19 साल में पीडब्ल्यूडी ने बुक में दर्ज नहीं किया 85 सरकारी आवास, जर्जर भवन में परेशान कर्मचारी

चार साल पहले मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड को मरम्मत के लिए लिखे गए पत्र का हवाला देकर जवाबदेही से पल्ला झाड़ रहे पीडब्ल्यूडी के अधिकारी, पड़ोसी जिलों में पीडब्ल्यूडी विभाग ही करवा रहा सरकारी आवासों की मरम्मत.

- मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने कहा विभाग के पास नहीं मरम्मत का प्रावधान, कलेक्टर लगा चुके हैं फटकार फिर भी समस्या का समाधान नहीं.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 01 Aug 2021, 12:15 PM IST

कटनी. शहर स्थित पीडल्ब्यूडी कॉलोनी में 85 से ज्यादा अधिकारी-कर्मचारी दहशत के साये में सरकारी आवास में रहने विवश हैं। पिछले महीने ही एक आवास का छज्जा अचानक गिर गया, गनीमत रही कि वहां पर कर्मचारी के परिवार के सदस्य मौजूद नहीं थे और बड़ा हादसा टल गया। जानकर ताज्जुब होगा कि इन सरकारी आवास की मरम्मत का काम 19 साल से नहीं हुआ है। मध्यप्रदेश ग्रह निर्माण मंडल ने आवास का निर्माण कर वर्ष 2002 मेंं कलेक्टर के सुपुर्द किया। उस समय इन आवासों को पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बुक में दर्ज की जानी थी। तब लापरवाही बरती गई और इसका खामियाजा अब इन आवासों में रह रहे लोकसेवकों को भुगतना पड़ रहा है।

खासबात यह है कि इस मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी अभी भी गंभीर नहीं हैं। विभाग के कार्यपालन यंत्री मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड को आवास मरम्मत के लिए 13 जुलाई 2017 को 117 लाख रुपए का स्टीमेट भेजने की जानकारी देकर जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ ले रहे हैं। विभाग के अधिकारी कहते हैं कि राशि नहीं आने से मरम्मत नहीं हो पाया।

शासकीय आवास का निर्माण करने वाले मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी बताते हैं कि प्रदेश सरकार ने उनके विभाग को आवास निर्माण का काम सौंपा है। मरम्मत का काम पीडब्ल्यूडी ही करती है। 2002 में आवास निर्माण के बाद सुपुर्दगी के दौरान पीडब्ल्यूडी के अधिकारी सभी आवास को बुक में दर्ज कर लेते तो मरम्मत को लेकर आज यह समस्या नहीं आती। मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने कटनी के पड़ोसी जिले उमरिया व डिंडोरी में भी सरकारी कर्मचारियों के लिए आवास का निर्माण करवाया था, वहां पीडब्लयूडी विभाग बुक में आवास दर्ज कर समय-समय पर मरम्मत करवा रही है।

बीते महीने एक कर्मचारी के सरकारी आवास का छज्जा गिरने के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने पीडब्ल्यूडी और मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली थी, उस समय लापरवाही पर कड़ी फटकार भी लगाई थी। इसके एक माह का समय बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों की समस्या जस की तस है, बारिश होने पर भय के माहौल में कई सरकारी कर्मचारी इन आवासों में रहने विवश हैं।

मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड कटनी के कार्यपालन यंत्री राकेश वर्मा बताते हैं कि हमारे विभाग का काम आवास निर्माण करना था। 1998 में निर्माण शुरू कर 2002 में सौंप दिया गया था। उस समय पीडब्यूडी ने 85 से ज्यादा मकानों को बुक में दर्ज नहीं किया, इस कारण मरम्मत के लिए बजट की समस्या आ रही है। यह जानकारी हमने उच्चाधिकारियों को भी दी है।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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