इ-सेवा केंद्र, कियोस्क सेंटर से अधिवक्ता व पक्षकार को मिल जाएगी प्रकरणों के स्थिति की जानकारी

-जिला एवं सत्र न्यायालय में शुरू हुई इ-सेवा केंद्र की सुविधा, इ-कोर्ट सर्विसेस या सिटिजन एप को भी कराया डाउनलोड

By: dharmendra pandey

Published: 31 May 2020, 08:12 AM IST

कटनी. जिला एवं सत्र न्यायालय में शुक्रवार से इ-सेवा केंद्र की सुविधा का शुभारंभ हो गया। इस असवर पर न्यायालय में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अचल कुमार पालीवाल ने पत्रकार वार्ता की। जिसमें उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर जिला एवं सत्र न्यायालय में इ-सेवा केंद्र की सुविधा चालू की गई है। अब किसी भी अधिवक्ता को पक्षकार को इ-सेवा केंद्र और जिले में संचालित किसी भी आनॅलाइन कियोस्क सेंटर से प्रकरणों की स्थिति की जानकारी मिल जाएगी। पारदर्शिता बढ़ेगी। पक्षकार खुद ही मामले की जानकारी ले सकेंगे। आदेश के निर्णयों की प्रतिलिपि भी मिल जाएगी। पक्षकारों को अपने मामले में की गई न्यायालयीन कार्यवाहियों और आगामी तिथियों में होने वाली कार्यवाही भी उनके स्मार्ट फोन या अन्य संचार माध्यमों से प्राप्त हो सकेगी।
इन सुविधाओं का भी मिलेगा पक्षकारों व अधिवक्ताओं को लाभ
इ-सेवा केन्द्र में नियुक्त कर्मचारी द्वारा पक्षकारों को प्रकरण की स्थिति, प्रकरण में नियत अग्रिम तिथि, प्रमाणित प्रति हेतु ऑनलाइन आवेदन, आवेदन की इ-फाइलिंग, इ-स्टाम्प, दस्तावेजों को ऑनलाइन क्र्रय करने के संबंध में, न्यायाधीशों के अवकाश, विनिर्दिष्ट न्यायालय के कक्ष की स्थिति, जेल में निरुद्ध बंदियों की रिश्तेदारों से इ-मुलाकात निर्धारण की जानकारी प्रदान की जाएगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं में अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, स्त्रियों एवं बालकों, निरुद्ध व्यक्तियों व समाज के कमजोर वर्ग के पक्षकारों को प्रदान की जाने वाली निशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देकर लाभ उठाने की भी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा वे सभी पक्षकार जिसके पास एन्ड्रॉइड स्मार्ट फोन है वे अपने मोबाइल पर इ-कोर्ट सर्विसेस या सिटिजन एप को डाउनलोड कर लंबित या निराकृत प्रकरणों के संबंध में की गई कार्यवाही की जानकारी खुद ही ले सकेंगे। यह पूरी तरह से निशुल्क रहेगी। इस दौरान विशेष न्यायाधीश अजय प्रकाश मिश्र, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय आरपी सोनी, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रभारी आईटी सुशील कुमार, एडीजे अनिल कुमार, सीजेएम इन्दुकांत तिवारी, रजिस्टार राघवेन्द्र पटेल सहित बड़ी संख्या में न्यायाधीश मौजूद रहे।

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