scriptWas giving picketing in Jaipur, accused made in nuisance | जयपुर में दे रहा था धरना, उपद्रव में बना दिया आरोपी | Patrika News

जयपुर में दे रहा था धरना, उपद्रव में बना दिया आरोपी

जयपुर में दे रहा था धरना, उपद्रव में बना दिया आरोपी

जांच समिति को पीडि़त के भाई ने दिया परिवाद
ऐसे और भी बताए जा रहे हैं आरोपी जिनको तलाश रही पुलिस
करौली . शहर में दो अप्रेल को हुए उपद्रव के दौरान कई के रोजगार छिने तो अनेक चोटिल हुए। अनेक दुकान और आशियाने जल गए तो कुछ ऐसे भी हैं जिनकी जीवन भर की कमाई खाक हुई।
इन सबके बीच ऐसे भी लोग कम नहीं हैं, जो इस उपद्रव की बेवजह चपेट में आ गए हैं। इनमें ज्यादातर युवा हैं।

करौली

Published: April 20, 2022 11:50:23 am

जयपुर में दे रहा था धरना, उपद्रव में बना दिया आरोपी

जांच समिति को पीडि़त के भाई ने दिया परिवाद
ऐसे और भी बताए जा रहे हैं आरोपी जिनको तलाश रही पुलिस
करौली . शहर में दो अप्रेल को हुए उपद्रव के दौरान कई के रोजगार छिने तो अनेक चोटिल हुए। अनेक दुकान और आशियाने जल गए तो कुछ ऐसे भी हैं जिनकी जीवन भर की कमाई खाक हुई।
इन सबके बीच ऐसे भी लोग कम नहीं हैं, जो इस उपद्रव की बेवजह चपेट में आ गए हैं। इनमें ज्यादातर युवा हैं। कुछ युवा तो केवल शोभायात्रा में ही शामिल हुए थे तो आरोपी के रूप में दर्ज हो गए। कुछ उस दौरान मौजूद भी नही थे फिर भी पुलिस थाने में दर्ज मुकदमों में फंस गए हैं। कानूनी प्रपंच में उलझने से ऐसे युवाओं के भविष्य पर तलवार लटक गई है।
ऐसे ही एक युवक जीतू शुक्ला ने यहां प्रशासनिक जांच के लिए आई समिति के समक्ष अपना परिवाद पेश किया। इसमें जीतू शुक्ला ने बताया है कि वह 2 अप्रेल को सुबह लोक परिवहन की बस से कोविड हेल्थ सहायक के जयपुर में शहीद स्मारक पर दिए जा रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल होने को अपने साथियों के साथ गया था। जीतू ने इस धरना प्रदर्शन को अपने मोबाइल से दोपहर 12 बजे तथा शाम को 7 बजे लाइव किया। इस बीच में 5 बजे राजस्थान नर्सिंग काउसलिंग कार्यालय जयपुर में रजिस्टार शशिकांत शर्मा से मुलाकात करने गया। यह मुलाकात वहां के रजिस्टर में अंकित भी है। फिर भी एक प्राथमिकी में जीतू शुक्ला आरोपी है और पुलिस उसे तलाश रही है।
केवल एक नहीं ऐसे अन्य उदाहरण भी हैं, जिनमें सदस्य उपद्रव के दौरान किसी अन्य स्थान पर मौजूद था लेकिन उसका नाम आरोपियों की सूची में दर्ज है।
शोभायात्रा में शामिल सदस्यों की संख्या 700 से अधिक रही थी। इनमें ज्यादातर युवा थे जो पढ़ाई कर रहे हैं या नौकरियों के आशार्थी हैं। शोभायात्रा में शामिल ऐसे अनेक लोगों के नाम प्राथमिकियों में दर्ज करा दिए गए हैं और पुलिस उनको तलाश रही है। इससे ये आरोपी डर के मारे 15 दिन से भूमिगत हुएहैं। जबकि उनका कहना है कि शोभायात्रा में शामिल सभी लोग उपद्रव में शामिल नहीं थे। जानकार बताते हैं कि एक समुदाय की ओर से दर्जकराई प्राथमिकियों में हिन्दूवादी संगठनों या शहर में सक्रीय युवाओं के जाने-पहचाने नाम लिखाए गए हैं। शोभायात्रा के वीडियो देखकर भी इसमें शामिल सदस्यों को आरोपी मान लिया गया है। इतना ही नहीं जो सदस्य चोटिल होकर अस्पताल में पहुंचे हैं, उन पर भी आगजनी की वारदात में शामिल होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप यह है कि पुलिस गिरफ्तारी से पहले किसी के उपद्रव में शामिल होने या न होने की पड़ताल भी नहीं कर रही है। सूत्रों के अनुसार उपद्रव के मामले में एक-दूसरे का नाम लिखाकर अपनी रंजिशें भी निकाली जा रही हैं। जिनकी किसी से रंजिश है, उसका नाम या तो प्राथमिकी में लिखा दिया गया है या फिर पुलिस से सम्र्पक करके उसके उपद्रव में शामिल होने वालों की सूची में नाम अंकित कराया है। पुलिस के लिए भी नामजद आरोपियों के साथ अन्य लोगों की तलाश करनी है। प्रत्येक प्राथमिकी में अन्य जने शामिल होने का उल्लेख है। ऐसे में पुलिस अन्य के नाम पर शोभायात्रा में दिखे चेहरों और धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में सक्रीय रहने वाले चेहरों की तलाश में लगी है। जबकि कुछ प्रत्यक्षदर्शी कहते है कि उपद्रव करने वालों में जाने पहचाने चेहरे कम बल्कि अनजान चेहरे अधिक थे जो अपने चेहरों को ढके हुए थे। ऐसे लोगों को पुलिस के लिए तलाश कर पाना वाकई मुश्किल है। ऐसे में शहर के अनेक युवा इस उपद्रव की चपेट में आने की आशंका से आहत होकर बीते 15 दिन से भूमिगत हंै। आखिर इनको पुलिस की तलाश से कैसे निजात मिल पाएगी, इस सवाल का किसी के पास जबाव नहीं है। प्रशासनिक जांच समिति के पास ऐसे युवाओं की पैरवी करने को भी कोई नहीं पहुंचा। इधर उपद्रव के घटनाक्रम में पुलिस की एक प्राथमिकी के अलावा 36 अन्य प्राथमिकी अभी तक दर्ज हुई हैं। इनमें 125 आरोपी नामजद है। ऐसे कई सदस्य हैं जिनके कई प्राथमिकियों में नाम हैं। पुलिस अभी तक 31 जनों को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य की तलाश लगातार की जा रही है। पुलिस अधीक्षक का कहना है कि बिना पुख्ता साक्ष्य-सबूत के किसी को अनावश्यक नहीं फंसाया जाएगा।
जयपुर में दे रहा था धरना, उपद्रव में बना दिया आरोपी
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