पानी गया रसातल में, फसल करने और प्यास बुझाने के लिए संकट

पानी गया रसातल में, फसल करने और प्यास बुझाने के लिए संकट
सूख रहे नदी- नलकूप, बढ़ती जा रही हर साल समस्या
चम्बल का पानी पांचना से गम्भीर और जगर में लाने की उठ रही मांग

चम्बल का पानी करौली इलाके के पांचना बांध में लाकर हिण्डौन क्षेत्र की गम्भीर नदी और जगर बांध में पहुंचाने की मांग को लेकर गुरुवार को हिण्डौन क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कर्नल किरोड़ी बैंसला के पुत्र विजय बैंसला के नेतृत्व में दिया गया।

By: Surendra

Published: 03 Dec 2020, 08:07 PM IST

Karauli, Karauli, Rajasthan, India

पानी गया रसातल में, फसल करने और प्यास बुझाने के लिए संकट
सूख रहे नदी- नलकूप, बढ़ती जा रही हर साल समस्या
चम्बल का पानी पांचना से गम्भीर और जगर में लाने की उठ रही मांग

विजय बैंसला के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल में कलक्टर को सौंपा ज्ञापन

चम्बल का पानी करौली इलाके के पांचना बांध में लाकर हिण्डौन क्षेत्र की गम्भीर नदी और जगर बांध में पहुंचाने की मांग को लेकर गुरुवार को हिण्डौन क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन कर्नल किरोड़ी बैंसला के पुत्र विजय बैंसला के नेतृत्व में दिया गया।
ज्ञापन में बताया गया है कि हिण्डौन क्षेत्र के गांवों में पानी की कमी से भू जल स्तर लगातार नीचे गिरता जा रहा है। बीते ५ साल में भू जल स्तर २०० से४०० फीट तक नीचे चला गया है। इस कारण नलकूप सूखते जा रहे हैं। इलाके में लोगों के सामने पीने के पानी और सिंचाई के लिए पानी की समस्या सामने आने लगी है। पीने के पानी का टीडीएस 2 साल में 3000 से बढ़कर 5000 तक हुआ है। इससे फ्लोराइड युक्त पानी विभिन्न बीमारियों का जन्म दे रहा है। खारे पानी से सिंचाई करने से किसानों की फसल पर व जमीन पर दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पानी की समस्या से त्रस्त करौली, गंगापुर सिटी, वजीरपुर, नादौती़, महावीर जी, टोडाभीम, हिंडौन, बयाना, वैर, रूपवास, उज्जैन, भरतपुर व अन्य इलाकों के करीब 2 से 3 हजार गांव हैं। पानी की समस्या के कारण कुओं का जलस्तरभी घटता जा रहा है।
ज्ञापन में इस समस्या का समाधान चंबल के पानी को बताया गया है। मांग की गई है कि चम्बल का पानी पांचना बांध में लाकर जगर बांध व गम्भीर नदी में प्रवाहित किए जाने से इलाके के गांवों की पानी की समस्या का स्थायी समाधान सम्भव है। लोगों को पीने के पानी के साथ सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
ज्ञापन देने के बाद विजय बैंसला ने बताया कि इस बारे में वृहद परियोजना बनाने की जरूरत है। इसके बारे में वे पहले भी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और जिला कलक्टर को अवगत करा चुके हैं। इससे पहले बैंसला हाऊस पर सर्व समाज की बैठक में सरकार से मांग की गई कि 3 माह में पांचना बांध, गंभीर नदी, जगर बांध में चम्बल के पानी को लाने की रूपरेखा तैयार कर सर्वसमाज के लिए बताई जाए। इसके बाद आगामी निर्णय किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में विजय सिंह बैंसला, भाग सिंह मोरोली, विक्रम सिंह मोरोली, सियाराम मदनपुर, रणजीत सिंह मीणा, अश्वनी भारद्वाज, जुगल किशोर मीणा, डूंगर सिंह चौधरी, दिनेश चंद मीणा, जीतू तंवर, करतार सिंह चौधरी आदि मौजूद रहे।

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