video: शुगरमिल माफिया की चंगुल से छूटे 52 श्रमिक, सकुशल लौटे घर

महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के कंदल गांव में बंधक बनाए गए कटनी के धनवाही के श्रमिक, माफिया ने जब्त कर ली थी मोबाइल, मजदूर गांव में जानकारी भी नहीं दे पा रहे थे.

- जनसुनवाई में पांच जनवरी को धनवाही गांव से मजदूरों के परिजनों ने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को बताई परेशानी.

- महाराष्ट्र के सोलापुर एसपी तेजस्वी सतपोटे के साथ संयुक्त अभियान में बंधक से मुक्त हुए मजदूर और परिवार के सदस्य.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 09 Jan 2021, 11:53 AM IST

कटनी. स्लीमनाबाद तहसील के धनवाही व कारीपाथर के श्रमिक और उनके परिवार के 52 सदस्य गांव की धरती पर शुक्रवार की आधी रात पैर रखे तो बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। दरअसल श्रमिक परिवार और छोटे-छोटे बच्चों सहित काम की तलाश में पलायन कर महाराष्ट्र के सोलापुर पहुंचे और वहां कंदल गांव में शुगर मिल माफिया की चंगुल में फंस गए। मजदूरों को बंधक बना लिया गया और जबरिया काम करवाया गया।

मजदूरों की परेशानी ऐसी कि उनका मोबाइल तक जब्त कर लिया गया, और वे गांव में परिजनों को बंधक बने होने की सूचना तक नहीं दे पा रहे थे। श्रमिकों की किस्मत अच्छी थी कि एक मोबाइल माफिया के गुर्गे जब्त नहीं कर पाए। उस मोबाइल की मदद से श्रमिकों ने जनपद सदस्य भरदा बडख़ेरा विकास पांडेय को जानकारी दी। परेशानी बताई। परेशानी सुनकर जनप्रतिनिधि परिजनों को लेकर पांच जनवरी को जनसुनवाई में पहुंचे। एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा को समस्या बताई। उन्होंने श्रमिकों की समस्या की जानकारी कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और अन्य अधिकारियों को दी।

ऐसे चला बंधक बने मजदूरों के सकुशल घर वापसी का अभियान
जनसुनवाई में शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने पहले पुष्टि करवाई। प्रारंभिक जांच में पता चला कि श्रमिकों को झांसा देकर सोलापुर जिले के कंदल गांव नामक स्थान ले जाया गया है। जहां पर इनसे अत्याधिक काम लेकर कम पैसे देकर जोर-जबरजस्ती से काम कराया जा रहा है। कलेक्टर ने बहोरीबंद एसडीएम रोहित सिसोनिया को इस पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई करने कहा।

एसडीएम रोहित सिसोनिया ने इसके लिए टीकमगढ़ जिले में पदस्थ एसडीएम सौरभ सोनवाने से संपर्क किया। दोनों ही अधिकारियों ने समन्वय के साथ मजदूरों को सुरक्षित घर वापसी की रणनीति बनाई और महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में पदस्थ पुलिस अधीक्षक तेजस्वी सतपोटे से बात की और उन्हें पूरा घटनाक्रम तथा श्रमिकों की समस्या बताई।

महाराष्ट्र के महिला आइपीएस के आगे नहीं चली शुगर मिल माफिया की मनमानी:
श्रमिकों की समस्या संज्ञान में आते ही महाराष्ट्र के सोलापुर के पुलिस अधीक्षक तेजस्वी सतपोटे ने मामले को गंभीरता से लेते हुये 5 जनवरी को ही विशेष टीम का गठन किया। तफ्तीश शुरू हुई। चौबीस घंटे के भीतर ही 6 जनवरी को टीम ने छापामार कार्यवाई करते हुये बंधक बनाये गये 52 श्रमिकों को अपनी अभिरक्षा में लिया और अलग-अलग वाहनों के माध्यम से मंदरुप थाने ले गये। 7 जनवरी की सुबह एसपी तेजस्वी सतपोटे द्वारा विशेष वाहन से बंधनमुक्त कराये गये श्रमिकों को गृह जिला कटनी ले जाने के लिये सोलापुर से नागपुर के लिये रवाना किया गया।

 

नागपुर से लेकर आई बस
नागपुर से श्रमिकों को लाने के लिए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा द्वारा वाहन की व्यवस्था की गई थी। श्रमिकों को नागपुर से उनके ग्राम धनवाही, कारीपाथर, बंधी स्टेशन सकुशल लाया गया। कलेक्टर ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस अधीक्षक सोलापुर तेजस्वी सतपोटे, इंस्पेक्टर महाराष्ट्र पुलिस नितिन थेटे और एसडीएम टीकमगढ़ सौरभ सोनवाने का विशेष योगदान रहा है। इनके द्वारा सम्पूर्ण विषय को गंभीरता से लेते हुये अपने पदीय दायित्वों से उपर उठकर मानवीय दृष्टिकोण से कार्य किया गया, जिससे सभी श्रमिकों की सकुशल घर वापसी हो पाई है।

 

मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा ऐसे अधिकारी हमारी शान
कटनी जिले के धनवाही, कारीपाथर और बंधी स्टेशन में बंधक बनाए मजदूरों की सकुशल घर वापसी के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तारीफ की। कहा कि मध्यप्रदेश की जनता को सुशासन देना सरकार एकमात्र लक्ष्य है। सीएम ने कटनी कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, एसडीएम रोहित सिसोनिया, टीकमगढ़ एसडीएम सौरभ सोनवाने, सोलापुर एसपी तेजस्वी सतपोटे और टीम को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे ही अधिकारी हमारी शान हैं।

 

सांसद ने कहा त्वरित एक्शन से सकुशल घर लौटे श्रमिक, प्रशासन के प्रयासो को सराहा
कटनी प्रशासन की सराहना स्थानीय सांसद और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने की। सांसद ने ट्वीट कर कहा कि कटनी कलेक्टर, बहोरीबंद एसडीएम और प्रशासन के अन्य अधिकारियों की तत्परता से श्रमिक सकुशल घर लौटे।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned