इस आदत पर भाजपा सांसद को झेलना पड़ा झमेला

(Hariyana News ) कहावत है कमान से निकला तीर और मुंह से निकली बात कभी वापस नहीं आती, इसलिए दोनों का उपयोग बेहद सावधानी से सोच-समझ कर करना चाहिए। नसीहत भरी इस सीख को हल्के में लेना करनाल के भाजपा सांसद (BJP M.P. ) को महंगा पड़ गया। जुंबा की इस आदत के (Party M.P. create trouble for BJP ) कारण न सिर्फ किरकिरी हुई वरन बात पार्टी द्वारा कार्रवाई तक आ पहुंची।

By: Yogendra Yogi

Published: 02 Jul 2020, 06:28 PM IST

करनाल(हरियाणा): (Hariyana News ) कहावत है कमान से निकला तीर और मुंह से निकली बात कभी वापस नहीं आती, इसलिए दोनों का उपयोग बेहद सावधानी से सोच-समझ कर करना चाहिए। नसीहत भरी इस सीख को हल्के में लेना करनाल के भाजपा सांसद (BJP M.P. ) को महंगा पड़ गया। जुंबा की इस आदत के (Party M.P. create trouble for BJP ) कारण न सिर्फ किरकिरी हुई वरन बात पार्टी द्वारा कार्रवाई तक आ पहुंची। दरअसल सांसद भाटिया बातचीत की रवानगी में ऐसा बोल बैठे कि जिसे सार्वजनिक कार्यक्रमों में बोलने से हर कोई बचना चाहता है।

जनसंवाद कार्यक्रम में हुआ झमेला
हुआ दरअसल यूं कि घरौंडा मार्केट कमेटी कार्यालय में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें लोगों को अपने समस्याएं सुनाने के लिए सांसद भाटिया भी मौजूद थे। सुनवाई के दौरान गांव कैमला के पूर्व सरपंच रमेश वर्मा ने सांसद के समक्ष पर्यटन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दी। शिकायत देखते हुए सांसद भाटिया का पारा चढ़ गया। शिकायत सुनने के दौरान संजय भाटिया ने गाली देते कहा कि ये अधिकारी चोर है। शिकायत सुनने के बाद संजय भाटिया ने रमेश वर्मा से कहा कि आप फोन करवाने के बजाय लिखित में शिकायत दें ताकि सिस्टम ठीक किया जाए।

पूर्व सरपंच ने की शिकायत
उन्होंने शिकायत लेकर आये पूर्व सरपंच रमेश वर्मा से कहा कि आप लिखित में शिकायत दें कि कैसे डिपार्टमेंट ने सीनियर कर्मचारी के बजाय जूनियर को प्रमोशन दे दिया। उस समय विधायक हरविन्द्र कल्याण भी लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। जैसे ही यह पता चला कि सांसद ने पर्यटन विभाग के अफसर को गालियां दी है, कर्मचारी संगठन विरोध पर उतर आए। सर्व कर्मचारी संघ ने सांसद द्वारा गाली देने के मामले का विरोध किया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग रखी है।

गाली देने का संघ ने किया विरोध
यह मुद्दा जब तूल पकड़ गया और भाजपा में हलचल मच गई तो सांसद भाटिया ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को सफाई दी। इसके बाद सार्वजनिक रूप से कहा कि गाली किसी को व्यक्तिगत रूप से नहीं दी गई। जैसे बातचीत में हमारे मुंह से बात निकलती है। यह भी वैसे ही थी। लेकिन फिर भी मैं जनप्रतिनिधि हूं। लोग मुझे फॉलो करते हैं। मैंने एक सीख ली है कि बातचीत करते हुए फ्लो में भी मेरे मुंह से गलत शब्द नहीं निकलना चाहिए। कर्मचारी संघ के विरोध के सवाल पर सांसद का कहना था कि संघ भी मुझे ये बता दे कि मैंने किस अधिकारी के लिए वह अपशब्द बोला था? तो मैं उनसे भी माफी मांग लूंगा।

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