गोवंश से परेशान किसानों का हंगामा, गल्ला मंडी के मुख्य द्वार पर जड़ा ताला

किसानों का कहना है कि मंडी में अस्थाई गोशाला में मौजूद गोवंश को गोवंश रक्षकों द्वारा रात्रि में छोड़ दिया जाता है, जिससे उनकी खेत में खड़ी हुई फसले बर्बाद हो रही है।

कासगंज। यूपी के कासगंज जिले में छुट्टा जानवरों से परेशान किसानों ने कृषि उत्पादन गल्ला मंडी समिति के मुख्यद्वार को बंद कर जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि मंडी में अस्थाई गोशाला में मौजूद गोवंश को गोवंश रक्षकों द्वारा रात्रि में छोड़ दिया जाता है, जिससे उनकी खेत में खड़ी हुई फसले बर्बाद हो रही है।

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प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोवंश की रक्षा के लिए प्रतिदिन करोड़ों रूपया खर्च कर उनको स्थाई और अस्थाई गोशाला में संरक्षित करने का दावा कर रहे हैं, ताकि किसानों की होने वाली बर्बाद फसलों को बचाया जाए, लेकिन कासगंज के गल्ला मंड़ी स्थित किसानों की फसलें बर्बाद होने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। मजबूर होकर मंडी के समीपवर्ती गांव हनौता, दिहारी मिहारी, चीटा नगला के सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण गल्ला मंडी पर पहुंच गए। जहां उन्होंने मुख्य द्वार का गेट बंद कर जमकर नारेबाजी की।

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ग्रामीण अनुज वर्मा ने बताया कि मंडी में एक अस्थाई गोशाला बनाई गई है जिसमें से रात्रि के समय गोवंश को छोड़ दिया जाता है जो किसानों की लहलाती फसल बर्बाद कर देता है। गोशाला में मौजूद कर्मचारियों की हठधर्मिता से किसान परेशान हैं। मजबूर होकर उन्हें विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है।

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वहीं सुरेश चंद्र से बात की गई तो उन्होंने कहा कि दस हजार रूपए बीघा के हिसाब से जमीन पट्टे पर लेकर खेती की थी, लेकिन गोवंश फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पूरा दिन रखाते हुए निकल जाता है, अस्थाई गोशाला में मौजूद कर्मचारी रात को गोवंश बाहर निकाल देते हैं जिससे उनकी फसलें उजड़ रही हैं।

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मौके पर पहुंचे पुलिस के साथ एसडीएम सदर ललित कुमार ने बताया कि प्रदर्शनकारी किसानों को समझाया बुझाया गया है। किसानों का कहना था अस्थाई गोशाला में से गोवंश को रात में छोड़ दिया जाता है, जोकि उनकी खेती को बर्बाद करते हैं। गोवंश को बाहर न निकालने की अस्थाई गोशाला कर्मचारियों को नसीहत दी गई है। गोवंश की काउंटिंग कराकर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

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अमित शर्मा
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