कोरोना काल में दुगने वेतन के बावजूद हरियाणा में नहीं मिल रहे चिकित्सक

(Haryana News ) हरियाणा सरकार कोरोना काल (Corona period ) में एक नई तरह की (A news kind challenge in Haryana ) चुनौती से जूझ रही है। कोरोना के कारण इस हरित प्रदेश में डॉक्टर (Doctors don't want to government job in Haryana ) ढूंढे से भी नहीं मिल रहा है। सरकार डॉक्टर्स को मनचाहा वेतन भी उपलब्ध कराने को तैयार है, इसके बावजूद डॉक्टर सरकारी नौकरी में आने को तैयार नहीं हैं।

By: Yogendra Yogi

Published: 28 Sep 2020, 07:39 PM IST

करनाल (हरियाणा): (Haryana News ) हरियाणा सरकार कोरोना काल (Corona period ) में एक नई तरह की (A news kind challenge in Haryana ) चुनौती से जूझ रही है। कोरोना के कारण इस हरित प्रदेश में डॉक्टर (Doctors don't want to government job in Haryana ) ढूंढे से भी नहीं मिल रहा है। सरकार डॉक्टर्स को मनचाहा वेतन भी उपलब्ध कराने को तैयार है, इसके बावजूद डॉक्टर सरकारी नौकरी में आने को तैयार नहीं हैं। सरकार ने चिकित्सकों को मौजूदा वेतन से दुगना वेतन देने की पेशकश की है। इसके बावजूद चिकित्सकों ने कोई रुचि नहीं दिखाई है। चिकित्सकों की कमी से कोरोना मरीजों के उपचार में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

तीन विभागों के नहीं आए आवेदन
मार्च माह से ही प्रदेश और देश में कोरोना के केस बढऩे लगे थे। इसके बाद तेजी से कोरोना का संक्रमण फैला तो डाक्टर और स्टाफ सदस्य भी संक्रमित होने लगे। करनाल कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज ने चार अलग-अलग विभागों में चार-चार डाक्टरों के लिए आवेदन मांगे थे, लेकिन केवल मेडिसन विभाग में ही तीन आवेदन आये, जबकि तीन अन्य विभागों में एक भी आवेदन नहीं मिले। स्थिति को देखते हुए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज प्रबंधन ने प्रदेश सरकार से चार विभागों में डाक्टरों के पद बढ़ाने की अपील की थी।

चार विभागों के आवेदन मांगे थे
कालेज प्रबंधन की ओर से और कोरोना के मरीजों के इलाज के मद्देनजर सितंबर माह में एनेस्थीसिया, जनरल मेडिसिन, छाती रोग विभाग और पलमनरी विभाग आईसीयू के स्पेशलिस्ट के लिए चार-चार पदों पर आवेदन मांगे गए थे। इसके लिए सीधे साक्षात्कार रखे गए थे। साथ ही वेतन भी दोगुना रखा गया। सामान्य तौर पर डाक्टर को एक लाख रुपये प्रति माह वेतन दिया जाता है, लेकिन कोरोना के चलते इन पदों के लिए वेतन दो लाख रुपये प्रति माह रखा गया है। इसके बावजूद मेडिसन विभाग में तीन आवेदन आये, शेष किसी भी पद पर आवेदन नहीं आया। जबकि तीनों चारों विभाग महत्वपूर्ण हैं कोरोना है कारण नहीं, या वेतन कम!

सीटों के भरने की संभावना
कल्पना चावला मेडिकल कालेज के निदेशक डा. जेसी दुरेजा का कहना है कि कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए ही चार विभागों में चार-चार विशेषज्ञों के लिए आवेदन मांगे गए थे, केवल मेडिसन में ही तीन डाक्टर आये हैं। डाक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए अब दोबारा से आवेदन मांगे जाएंगे। संभावना है कि इस बार सीटों को भर लिया जाएगा।

कोरोना व वेतन है मुद्दा
मेडिकल लाइन से जुड़े लोग बताते हैं कि इसके पीछे कारण या तो कोरोना हो सकता है या फिर वेतन कम होना। विशेषज्ञ बताते हैं कि क्योंकि करनाल में मात्र दो निजी अस्पतालों में ही कोरोना के मरीजों को दाखिल किया जा रहा है, अन्य अस्पताल कोविड के मरीजों को नहीं ले रहे हैं। इसलिए निजी अस्पतालों से सरकारी में आने से डाक्टर हिचकिचा रहे हैं, क्योंकि यहां पर कोरोना के मरीजों का इलाज करना होगा, जबकि निजी अस्पताल में ऐसा नहीं है। दूसरा, बड़े अस्पतालों में इन चार विभागों से संबंधित डाक्टरों को दो लाख रुपये से ज्यादा वेतन मिल रहा है, इसलिए वे सरकारी नौकरी की तरफ नहीं देख रहे।

Corona virus COVID-19
Show More
Yogendra Yogi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned