लॉकडाउन में छूट के फैसले से आहत अनिल विज

कहा, सीएम की सोच का दायरा मुझ से बड़ा
लोग कर रहे सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन
हर जगह नहीं लग सकता पुलिस का पहरा

By: Chandra Prakash sain

Published: 04 May 2020, 07:45 PM IST

चंडीगढ़. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा सोमवार से लॉकडाउन में छूट दिए जाने के मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज आहत हो गए हैं। विज ने यहां तक कह दिया है कि इस छूट के गंभीर परिणाम आने शुरू हो गए हैं लेकिन हो सकता है सीएम की सोच का दायरा उनसे बड़ा हो और इसलिए छूट दी गई हो।
हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान छूट दिए जाने के मुद्दे पर विज ने रविवार को ही आपत्ति जताते हुए आशंका जताई थी कि हो सकता है इसके घातक परिणाम हों। सोमवार को छूट दिए जाने के बाद हरियाणा के सभी जिलों में लोगों की भीड़ जमा होने और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाए जाने की खबरें आई। यही नहीं आज अंबाला व सोनीपत समेत कई जिलों में भारी संख्या में कोरोना के रोगी सामने आए।
सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत में विज ने कहा, लोग पिछले करीब डेढ़ महीने से घरों में रुके हुए थे। एक बार खोलने के बाद फिर सख्ती करना बहुत मुश्किल है। गृह मंत्री ने कहा अब तो लोगों को अपनी सुरक्षा खुद ही करनी होगी। सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के लिए मैं तो हर दुकान पर पुलिस वाला खड़ा नहीं करवा सकता। बेशक, अर्थव्यवस्था का ख्याल करना भी जरूरी है और खर्चों को पूरा करने के लिए पैसों की भी जरूरत है लेकिन इससे हालात बिगड़ेंगे।
विज ने कहा, मुझे लगता है लॉकडाउन फिर से लगाना होगा। सोशल मीडिया पर विज का वह बयान भी वायरल है, जिसमें उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन में दी गई ढील से मैं डरा हुआ हूं। लोग कह रहे हैं कि दबंग मंत्री क्यों डर गए हैं। इसके जवाब में विज ने कहा, मैं लोगों के लिए डरा हूं। अपने लिए नहीं डरा। लोगों की चिंता की है और लोगों की चिंता करना मेरा धर्म भी है और कर्म भी है।
विज ने कहा कि मैं सरकार के निर्णय पर प्रश्न नहीं उठा रहा, लेकिन बतौर स्वास्थ्य और गृहमंत्री मुझे डर लग रहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री को इसका डर नहीं लग रहा तो विज ने कहा कि हो सकता है कि मुख्यमंत्री की सोच का दायरा मुझसे बड़ हो। जहां तक वे सोच सकते हैं, मैं वहां तक नहीं सोच पा रहा हूं। लेकिन जितनी मेरी समझ है, उस समझ के मुताबिक मुझे डर लगना स्वभाविक है।
विज ने साफ चेतावनी दी कि कोरोना असिम्प्टोमेटिक हो गया है। ऐसे में अब यह नहीं पता चल सकता कि कौन करोना का मरीज है। अब तो हो सकता है, आपके पास बैठा व्यक्ति करोना से ग्रसित हो और वो जाता-जाता आपको भी बीमारी दे दे। इससे बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग ही जरूरी है। इसकी पालना के नियम को लोगों ने अभी तक पूरे तरीके से अपनाया नहीं। जब-जब ऐसा मौका आया है तब-तब लोगों ने इसे तोड़ा है।

Chandra Prakash sain Desk
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