लॉकडाउन: कटनी जिले में 49 हजार मजदूरों को मिला मनरेगा में काम, 3 करोड़ का हुआ भुगतान

जिले में मनरेगा के काम ने अब गति पकड़ ली है। तीन वर्षों में अबतक एक दिन में सर्वाधिक मजदूर संख्या 49 हजार 372 को काम देकर कटनी जिला प्रदेश में टॉप 10 जिलों में शामिल है। बाहर से अन्य राज्यों से लौटे मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके, इसके लिये मनरेगा के तहत 2 हजार 263 अधिक निर्माण कार्य चल रहे हैं।

By: balmeek pandey

Published: 16 May 2020, 08:04 AM IST

कटनी. जिले में मनरेगा के काम ने अब गति पकड़ ली है। तीन वर्षों में अबतक एक दिन में सर्वाधिक मजदूर संख्या 49 हजार 372 को काम देकर कटनी जिला प्रदेश में टॉप 10 जिलों में शामिल है। बाहर से अन्य राज्यों से लौटे मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिल सके, इसके लिये मनरेगा के तहत 2 हजार 263 अधिक निर्माण कार्य चल रहे हैं। मनरेगा के पीक टाईम में मानव दिवस श्रम अर्जित करने का अधिकतम संख्या 31 हजार मजदूरों की इस जिले में रही है। वर्तमान में मनरेगा के कार्यों में लगभग 50 हजार मजदूरों की संख्या हो गई है। बाहर से आये 7 हजार मजदूरों के जॉबकार्ड रिन्यूवल किये गये हैं। जिन श्रमिकों के जॉबकार्ड नहीं हैं, उनके नये जॉबकार्ड बनाए गए। कटनी जिले में 21 अप्रैल से काम चल रहा है। अभी तक 739 पुराने और 125 नए कार्यों की सीसी जारी हुईं है। एक्टिव जॉब कार्डधारी में एक तिहाई को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया गया है। कटनी में 1 लाख 16 हजार जॉबकार्डधारी सक्रिय हैं। 2 लाख 14 हजार सक्रिय सदस्य हैं। जिले में 1 लाख 40 हजार हजार जॉबकार्डधारी हैं। इसको लेकर 70 हजार मजदूरों को एक दिन में काम दिया जाएगा। नए रोड निर्माण के लिए भी कार्ययोजना बनाई गई। इसमें गौशाला, शांतिधाम, स्कूल शिक्षा बिल्डिं, आंगनवाड़ी, पीडीएस के लिए नई रोडों की स्वीकृति हो रही हैं। 407 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत 10 काम शुरू कराने के निर्देश दिये जा चुके हैं। कोरोना वायरस महामारी के कारण बेबस मजदूरों के लिए व परदेश से वापस लौटे मजदूरों के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी स्कीम संकटमोचक बन रही है। मनरेगा के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में रोजगार देने के मामले में प्रदेश में जिले का नाम पहले नंबर पर है।

जल संरक्षण पर फोकस
जिले की सभी 407 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत जल संरक्षण पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इसमें तालाब निर्माण, मेड़ बंधान, नाला बंधान चल रहा है। बीपीएल, एससी-एसटी, न्यूनतम एक एकड़, अधिकतम एक हेक्टेयर व लघु सीमांत किसानों के यहां मेड़ बंधान का काम शुरू कराया गया है। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में 20-20 मेड़ बंधान काम चालू कराया गया है। ताकि गांव के मजदूर को रोजगार मिले और गरीब किसान के खेत तैयार हो जाएं जिससे अच्छी खेती हो।

खास-खास:
- जिले में श्रमिकों को रोजगार देने 2263 जगहों पर मनरेगा के कार्य कराए गए हैं प्रारंभ, 10 हजार 788 विकास कार्यों को भी किया गया है चालू।
- 10788 विकास कार्यों में 125 विकास कार्य हो चुक हैं पूर्ण, पुराने कार्यों में भी 500 से अधिक निर्माण कार्यों की सीसी हुई जारी।
- 2 हजार 118 निर्माण कार्य 90 प्रतिशत पूर्ण, एक से दो दिन में हो जाएंगी पूरे, 1595 कार्य 75-90 प्रतिशत हो चुके हैं पूर्णं।
- 2020 कार्य 50-75 प्रतिशत तक हो चुके हैं पूर्ण, 3295 कार्य 5-50 प्रतिशत तक हो पाये हैंं, इनमें तेजी लाने हो रहे प्रयास।
- 20 अप्रैल के बाद से गरीब श्रमिकों को मिल रहा रोजगार, 21 अप्रैल के बाद पहले मस्टर में हजारों श्रमिकों को 3 करोड़ 15 लाख पहले रुपये का हुआ भुगतान।
- समीक्षा और गांव की रिपोर्ट के आधार पर बंद पड़े जॉबकार्डों को सबसे पहले किया जा रहा सक्रिय, सोशल डिस्टेंसिंग और नियमों पर भी फोकस।

इनका कहना है
जिले में मनरेगा का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। 49 हजार से अधिक मजदूरों को एक दिन में काम मिल रहा है। इस आंकड़े को 70 हजार के पार ले जाना है। गांव में ही मजदूरों को काम देने और गुणवत्तयुक्त कार्य कराने पर फोकस हो रहा है। लगातार कार्यों की मॉनीटरिंग और गड़बड़ी पर कार्रवाई की जा रही है।
जगदीशचंद्र गोमे, जिला पंचायत सीइओ।

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