ज्वाइन कर ट्रेनिंग में गए सीइओ जिला पंचायत, 18 दिन से खाली पड़ी अपर कलेक्टर की कुर्सी

ज्वाइन कर ट्रेनिंग में गए सीइओ जिला पंचायत, 18 दिन से खाली पड़ी अपर कलेक्टर की कुर्सी
18 दिन से खाली पड़ी अपर कलेक्टर की कुर्सी

raghavendra chaturvedi | Updated: 14 Jul 2019, 06:47:27 PM (IST) Katni, Katni, Madhya Pradesh, India

एक संयुक्त कलेक्टर के पास अपर कलेक्टर और सीइओ जिला पंचायत का प्रभार.

जिला सरकार को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए कटनी में कुछ इस तरह चल रहा जिला प्रशासन.

ट्रांसफर के बाद रिलीव नहीं हुए कई अधिकारी, रुकवाने के लिए प्रयासों की चर्चा.

आमजनों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ रहा असर.

कटनी. जिला सरकार को और ज्यादा प्रभावी बनाने की चल रही तैयारी के बीच कटनी जैसे बड़े जिले में अपर कलेक्टर के पद पर 18 दिन बाद भी किसी अधिकारी की नियुक्ति का आदेश जारी नहीं हुआ। सीइओ जिला पंचायत भी ज्वाइन कर ट्रेनिंग में चल गए और उनका काम भी प्रभारी के भरोसे चल रहा है।

राज्य सरकार द्वारा 24 जून को सीइओ जिला पंचायत फें्रक नोबेल ए और अपर कलेक्टर आर उमामहेश्वरी का स्थानांतरण भोपाल कर 26 जून को जगदीश कुमार गोमे को कटनी सीइओ जिला पंचायत के लिए ट्रांसफर किया, उन्होंने 29 को ज्वाइन किया और दो दिन बाद ही ट्रेनिंग में चले गए। वे अब दो अगस्त को आएंगे।

अपर कलेक्टर का पद भी 18 दिन से खाली है। आर उमामहेश्वरी का ट्रांसफर होने के बाद यहां आएगा कौन इसका आदेश अब तक राज्य सरकार से जारी नहीं हुआ। इन दोनों प्रमुख पदों का प्रभार संयुक्त कलेक्टर सपना त्रिपाठी के पास है। इधर डीइओ एसएन पांडेय का स्थानांतरण शहडोल होने के बाद उनके स्थान पर कटनी के लिए जिनका हुआ है वे ज्वाइन नहीं करने नहीं आ रहे हैं। इस पर कलेक्टर ने रिलीवर के नहीं आने तक एसएन पांडेय को यहां रहने के निर्देश दिए हैं।

 

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ढीमरखेड़ा एसडीएम देवकीनंदन सिंह का ट्रांसफर होने के बाद रिलीवर अधिकारी नहीं पहुंचे। तहसीलदार स्वाती आर सूर्या का जबलपुर और नायब तहसीलदार एलपी अहिरवार का सागर ट्रांसफर होने के बाद पद खाली हैं। बहोरीबंद एसडीएम धीरेंद्र सिंह और स्लीमनाबाद तहसीलदार शैवाल सिंह का ट्रांसफर भी हो गया है। दोनों अधिकारी रिलीव नहीं हुए हैं, लेकिन यहां आने वाले अधिकारी अब तक कटनी में ज्वाइन नहीं किए हैं।


प्रमुख पदों पर अधिकारियों के नहीं होने से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ता है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना में काम की प्रगति आशानुरुप नहीं है। राजस्व और खाद्य विभाग के अधिकारियों की टीम बनाकर जिलेभर में राशन दुकानों की जांच के काम में भी गति नहीं है। ऐसे ही अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है।

कलेक्टर एसबी सिंह का कहना है कि प्रमुख पदों पर अधिकारियों के नहीं होने से निश्चित तौर पर योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावित होता है। इसे हम चुनौती नहीं बल्कि अवसर के रुप में लेते हैं।

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