पानी के मारे किया पलायन

पानी के मारे किया पलायन

ashish Sain | Publish: Jun, 03 2016 09:14:00 PM (IST) Karauli, Rajasthan, India

रशासन व जलदाय विभाग चाहे पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने का दावा करता हो, लेकिन राहिर पंचायत के आमरेकी गांव में यह दावा खोखला साबित हो रहा है। पानी के अभाव में ग्रामीण अपने घरों व मवेशियों को भगवान भरोसे छोड़ पलायन कर गए हैं, जो पीछे बचे हैं वे भी जाने की तैयारी में हैं।


भीषण गर्मी के दौर में डांग क्षेत्र के इलाकों में जल संकट के चलते हालात खराब हैं। प्रशासन व जलदाय विभाग चाहे पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने का दावा करता हो, लेकिन राहिर पंचायत के आमरेकी गांव में यह दावा खोखला साबित हो रहा है। पानी के अभाव में ग्रामीण अपने घरों व मवेशियों को भगवान भरोसे छोड़ पलायन कर गए हैं, जो पीछे बचे हैं वे भी जाने की तैयारी में हैं। आलम यह है कि आधे घरों पर ताले लटकते नजर आते हैं।
जानकारी के अनुसार गांव के प्रमुख पेयजल स्रोतों में से एक कुएं सूख गए हैं। हैण्डपम्पों का भी अमूमन यही हाल है। इस कारण प्रशासन ने दो टैंकर से पानी की आपूर्ति शुरू कराई, लेकिन इनसे ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। मवेशियों के लिए तो पानी उपलब्ध कराना चुनौती है।



पूरा मोहल्ला हुआ खाली
डांग क्षेत्र के आमरेकी गांव में पेयजल के हालात विकराल मिले। आमरेकी गांव में 80 घरों की बैरवा बस्ती में ताले लटके हैं। ग्रामीण पलायन कर गए हैं, जिनमें सर्वाधिक विधवा महिला तथा आर्थिक रूप से कमजोर लोग हैं। गांव की अमर बाई, प्रकाश, दिनेश, लखन सहित अन्य के घरों पर ताले लटके हैं। रामखिलाड़ी बैरवा तथा नारायण भी घरों पर ताला लगाकर चले गए हैं। वे बुधवार को उचित मूल्य की दुकान पर राशन का गेहूं लेने आए थे, तब उन्होंने बताया कि गांव में पानी नहीं है। इस कारण वे अपनी ससुराल नानपुर में रहते हैं। मवेशियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। पानी की कमी से मवेशी भी अकाल मौत मर रहे हैं। 



आठ दिन में एक दिन नहाते
आमरेकी गांव में पानी की किल्लत ऐसी है कि आठ दिन में एक दिन लोग नहाते हैं। घर के सदस्यों ने एक-एक दिन नहाने का निर्धारित कर रखा है।
महिलाओं ने बताया कि पानी के अभाव में वे नहा नहीं पाती हैं। इस कारण पूजा-पाठ छूट गया है। चर्म रोग  होने की आशंका है। बच्चे तो कभी-कभार नहा पाते हैं।  




टैंकर का रहता इंतजार
2400 घरों की आबादी पर प्रशासन ने दो टैंकर लगा रखे हैं।  इनसे पानी की पूर्ति नहीं हो पाती। ग्रामीणों का आरोप है कि दो दिन में एक टैंकर ही रोजाना पानी की आपूर्ति करता है। इस कारण पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। ग्रामीण दिन भर पानी को तरसते रहते हैं।



पलायन हो रहा है
पानी के अभाव में आमरेकी के ग्रामीण पलायन कर रहे हैं। 100 से अधिक घरों पर ताले लटक गए हैं। टैंकरों की संख्या बढ़ाने की प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है।
रामफल मीणा
सरपंच, राहिर




घरों पर ताले लटके हैं
घरों पर ताले लगाकर ग्रामीण पानी वाले स्थान पर चले गए हैं। मैं भी दूसरे स्थान पर रहता हूं। ग्रामीणों को गेहूं बांटने के लिए आया हूं। गेहंू लेने वाले उपभोक्ताओं को दूसरे गांव से पानी लाकर पिलाता हूं।
सुरेशचन्द शर्मा
राशन डीलर, आमरेकी




पर्याप्त प्रबंध करेंगे
आमरेकी गांव में पानी के पर्याप्त प्रबंध किए जाएंगे। जलदाय विभाग व निभैरा पंचायत के सचिव से तथ्यात्मक रिपोर्ट ली जाएगी। पानी की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
मुकेशकुमार मीणा
उपखण्ड अधिकारी, सपोटरा

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