भाड़े पर टैक्सी लेकर करते थे लूट-अपहरण की वारदात

भाड़े पर टैक्सी लेकर करते थे लूट-अपहरण की वारदात

पुलिस के हत्थे चढ़े चार आरोपी

करौली जिले की पुलिस ने गढमोरा के टैक्सी चालक के अपहरण और लूट के मामले में जिन चार आरोपियों को तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार किया वो ऐसी वारदात पहले भी करते रहे हैं। पुलिस द्वारा की जा रही पूछताछ में इस तरह का खुलासा हुआ है। थानाधिकारी वीर सिंह गुर्जर ने इन आरोपियों की वारदातों की जानकारी देते हुए बताया कि इनका मुख्य धंधा भाड़े पर टैक्सी ले जाना और फिर चालक को बंधक बनाकर उससे रकम वसूलना रहा है।

By: Surendra

Updated: 19 Apr 2021, 08:55 PM IST

भाड़े पर टैक्सी लेकर करते थे लूट-अपहरण की वारदात

पुलिस के हत्थे चढ़े चार आरोपी

करौली जिले की पुलिस ने गढमोरा के टैक्सी चालक के अपहरण और लूट के मामले में जिन चार आरोपियों को तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार किया वो ऐसी वारदात पहले भी करते रहे हैं। पुलिस द्वारा की जा रही पूछताछ में इस तरह का खुलासा हुआ है।
थानाधिकारी वीर सिंह गुर्जर ने इन आरोपियों की वारदातों की जानकारी देते हुए बताया कि इनका मुख्य धंधा भाड़े पर टैक्सी ले जाना और फिर चालक को बंधक बनाकर उससे रकम वसूलना रहा है।
ये युवक अलग-अलग स्थानों से भाड़े पर टैक्सी लेकर रवाना होते थे। फिर रास्ते में सुनसान जगह पर टैक्सी को किसी बहाने से रुकवाते और चालक के साथ मारपीट कर उसे बंधक बना लेते। उसके पास जो कुछ होता उसे तो लूटते ही, इसके अलावा रिहाई की एवज में चालक से मोबाइल से ऑनलाइन राशि स्वयं व मिलने वाले के खाते में डलवाते। इसके बाद चालक टैक्सी में तोडफ़ोड़ व खराबी कर चालक को छोड़ भाग जाते। चालक के परिजनों को बंधक बनाने का संदेश भेजकर भी राशि ऐंठते थे।
थानाधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी नादौती थानान्तर्गत सोप निवासी मानसिंह मीणा (37) पुत्र कमल राम मीणा, बामनवास थाना क्षेत्र में दातासूती निवासी कमल सिंह मीणा (26) पुत्र कैलाश मीणा, बामनवास थाने के रानीला गांव निवासी राधेश्याम मीणा (28) पुत्र लख्मीचंद मीणा तथा टोडाभीम थाने के महस्वा गांव का गणपत मीणा (25) पुत्र हरज्ञान मीणा है। चूंकि ये सभी आरोपी इसी इलाके के हैं, इसलिए इनकी वारदात का क्षेत्र ज्यादातर करौली, सवाईमाधोपुर और दौसा जिले ही रहे हैं।
ये सभी आरोपी जयपुर में कमरा किराए से लेकर रहते थे। बताया गया है कि किसी भी वारदात के बाद पकड़ में आने से बचने के लिए अगले दिन कमरा बदल लिया करते थे। इनके कमरे में सोने के बिस्तरों के अलावा और कुछ भी ज्यादा सामान नहीं रखते। इसका कारण यह बताया कि ये युवक दिनभर इधर उधर घूमने के बाद होटल पर खाना खाकर कमरे में केवल रात्रि में सोने आते थे।

नादौती इलाके की वारदात से फंसे चंगुल में

चारों आरोपी इस तरह की वारदात लम्बे समय से कर रहे थे। लेकिन नादौती क्षेत्र में 14 अप्रेल को की गई वारदात के मामले में ये पुलिस के हत्थे चढ़ गए। हुआ यह कि
आरोपी मानसिंह, कमल सिंह मीणा व राधेश्याम मीणा ने 14 अप्रैल को राजेंद्र कुमार योगी निवासी गढ़मोरा हाल निवासी कृष्ण बिहार आगरा रोड जयपुर की गाड़ी को श्रीमहावीरजी ले जाने के लिए जयपुर में भाड़े पर बुक किया। तीनों गाड़ी में बैठकर जयपुर से सिकंदरा होते हुए सोप गांव आ गए। सोप गांव में तीनों ने सुनसान जगह पर चालक से जबरदस्त मारपीट की तथा जान से मारने का भय दिखाते हुए मोबाइल से अपने किसी परिचित के खाते में 20 हजार से अधिक राशि डलवा ली। इसके बाद वे
चालक को लाहाबद कुंड के पास छोड़ कर फरार हुए। इसकी प्राथमिकी राजेंद्र योगी ने 16 अप्रैल को नादौती थाने में दर्ज कराई थी। मामले में पुलिस ने आरोपियों को मोबाइल लोकेशन के आधार पर 24 घंटे में ही जयपुर से गिरफ्तार करने में सफलता पा ली। थानाधिकारी वीरसिंह के नेतृत्व में सहायक उप निरीक्षक हर गोपाल सिंह, हैड कांस्टेबल हेतराम, हैडकांस्टेबल बत्ती लाल मीणा, कॉन्स्टेबल राजेश कुमार, शुगर सिंह आदि की टीम ने जयपुर में मोबाइल से मिले संकेत के आधार पर दबिश दी और आरोपियों को पकड़ लिया। पकड़ में आए आरोपियों ने वारदात करना कबूल किया। साथ ही पूछताछ करने पर अन्य वारदात करने की जानकारी भी दी। थानाधिकारी का दावा है कि इनसे लूट, अपहरण की अन्य वारदातें खुलने की उम्मीद है।

Surendra Bureau Incharge
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