script10 thousand metric ton non-standard paddy rejected | 10 हजार मिट्रिक टन अमानक धान रिजेक्ट, सर्वेयरों ने किया रिजेक्ट, भोपाल की टीम ने भी पाया अमानक | Patrika News

10 हजार मिट्रिक टन अमानक धान रिजेक्ट, सर्वेयरों ने किया रिजेक्ट, भोपाल की टीम ने भी पाया अमानक

धान खरीदी में बनाया जा रहा सर्वेयरों पर दबाव, की जा रही अभद्रता, मचा बवाल, नान प्रबंधक के पास पहुंची शिकायत

कटनी

Published: December 25, 2021 09:26:19 pm

कटनी. धान खरीदी में एक बार फिर व्यापक गड़बड़ी शुरू हो गई है। ऐसे में खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम और सहकारिता विभाग की निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सर्वेयरों ने 10 हजार मिट्रिक टन धान को रिजेक्ट किया है जो अमानक है। बता दें कि आउटसोर्स कंपनी आरबी द्वारा प्रदान नागरिक आपूर्ति के सर्वेयरों द्वारा किया जा रहा है लगातार धान का रिजेक्शन हो रहा है। करोड़ों रुपये की अमानक (नानएफएक्यू) धान रिजेक्ट हो रही है। बता दें कि धान उपार्जन कार्य 2021-22 में कार्य कर रही सेवा सहकारी समिति और स्व सहायता समूह द्वारा किसानों से धान की खरीदी की जा रही धान फेयर एवरेज क्वालिटी का ध्यान नहीं रखा जा रहा। धान उपार्जन के काम में समिति और स्व सहायता समूह संचालक जान-पहचान वालों का ध्यान रख रहे हैं।
जिसके कारण पूरे जिले की इस वर्ष क्वालिटी घटिया हो रही है। जान पहचान और क्षेत्रीय छुटभैया नेताओं की घटिया धान खरीदने में भी संकोच नहीं किया जा रहा। अभी तक समिति स्तर पर भी सर्वेयर कार्य करते थे, लेकिन इस वर्ष खरीदी की लगाम समिति और समूह के हाथ में दी गई है। जिसके कारण पूरे जिले में किसानों के बारदाने से शासकीय बारदानों में पलटने का सिलसिला जारी है, जिससे धान की गुणवत्ता काफी हद तक घटिया पाई जा रही है। जब सर्वेयर धान को अमानक कर रिजेक्ट करते हैं तो उन्हें समितियों द्वारा डराया धमकाया जा रहा है और अमानक धान पास कराने को लेकर क्षेत्रीय राजनैतिक लोगों का नाम लेकर पास कराने कहा जा रहा हैं। सर्वेयर द्वारा 10 हजार मेट्रिक टन धान को अमानक बताकर रिजेक्ट किया गया है।
जिला सुपरवाइजर के अनुसार कटनी में समिति द्वारा लगातार अमानक धान की खरीदी की जा रही है। रीठी के खरीदी केंद्र में किसान रूपी व्यापारियों से धान ली जा रही है। छोटे-छोटे किसानों का रजिस्ट्रेशन कराकर खरीदी गई अमानक धान को उक्त रजिस्ट्रेशन में तुलवाया जा रहा है। यह आरोप सर्वेयरों ने लगाए हैं। सर्वेयर गौरव मिश्रा, कपिल सिंह, प्रदीप लोधी, हरिकांत अहिरवार रीठी ओपन कैप में काम कर रहे हैं। यहां पर खरीदी गई धान अमानक थी, जिसे सर्वेयरों ने भी अमानक बताया। इस धान की जांच करने के लिए भोपाल से टीम आई, जिसने भी जांच में अमानक पाया। इस पर कुछ किसान व समिति द्वारा अभद्रता करते हुए धान को पास करने दबाव बनाया गया। इस संबंध में जिला प्रबंधक से शिकायत की गई है।

10 हजार मिट्रिक टन अमानक धान रिजेक्ट, सर्वेयरों ने किया रिजेक्ट, भोपाल की टीम ने भी पाया अमानक
10 हजार मिट्रिक टन अमानक धान रिजेक्ट, सर्वेयरों ने किया रिजेक्ट, भोपाल की टीम ने भी पाया अमानक

नान को लिखा है पत्र
सर्वेयर सुपरवाइजर अंकित तिवारी ने शुक्रवार को नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक को भी पत्र लिखा है। बताया है जिले में चल रही धान खरीदी में केंद्र प्रभारियों व स्व सहायता समूहों के द्वारा अमानक धान की खरीदी हो रही है। सर्वेयरों द्वारा सही धान लेने कहा जाता है और अमानक धान को अस्वीकृत किया जाता है तो अभद्रता की जाती है। सुपरवाइजर ने शीघ्र ही गुणवत्ता सुधार कराए जाने की मांग उठाई है।

केंद्र से नदारद मिला प्रभारी, नायब तहसीलदार ने लगाई फटकार
धान खरीदी केंद्रों में जमकर मनमानी चल रही है। ऐसे में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी धान खरीदी केंद्रों की ठीक से निगरानी नहीं कर रहे, जिससे किसान परेशान हो रहे हैं। इसका खुलासा शुक्रवार को नायब तहसीलदार द्वारा किए गए औचक निरीक्षण से हुआ। बड़वारा की नायाब तहसीलदार सुनीता मिश्रा ने शुक्रवार को विलायतकला में धान केंद्र का औचक निरीक्षण किया। खरीदी में अनिमितता पाए जाने व खरीदी प्रभारी लखन पटेल केंद्र से नदारत होने पर जमकर केंद्र में मौजूद कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। बता दें कि अनिमितता की सूचना मिलते ही बड़वारा की नायाब तहसीलदार सभी धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करने पहुंची। जैसे ही विलायतकला नम्बर 01 के खरीदी केंद्र पहुंचता तो वहां खरीदी प्रभारी लखन पटेल ही नदारत था और जो धान बिना पंखा लगाए ली जा रही थी, उसे देख नायाब तहसीलदार सुनीता मिश्रा ने खरीदी केंद्र में मौजूद खरीदी प्रभारी के कर्मचारियों में जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि बिना फंखा लगाए धान न खरीदी जाए और पूरे खरीदी केंद्र से खरीदी गई धान का रिकॉर्ड चेक किया। ग्रामीणों ने बताया कि केंद्र में प्रभारी द्वारा जमकर मनमानी की जा रही है। यहां पर बिचौलियों से भी धान ली गई। धान के बोरियों की गिनती से इसका खुलासा हो सकता है।

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