16 लाख की आबादी 13 लोगों के हवाले, इसी कारण जिन्दा जलकर मर रहे लोग, देखें वीडियो

16 लाख की आबादी 13 लोगों के हवाले, इसी कारण जिन्दा जलकर मर रहे लोग, देखें वीडियो

Amit Sharma | Publish: May, 17 2019 06:46:46 PM (IST) | Updated: May, 17 2019 06:46:47 PM (IST) Kasganj, Kasganj, Uttar Pradesh, India

मुट्ठीभर दमकल कर्मी व संसाधनों के सहारे विभाग आग की लपटों पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है।

कासगंज। करीब 16 लाख की आबादी वाला कासगंज जिला अग्निकांड के मामलों में बेहद संवेदनशील है। यहां हर साल करोड़ों की संपत्ति आग की भेंट चढ़ जाती है। दमकल विभाग के पास न पर्याप्त स्टाफ है और न ही आग बुझाने के संसाधन। मुट्ठीभर दमकल कर्मी व संसाधनों के सहारे विभाग आग की लपटों पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है। 16 लाख की आबादी सिर्फ 20 लोगों के हवाले है। परिणाम यह है कि हर साल लोग जिन्दा जलकर मर रहे हैं।

सर्वाधिक नुकसान पटियाली में
अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों व संसाधनों की कमी से ही इस साल भी अब तक लाखों की संपत्ति राख हो चुकी है। सबसे अधिक नुकसान पटियाली तहसील इलाके में हर साल होता है। यहां आग की लपटों से छप्पर राख हो जाते हैं। इस क्षेत्र के लोग हर मौसम में नुकसान उठाते हैं। बारिश में बाढ़ और गर्मी में अग्निकांडों से जूझते हैं। ऐसे में कई लोग बेघर भी हो जाते हैं।

आंकड़े चौंकाने वाले
विभागीय जानकार बताते हैं कि 2016 में 148 आगजनी की घटनाएं घटित हुई। तीन लोगों की मौत हुई। 2017 में आगजनी की घटनाएं 220 हुईं, जिसमें एक करोड़ 15 लाख 21 हजार रुपये की धनहानि हुई। दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हुई थी। 2018 में 243 आगजनी की घटनाएं हुईं, जिसमें एक करोड़ 86 लाख एक रुपया के अलावा तीन बच्चों की मौत हुई है। 2019 में जनवरी से 30 अप्रैल 2019 के आकांडो पर गौर किया जाए 45 लाख दो हजार रुपये की संपत्ति राख हो चुकी ह। दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई है।

संसाधन और स्टाफ की कमी
दमकल विभाग के पास आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त संसाधन तक नहीं है। कासगंज में मुख्यालय पर एक बड़ी और एक छोटी, पटियाली पर एक बड़ी और छोटी गाड़ी है। मात्र चार गाडियों के सहारे पूरे जिला है। ऐसे में आग पर काबू पाना दमकल कर्मियों के लिए नामुकिन है। दकमल कर्मियों की संख्या भी कम है। कासगंज फायर स्टेशन 16 के सापेक्ष में 13 और पटियाली में सात दमकल कर्मी मौजूद हैं।

क्या कहते हैं फायर स्टेशन प्रभारी
जब इस मामले में फायर स्टेशन प्रभारी महेश चंद्र से बात की गई तो उन्होंने बताया कि लगातार शासन-प्रशासन से संसाधनों और स्टाफ की मांग कर रहे हैं। शासन द्वारा पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं। इसके बावजूद उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का काम किया जा रहा है। अग्निकांड की सूचना पर दमकल टीमें तत्काल पहुंचकर आग बुझाती हैं।

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