दो साल पहले सामने आया जिला न्यायालय मालखाने से हथियार गायब होने का मामला, अब एफआइआर

जिला न्यायालय कटनी में प्रभार बदलने के दौरान नए कर्मचारी द्वारा संपत्ति गिनकर प्रभार लेने की बात कहने के साथ ही सामने आई थी गड़बड़ी, दो साल चली जांच की प्रक्रिया, 24 फरवरी को दर्ज हुई एफआइआर.

- 34 देशी कट्टा, 4 रिवाल्वर, 1 किलो बारूद सहित नगदी व जेवर गायब होने के कारण मामला संवेदनशील.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 26 Feb 2021, 11:08 AM IST

कटनी. जिला न्यायालय के मालखाने से हथियार, मादक पदार्थ, सोना-चांदी और नकदी सहित अन्य सामग्री के गायब होने का खुलासा दो साल पहले ही हो गया था। जब मालखाने के प्रभारी रहे सतीश मेहता से चार्ज लेने से पहले पहले प्रदीप दीक्षित ने दस्तावेज और उपलब्ध संपत्ति की मिलान करवाकर चार्ज लेने की बात कही थी।

बताया जा रहा है कि गड़बड़ी सामने आने के बाद लगभग दो साल तक मामले की जांच चली। प्रारंभिक जांच में गड़बड़ी की पुष्टि हो जाने के बाद 24 फरवरी को एफआइआर दर्ज करवाई गई। पुलिस ने न्यायालय के मालखाना नाजिर सतीश मेहता को गिरफ्तार कर अब आगे की जांच प्रारंभ की है।

पुलिस के अनुसार जिला न्यायालय कटनी के मालखाने से 34 देशी कट्टा, 4 रिवाल्वर, 1 किलो बारूद, 1 भरमार बंदूक और 67 नग जिंदा कारतूस सहित लगभग 10 लाख 79 हजार 986 नकद नकद रुपए, सोने-चांदी के आभूषण में करीब 21 ग्राम सोना, 352 ग्राम चांदी, 227 बोतल और 318 पाव अंग्रेजी-देशी शराब नहीं मिलने की बात न्यायालय द्वारा कही गई है। इसमें हथियार और बारूद के गायब होने के कारण मामला ज्यादा संवेदनशील बताया जा रहा है।

कटनी एसपी मयंक अवस्थी के अनुसार जिला न्यायालय के मालखाने से हथियार और नकदी सहित 18 सौ सामग्री मिसिंग मामले में आरोपी को 8 दिन की रिमांड में लेकर पूछताछ की जा रही है। अलग से गठित टीम हर पहलू की जांच कर रही है।

यह भी जानें
- दो साल तक मालखाने में चार्ज लेने वाले और देने वाले दोनों ही कर्मचारी बैठते थे, बताया जा रहा है कि इस बीच सामग्री मिलान की प्रक्रिया चली।
- 50 से ज्यादा रजिस्टर में दर्ज है मालखाने में दर्ज संपत्ति का विवरण। जिला न्यायालय बनने के बाद जबलपुर से सामग्री कटनी भेजा गया था।
- पूर्व में न्यायालय के कुछ वरिष्ठ इस मामले को बाहर नहीं लाना चाहते थे। कुछ दिन पहले व्यवस्था बदली और गड़बड़ी को सामने लाकर थाने में एफआइआर दर्ज करवाकर जांच करवाने का निर्णय लिया गया।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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