विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस: ये जिंदगी मिलेगी ना दोबारा....पारिवारिक समस्याओं के आगे तोड रहे सांसों की डोर

World Suicide Prevention Day: Yeh Zindagi Milegi Na Dobara.... Breaking the strings of breath in front of family problems

करौली जिले में जिले में 20 माह में 68 लोगों ने की खुदकुशी

By: Anil dattatrey

Published: 10 Sep 2021, 10:19 AM IST

हिण्डौनसिटी. करौली जिले में कोरोना के बाद अब आत्महत्या की घटनाएं महामारी का रुप ले रहीं हैं। बदलती जीवनशैली और नाकामियों का तनाव इतना हावी है कि हर उम्र और तबके से जुड़े लोग खुदकुशी करने को मजबूर हो रहें हैं। बदलते परिवेश में मणुष्य की जिंदगी में उतार-चढ़ाव तो आमतौर पर आते ही रहते हैं। कुछ लोग इनसे हार जाते हैं और आत्महत्या कर मौत को गले लगा लेते हैं। जिले में अधिकतर युवा वर्ग के लोग हैं, जो घर में हुई मामूली बात को गंभीरता से ले लेते हैं, और फांसी या फिर जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान देने पर उतारु हो जाते हैं।

44 पुरुष और 24 महिलाओं ने की आत्महत्या-
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस से पहले प्राप्त पुलिस के ताजा आंकडे बताते हैं कि करौली जिले में आत्महत्या का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। पिछले 20 माह में 68 लोग मौत को गले लगा चुके हैं। इनमें 44 पुरुष और 24 महिलाएं शामिल हैं। इससे साफ प्रतीत होता है कि पुरुषों को अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने से लेकर आर्थिक स्थिति को लेकर ज्यादा संवेदनशील रहते हैं। जिससे अधिकांश समय तनाव ग्रस्त रहते हैं। यही वजह है कि सबसे ज्यादा फांसी लगाकर जान देने के 44 मामले पुरुषों के सामने आएं हैं। इनमें अधिकांश लोग 18 से 45 वर्ष की आयु के युवा और जिम्मेदार थे। यह आंकडे 1 जनवरी 2020 से 31 अगस्त 2021 तक के पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। जबकि ऐसे भी कई मामले आते हैं, जिनका पुलिस को पता भी नही चलता है।

हिण्डौन में सर्वाधिक 37 जनों ने की खुदकुशी-
पुलिस के आंकडों पर गौर करें तो जिले में आत्महत्या के सर्वाधिक 37 मामले में हिण्डौन उपखंड क्षैत्र में सामने आए हैं। इनमें से 29 पुरुषों ने आत्महत्या कर मौत को गले लगाया है, जबकि 8 महिलाओं ने खुदकुशी की है। पुलिस के अनुसार हिण्डौन शहर कोतवाली इलाके में 15, नई मंडी थाना इलाके में 12, सदर हिण्डौन थाना इलाके में 2, सूरौठ थाना इलाके में 8 जनों द्वारा आत्महत्या की गई हैं। इसके अलावा करौली सर्किल में 15, टोडाभीम सर्किल क्षेत्र में 7 और कैलादेवी सर्किल क्षैत्र में 9 लोगों ने खुदकुशी कर मौत को गले लगाया हैं। विशेष बात यह है कि भगवान महावीर के जिओ और जीने दो के संदेश से पोषित श्रीमहावीरजी थाना इलाके में बीते 20 महीने में एक भी आत्महत्या की घटना नहीं हुई है।

फैक्ट फाइल-

-साल 2020 में 44 जनों ने की आत्महत्या।
-साल 2021 में अगस्त तक 24 जनों ने की आत्महत्या।
- साल 2020 में 27 पुरुष और 17 महिलाओं ने की खुदकुशी।
-साल 2021 में अगस्त तक 17 पुरुष और 7 महिलाओं ने की खुदकुशी।


इनका कहना है-

जिले में 20 माह में 68 लोगों द्वारा आत्महत्या करना वाकई गंभीर बात है। कोरोना के बाद आई आर्थिक मंदी और बेरोजगारी के अलावा पारिवारिक संबधों में खटास के कारण लोग अवसाद ग्रस्त हो रहे हैं। व्यक्ति को निराशावादी नहीं होना चाहिए। डिजीटल दुनिया और मोबाइल आदि से दूर रख स्वयं को कामकाज में व्यस्त रखना चाहिए। तनाव ग्रस्त होने पर परिजन या खास मित्रों से संवाद बनाए रखें। सही समय पर उपचार व चिकित्सकीय परामर्श से डिप्रेशन से बाहर आया जा सकता है। किसी के परिवार का सदस्य अगर तनाव में दिखे, तो परिजनों की जिम्मेदारी बनती है, कि उसे मनोरोग विशेषज्ञ के पास ले जाकर उचित सलाह व उपचार कराना चाहिए।


-मृदुल कच्छावा, जिला पुलिस अधीक्षक, करौली।

अधिकांश मामलों में घरेलू विवाद और मानसिक तनाव के चलते लोग आत्महत्या का फैसला ले लेते है। हिण्डौन सर्किल में 20 माह में 37 लोगों के द्वारा खुदकुशी कर लेना बड़ी बात है। आमजन की सेवा में पुलिस 24 घंटे तत्पर रहती है। किसी भी व्यक्ति को किसी के कारण आघात पहुंचा है तो वह शिकायत दर्ज करा सकता है, उसकी तत्पर सहायता की जाएगी। लोगों से अपील है कि आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाएं।

-किशोरी लाल, डीएसपी,

वृत -हिण्डौनसिटी।

परीक्षा हो या पैसा कमा कर सफलता अर्जित करने की होड़, युवाओं में इसकी उत्सुकता अधिक होती है। अचानक अड़चन आने पर आवेश में आकर आत्महत्या की ओर कदम बढा देते हैं। जबकि मध्यम वर्गीय और किसान, मजदूर आर्थिक तंगी और सामाजिक बहिष्कार के चलते ऐसे कदम उठाते हैं। तनाव में कोई भी फैसला न लें और अपने नजदीकी से सलाह लें। शांत मन से कोई आत्महत्या कर ही नहीं सकता। आवेश इसकी सबसे बड़ी वजह है।

--डॉ. प्रेमराज सेहरा, मनोरोग चिकित्सक,

जिला चिकित्सालय, करौली।


देव गुरु बृहस्पति का नीच राशि मकर में भ्रमण करने के साथ शनि की मकर राशि में स्थित होकर चंद्रमा पर सीधी दृष्टि लगने से अज्ञात भय और अवसाद बढ़ता है। यही आत्महत्याओं का कारक है। 13 अप्रेल 2022 को गुरु के मीन राशि में जाने पर अवसाद और आत्महत्याओं का सिलसिला थमेगा। बृहस्पति मानव मस्तिष्क का नेतृत्व करते हंैं तो चंद्रमा मन का। वर्तमान में चंद्रमा पर शनि की सप्तम दृष्टि तथा बृहस्पति के नीच राशि में जाने से लोगों मन और मस्तिष्क प्रभावित हुआ हैं। हलांकि 30 माह पूर्व से ही राहु केतु का धनु और मिथुन राशियों में प्रवेश होने से ऐसा योग चल रहा है। धनु और मिथुन राशि गुरु और बुद्ध की राशियां हैं,जो मानव मस्तिष्क से सीधा संबंध रखती है।


-ज्योतिषाचार्य पंडित लक्ष्मीनारायण पाठक,

पाठक पाड़ा, हिण्डौनसिटी।

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