युवाओं को नशे से दूर रखने मेें खेल महत्वपूर्ण हथियार - ग्रेट खली

(Hariyana News ) युवाओं में नशे की बढ़ती लत की समस्या से जूझ रहे (Facing drug's problem ) हरियाणा और पंजाब सहित देश के अन्य राज्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने दमखम का लौहा मनवा चुके दिलीप सिंह राणा उर्फ ग्रेट खली (Great Khali ) की बात को फॉलो करना फायदेमंद हो सकता है। (WWF wrestler Kahli ) खली का कहना है कि खेल युवाओं को नशे से बाहर निकालने का सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है।

By: Yogendra Yogi

Published: 28 Jul 2020, 06:29 PM IST

करनाल(हरियाणा): (Hariyana News ) युवाओं में नशे की बढ़ती लत की समस्या से जूझ रहे (Facing drug's problem ) हरियाणा और पंजाब सहित देश के अन्य राज्यों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने दमखम का लौहा मनवा चुके दिलीप सिंह राणा उर्फ ग्रेट खली (Great Khali ) की बात को फॉलो करना फायदेमंद हो सकता है। डब्ल्यू-डब्ल्यू एफ (WWF wrestler Kahli ) के इस अंतरराष्ट्रीय पहलवान का कहना है कि खेल में रुचि उत्पन्न करना युवाओं को नशे से बाहर निकालने का सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है।

समाना बाहू में खेल अकादमी
करनाल के सेक्टर 13 में कांग्रेस नेता वीरेंद्र राठौर से उनके निवास पर मुलाकात करने आए खली ने कहा कि युवाओं को खेलों की तरफ अग्रसर होना चाहिए। खली ने राठौर से खेलों के प्रोत्साहन पर चर्चा की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ओलंपिक में मेडल जीतने वालों में हरियाणा के खिलाडिय़ों का खासा योगदान रहा है। हरियाणा में खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने के लिए बातचीत की गई है। समाना बाहू में खली की ओर से खेल अकादमी बनाई जा रही है। कांग्रेस नेता वीरेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि प्रदेश सरकार और ग्रेट खली के प्रयास से भारत के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को खेलों में लाभ मिलेगा और नशे से दूर रहने के लिए खेलों में हिस्सा लेना जरूरी है।

हरियाणा खेलों में आगे
गौरतलब है कि ग्रेट खली ने पंजाब के दौरे के दौरान हरियाणा में खेल अकादमी खोलने की घोषणा की थी। खली का कहना था कि पंजाब के जालंधर स्थित अकेडमी में सबसे ज्यादा रेेसलर हरियाणा के हैं। जो बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां तक कि हरियाणा की लड़कियां भी उनकी अकेडमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। वैसे भी खेलों के मामले में हरियाणा अन्य राज्यों की अपेक्षा बहुत आगे है। खिलाडिय़ों द्वारा ड्रग्स लेने के एक सवाल पर उन्होंने कहा था कि जो खिलाड़ी ड्रग्स लेते हैं। वे तीन चार साल से अधिक नहीं चल पाते हैं। इसलिए नशे से दूर रहना खिलाडिय़ों के लिए जरूरी है।

ज्यादा बने खेल अकादमी
इस मौके पर भी खली ने पंजाब में खेलों को नशा खत्म करने के एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की बात कही थी। जब बच्चे को किसी भी खेल में डाल दिया जाएगा तो नशा करने की बात तो उनके मन में ही नहीं आएगी। इसलिए अभिभावकों को बच्चों को खेलों के प्रति अवश्य प्रेरित करना चाहिए। जितनी अधिक खेल अकादमी होंगी और युवा खेलेंगे तो नशामुक्ति केंद्रों की भी जरूरत नहीं रहेगी। क्योंकि स्पोट्र्स पर्सन नशे में विश्वास नहीं करता। वह अपनी एनर्जी को अपनी फिटनेस के लिए इस्तेमाल करने लगेगा।

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