जलदायकर्मी ही करवा रहे पानी की चोरी!, तीन कार्मिक निलंबित

water workers are doing water theft!, three personnel suspended

-अवैध नल कनेक्शन कराने में संलिप्त मिले पम्प चालक, फिटर व स्टोर मुंशी पर कार्रवाई
-अधिशासी अभियंता की अभिशंसा पर अधीक्षण अभियंता ने की कार्रवाई

By: Anil dattatrey

Updated: 11 Jun 2021, 08:51 AM IST


हिण्डौनसिटी. कहावत है कि 'जब बाढ़ ही खेत को खाने लग जाए तो बेचारा किसान क्या करे'। ये कहावत जनस्वास्थय अभियांत्रिकी विभाग के हिण्डौन खंड कार्यालय पर सटीक बैठ रही है, क्योंकि विभाग के कर्मचारी ही पाइप लाइनों में अवैध कनेक्शन करवाने से लेकर पानी की चोरी करवा रहें हैं। राÓय सरकार की ओर से चलाए जा रहे प्रदेश व्यापी अभियान के तहत अवैध नल कनेक्शनों की बढ़ती संख्या और सरकारी पानी की छीजत को लेकर जांच की गई तो जलदाय कर्मियों की काली करतूत पकड़ी गई। इस पर तत्काल प्रभाव से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करौली के अधीक्षण अभियंता रामनिवास मीणा ने हिण्डौन खंड कार्यालय के तीन कर्मचारियों को निलंबित किया है।


पता चला है कि विभागीय कर्मचारी पांच से 10 हजार रुपए लेकर राइजिंग लाइन या फिर डिस्ट्रीब्यूटर लाइन से अवैध नल कनेक्शन करते थे, यही नहीं उनके द्वारा अवैध नल कनेक्शन धारकों को संरक्षण भी प्रदान किया जाता था। सूत्र बताते है कि अवैध नल कनेक्शन करने वाले पीएचईडी कार्मिकों के पकड़ेे जाने की यह तो शुरुआत है। अगर विभागीय अभियंता या प्रशासन के अधिकारी और सख्ती करेंगे तो और भी स'चाई सामने आ सकती है।

ये कर्मचारी किए निलंबित-
जलदाय विभाग के सूत्रों के अनुसार आए दिन शहर की पेयजल व्यवस्था में व्यवधान, पाइप लाइनों में लीकेज व दूषित जलापूर्ति की शिकायतें अभियंताओं को मिल रहीं थी। इसी बीच सरकार के अभियान के तहत जांच कराई गई। जिसमें पीएचईडी कार्यालय में कार्यरत स्टोर मुंशी कपलेश्वर शर्मा, फिटर (द्वितीय) रामनिवास जाटव तथा पंप चालक (प्रथम) केदारलाल जाटव की जल योजना हिण्डौन में अवैध नल कनेक्शन करवाए जाने में संलिप्तता पाई गई। इस पर आठ जून को अधिशाषी अभियंता रविन्द्र मीणा ने तीनों कार्मिकों के निलंबन की अभिशंसा करते हुए करौली के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखा। जिस पर अधीक्षण अभियंता रामनिवास मीणा ने नौ जून को आदेश जारी कर आरोपी तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। निलंबन काल में इन कर्मचारियों का मुख्यालय करौली रहेगा।

अवैध नल कनेक्शनों पर होगी कार्रवाई-
शहर में पानी के अवैध नल कनेक्शन धारकों पर शीघ्र ही गाज गिरने वाली है। दरअसल जलदाय विभाग को संदेह है कि शहर में ऐसे कई कनेक्शन हो सकते हैं। नियमित जलापूर्ति के बाद यह संदेह और बढ़ गया है। रोजाना पानी की जितनी खपत हो रही है, उससे जलदाय विभाग अनुमान लगा रहा है, इतने पानी की खपत अवैध कनेक्शन होने पर ही हो सकती है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई से पहले विभाग ने सर्वे कराने की योजना बनाई है। ताकि, सर्वे से पता लगाया जा सके कि शहर में कितने अवैध नल कनेक्शन चल रहे है। अवैध कनेक्शन के जरिए मुफ्त में पानी का उपयोग करने वालों के खिलाफ विभाग कार्रवाई भी करेगा। कार्रवाई के तहत अवैध कनेक्शन पर जुर्माना थोपा जाएगा। जुर्माना राशि अदा करने पर उस कनेक्शन को रेगुलाइज करने की कवायद की जाएगी।

सैकड़ों अवैध कनेक्शन हैं शहर में-
विभाग के मुताबिक शहर में करीब 1500 से 2000 के आसपास नल कनेक्शन हैं, जिनमें घरेलू, व्यावसायिक व औद्योगिक कनेक्शन शामिल है। विभाग का मानना है कि कई कनेक्शन तो विभाग के रिकार्ड में है, पर पानी की खपत के लिहाज से देखा जाए तो इनके अलावा भी कई अवैध कनेक्शन भी हो सकते है। जो विभाग की जानकारी में नहीं है।


इनका कहना है...
शहरी जलयोजना में अवैध नल कनेक्शन करवाने में संलिप्तता पाए जाने पर तीन जलदाय कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। जांच में कार्मिकों की करतूत सामने आई थी। मेरी अनुशंसा पर विभाग के करौली अधीक्षण अभियंता द्वारा निलंबन की कार्रवाई की है। अब शहर में अवैध नल कनेक्शन पकडने के लिए शीघ्र ही सर्वे अभियान चलाएंगे। अवैध नल कनेक्शन के मामले में जो भी कर्मचारी या उपभोक्ता पकड़े जाएंगे,उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
-रविन्द्र मीणा,
अधिशासी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, खण्ड़-हिण्डौनसिटी।

Anil dattatrey Reporting
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