगे लेट कर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद 27 जून को मूलत: चिनायटा व हाल पावटियान का पुरा निवासी आठवीं कक्षा के छात्र 14 वर्षीय दीपेन्द्र सिंह जाट ने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसी दिन क्यारदाखुर्द गांव में नवविवाहिता शैलेष देवी जाट फंदे पर झूल गई। इसी प्रकार 28 जून को अलसुबह बडका पुरा निवासी युवक सुगरसिंह जाटव घर में पंखे के कुंदे पर फांसी लगा आत्महत्या करली। जबकि दोपहर में जाटव बस्ती निवासी युवक विनोद कुमार जाटव ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इसके अलावा समीप के एक गांव में एक महिला ने भी जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी।

सपोटरा में भी दो की गई जान -
जिले के सपोटरा इलाके के शेखपुरा गांव में 23 जून को युवक विनोद कुमार मीना ने पेड़ की डाली पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद 25 जनू को शेखपुरा में ही महिला रामजती मीना ने आत्महत्या कर ली। इसके अलावा क्षेत्र में अन्य आत्महत्याएं भी हुई,लेकिन वे पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं।


लॉकडाउन में बढ़ा अवसाद, खूब आए डिप्रेशन के रोगी-
कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन की वजह से लोगो में अवसाद बढ़ा है। लंबे समय तक लोगों का घरों में एक साथ रहना हुआ है। इसकी वजह से घरेलू विवाद बढ़े हैं। अगर आत्महत्या करने को उद्दत व्यक्ति को सिर्फ दो मिनट रोक लिया जाए तो अवसाद का उद्वेग कम होने से तात्कालिक तौर पर इसे टाला जा सकता है।
डॉ. आशीष शर्मा, फिजीशियन, राजकीय चिकित्सालय, हिण्डौनसिटी।

बेरोजगारी व पारस्परिक संबंधों में खटास बनाती निराशावादी-
लॉकडाउन में आई आर्थिक मंदी के अलावा घरों में अधिकांश समय बिताने से पारस्परिक संबधों में आई खटास व बेरोजगारी से हुई निराशा के कारण लोग अवसाद ग्रस्त हुए हैं। निराशावादी नहीं होना चाहिए। डिजीटल दुनिया और मोबाइल आदि से दूर रख स्वयं को कामकाज में व्यस्त रखना चाहिए। सही समय पर उपचार व चिकित्सकीय परामर्श से डिप्रेशन से बाहर आया जा सकता है।
-डॉ. प्रेमराज सेहरा, मनोरोग चिकित्सक, जिला चिकित्सालय, करौली।


बुद्ध-गुरु के वक्री होने से बढ़ा अवसाद
सूर्य ग्रहण पर गुरु, शनि,बुध, शुक्र, राहु और केतु एक साथ वक्री थे। गुरु और बुद्ध के वक्री होने से अवसाद (डिप्रेशन) अधिक उत्पन्न हुआ है। ये दोनों ग्रह बुद्धि विवेक ज्ञान के स्वामी हैं। इनके एक साथ वक्री होने से अपराध तनाव हत्या की अधिकता के योग बन रहे हैं। सूर्यग्रहण मिथुन राशि पर पड़ा है। करौली(जिला) की भी यही राशि होने से बीते 8 दिनों में जिले में आत्महत्या बढ़ी हैंं।
ज्योतिषाचार्य पंडित लक्ष्मी नारायण पाठक,पाठक पाड़ा, हिण्डौनसिटी.

Anil dattatrey Reporting
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