28 ट्रेनें डायवर्ट हुई तो चलाने के लिए कम पड़ गए ड्राइवर-गार्ड

ट्रेनों को सागर स्टेशन में लेने हुआ विलंब तो कटनी से बीना की ओर जाने वाली कई ट्रेनें हो गई लेट.

यात्री ट्रेन परिचालन में रेल अफसरों की बेपरवाही से परेशान हुए यात्री.

कटनी. सोनतलाई-बागरातबा स्टेशन पर दोहरीकरण और नॉन इंटरलाकिंग कार्य के बाद 28 ट्रेनों को कटनी-इटारसी से डायवर्ट कर वाया बीना, भोपाल चलाने से ट्रेनों को चलाने के लिए सागर में ड्राइवर और गार्ड कम पड़ गए। इसका असर ट्रेनों के परिचालन पर पड़ा। सागर में ट्रेनों को विलंब से लिया गया तो कटनी से बीना रूट पर रवाना होने वाली ट्रेनों को लेट चलाई गई। दोहरीकरण और नान इंटरलॉकिंग कार्य के लिए 16 और 17 फरवरी को दो दिनों के लिए ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है।

इधर सागर में ट्रेन चलाने के लिए स्टॉफ की कमीं पडऩे का असर पहले ही दिन कटनी के स्टेशनों में दिखा। यहां से बीना की ओर रवाना होने वाली ट्रेनें लेट चली और कई ट्रेनों को रद्द करने से यात्री परेशान हुए। सफर कर रहे यात्रियों ने रेलवे प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि ट्रेनों को डायवर्ट करना था तो चलाने के लिए तैयारी पहले से करनी थी।

रेलवे की व्यवस्था ऐसी है कि किसी भी दिशा में उस लाइन का प्रशिक्षण लेने वाले ड्राइवर ही ट्रेन चला सकते हैं। कम से कम 15 दिन के प्रशिक्षण में रास्ते में पडऩे वाले मोड़, नदी, नाले, ढाल और खंभे सहित अन्य जानकारी देने सहित एक ट्रेन लोको इंस्पेक्टर के साथ चलाने के बाद ही ड्राइवर को संबंधित ट्रैक पर ट्रेन चलाने के लिए अधिकृत किया जाता है। ऐसे में कटनी और सतना में ड्राइवर और गार्ड होने के बाद भी उन्हे सागर नहीं भेजा जा सका।

कटनी से जबलपुर, इटारसी के स्थान पर कटनी मुड़वारा से सागर, बीना की ओर से चलाने के लिए जिन 28 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है उनमें ट्रेन क्रमांक 12853, 12854, 12166, 16230, 20905, 20906, 19051, 11038, 11464, 15267, 12578, 12389, 19058, 15564, 22191, 22192, 22910, 22913, 17324, 15120, 22937, 11463, 17609, 01666, 12361, 22354, 12546, 16359 शामिल हैं। 18235-36 सहित कुछ यात्री ट्रेनों को रद्द किया गया है।

पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर जोन के सीपीआरओ प्रियंका दीक्षित इस बारे में बतातीं हैं कि ट्रेनों को समय पर चलाना परिचालन विभाग का दायित्व है। यात्रियों की परेशानी की सूचना हम परिचालन विभाग तक पहुंचा देते हैं। ट्रेनों को चलाने के लिए स्टॉफ की व्यवस्था भी संबंधित विभाग ही देखती है।

 

Troubled passengers kept taking information at the inquiry center after trains diverted and delayed.
ट्रेनें डायवर्ट और विलंब से चलने के बाद परेशान यात्री पूछताछ केंद्र में जानकारी लेते रहे. IMAGE CREDIT: Patrika

शहर के चारों स्टेशन में परेशान हुए यात्री
रेलवे द्वारा बगैर किसी तैयारी के ट्रेनों को रद्द करने व डायवर्ट करने का असर रविवार को कटनी जंक्शन, कटनी-मुड़वारा व कटनी साउथ सहित एनकेजे रेलवे स्टेशन में देखने को मिला। यात्री अपने गंतव्य तक जाने के लिए स्टेशन तो पहुंच तो गए, लेकिन जानकारी लगी कि आज तो ट्रेन ही रद्द है। ऐसे में यात्रियों में गुस्सा भी जमकर देखा गया। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। रेलवे ने सबसे ज्यादा पैसेंजर ट्रेनों को रद्द किया है, जिससे अप-डाउनर, मजदूर व आसपास के गांव तक का सफर करने वाले हजारों लोग परेशान हुए।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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