एक रेलवे ट्रैक जहां बिना स्टॉपेज कभी भी रुक जाती है यात्री ट्रेनें

लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को आगे की यात्रा में कई दिक्कतों का करना पड़ता है सामना

By: raghavendra chaturvedi

Updated: 04 Apr 2019, 05:08 PM IST

कटनी. गोंदिया से चलकर बरौनी जाने वाली 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस बुधवार सुबह तीन घंटे देरी से कटनी रेलवे स्टेशन पहुंची। इस ट्रेन के कटनी स्टेशन पर खड़ी होते ही यात्री उतरकर दूसरी दिशाओं की टे्रन पकडऩे भागे। कुछ देर पता चला कि उनकी आगे की ट्रेनें छूट चुकी है। दरअसल यात्रियों को इस समस्या का सामना बिलासपुर-कटनी रेलवे ट्रैक पर यात्री ट्रेनों के कहीं भी बिना स्टॉपेज रुक जाने के कारण करनी पड़ रही है।
यात्रियों ने बताया कि एक्सप्रेस ट्रेन को बिना स्टॉपेज के पहले रुपौंद स्टेशन में खड़ी की गई। रुपौंद में यह गाड़ी करीब 50 मिनट तक खड़ी रही। वहां छूटने के बाद झलवारा आउटर फिर झलवारा स्टेशन पर खड़ी हो गई। बीस मिनट तक झलवारा में खड़ी रहने के बाद एनकेजे ए केबिन में खड़ी हुई फिर कटनी मुख्य स्टेशन आउटर पर बीस मिनट तक खड़ी रही। इस तरह सुबह 9.30 बजे पहुचने वाली एक्सप्रेस ट्रेन तीन घंटे देरी से दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद पहुंची।
बिलासपुर की ओर से कटनी आने वाली यात्री ट्रेनों के लिए न्यू कटनी जंक्शन (एनकेजे) चुनौती बनती जा रही है। एनकेजे से यात्री ट्रेनों की निकासी में आए दिन लेट होती है। यात्री ट्रेनें या तो एनकेजे आउटर पर खड़ी रहती है या फिर ए, बी व सी केबिन में घंटों खड़ी कर दी जाती है।
समस्या पर बिलासपुर रेल मंडल के डीआरएम आर राजगोपाल कहते हैं कि लांग हाल ट्रेन चलाने में रेलवे को लाभ है। एक साथ दो मालगाड़ी चलने से कम समय में ज्यादा कोयला गंतव्य तक पहुंचा पाते हैं। इस ट्रेन के परिचालन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करेंगे। कोशिश करेंगे कि ट्रेन में बीच में खराबी नहीं आए और टाइमिंग ठीक हो।
न्यू कटनी जंक्शन के एरिया मैनेजर प्रसन्न कुमार का कहना है कि एनकेजे में गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस प्रवेश के साथ ही कटनी के लिए रवाना कर दिया गया। आगे भी कोशिश करेंगे कि यहां यात्री ट्रेनें विलंब नहीं हो।

Patrika
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raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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