इस गांव के विकास को बताया मोदी की देन, बना दिया उनका मंदिर

(Bihar News ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (P.M.Modi ) के आलोचक और चाहने वाले की कमी नहीं हैं। ऐसे ही चाहने वालों में हैं बिहार-बंगाल बॉर्डर से सटे कटिहार (Katihar ) जिले के आजमनगर के बाशिंदे। यहां के लोग प्रधानमंत्री मोदी से इस कदर खुश (Extremely happy with P.M. ) हैं कि उनके लिए एक मंदिर ही (Modi's temple ) बना दिया। इस मंदिर में बाकायदा पीएम मोदी की पूजा होती है। इसके पीछे है विकास की कहानी। आजादी से पहले तक किसी ने इस क्षेत्र की सुध नहीं ली।

By: Yogendra Yogi

Published: 21 Sep 2020, 08:05 PM IST

कटिहार(बिहार): (Bihar News ) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (P.M.Modi ) के आलोचक और चाहने वाले की कमी नहीं हैं। ऐसे ही चाहने वालों में हैं बिहार-बंगाल बॉर्डर से सटे कटिहार (Katihar ) जिले के आजमनगर के बाशिंदे। यहां के लोग प्रधानमंत्री मोदी से इस कदर खुश (Extremely happy with P.M. ) हैं कि उनके लिए एक मंदिर ही (Modi's temple ) बना दिया। इस मंदिर में बाकायदा पीएम मोदी की पूजा होती है। ऐसा नहीं है कि आलोचकों की तरह यह सिर्फ बेवजह ही किया गया है। इसके पीछे है विकास की कहानी। ग्रामीणों का मानना है कि मोदी के कारण ही उनके इलाके का विकास हुआ है। जबकि आजादी से पहले तक किसी ने (Backward from freedom) इस क्षेत्र की सुध नहीं ली।

आजादी के बाद से ही पिछड़ा था
दरअसल आजादी के बाद इस गांव में मूलभूत सुविधा के नाम पर भी कुछ नहीं था, लेकिन इस गांव के लोगों को मानें तो केंद्र की मोदी सरकार की विकास नीति के तहत ही गांव में पक्की सड़क से लेकर बिजली तक की व्यवस्था उपलब्ध हुई है। धीरे-धीरे गांव में सुविधा का हर वह साधन उपलब्ध हो रहा है जो आमतौर पर गांव के लोग उम्मीद करते हैं।

मोदी के प्रति दीवानगी
इसलिए यहां के लोग बगैर किसी राजनेताओं से सहयोग लेकर वर्षों पहले अपने ही गांव सिंघारोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मंदिर बनवाया है। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के अवसर पर अपने सहयोग से ही इस मंदिर को और भव्य बनाने का प्रण लिया है। वैसे तो इस गांव में कई अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों में वोट देने वाले लोग एक साथ रहते हैं, लेकिन जब बात नरेंद्र मोदी की हो तो दीवानगी कुछ अलग ही है।

पीएम से विद्यालय की मांग
मुखिया लालन विश्वास कहते हैं कि गांव में विकास तो बहुत हुआ है फिर भी बर्थ-डे के दिन मोदी जी से रिटर्न गिफ्ट के तौर पर इस गांव के लिए एक विद्यालय की मांग रख रहे हैं, ताकि गांव के बच्चे-बच्ची की पढ़ाई आसान हो जाए। स्थानीय ग्रामीण मुकेश कुमार कहते हैं कि आजादी के बाद पहली बार इस गांव में अब विकास की किरण दिखने लगी है। साथ ही लोग प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर बनने की नारा से बेहद प्रभावित हैं। लोगों की मानें तो अगर लोग आत्मनिर्भर बनने की कोशिश करेंगे तो ग्रामीण अर्थतंत्र को भी नई दिशा मिलेगी।

Show More
Yogendra Yogi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned