scriptAlive person declared dead | मैं जिंदा हूं साहब, मेरा नाम ही गिरिवर लोधी है... | Patrika News

मैं जिंदा हूं साहब, मेरा नाम ही गिरिवर लोधी है...

बेटे ने संपत्ति के लालच में बताया मृत, राजस्व रिकार्ड में जीवित व्यक्ति को बना दिया मृतक, अब जीवित होने का सबूत देता फिर रहा वृद्ध
सामने आई पटवारी, पंचायत व राजस्व विभाग की बड़ी गड़बड़ी

कटनी

Published: January 05, 2022 09:58:36 pm

कटनी. साहब मैं तो जिंदा हूं, मेरा ही नाम गिरिवर लोधी है, जिन चार पुत्रों के नाम जमीन में दर्ज किए गए हैं वे मेरे ही बेटे हैं, लेकिन राजस्व रिकार्ड में मुझे मृत घोषित करके जमीन से बेदखल कर दिया गया है। यह मामला विजयराघवगढ़ तहसील क्षेत्र के ग्राम हर्रैया निवासी गिरिवार लोधी पिता नेतराम लोधी का सामने आया है, जो अपने जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटने पर विवश है। पीडि़त ने बताया कि उन्हें राजस्व रिकार्ड में मृत घोषित कर दिया गया है और जमीन उनके चार बेटों के नाम पर दर्ज करा दी गई है। थाने पहुंचे वृद्ध ने बताया कि खसरा नंबर 377, 380, 381, 419, 320, 421 में उनके तीन बेटों क्रमश: ढेलेराम, कालूराम, राजेंद्र के नाम सहित स्वयं उनका नाम दर्ज था। उनके चौथे नंबर के बेटे कमलेश लोधी ने पैतृक भूमि में अपना नाम दर्ज कराने के लिए तहसील न्यायालय में आवेदन दिया था जिस दौरान उसने अपने पिता को मृतक घोषित कर दिया था। पटवारी हल्का ने जांच प्रतिवेदन अनुविभागीय अधिकारी के यहां प्रस्तुत किया गया और चारों पुत्रों का नोटरी युक्त सहमति पत्र प्रस्तुत कर लोख लेने के बाद चारों के नाम रिकार्ड में दर्ज किए गए लेकिन राजस्व रिकार्ड में गिरिवर लोधी को मृतक बताया गया है।

मैं जिंदा हूं साहब, मेरा नाम ही गिरिवर लोधी है...
मैं जिंदा हूं साहब, मेरा नाम ही गिरिवर लोधी है...

पुत्र ने जिंदा पिता को बता दिया मृत
अब राजस्व अमले की लापरवाही का खामियाजा वृद्ध भुगत रहा है और अपने जिंदा होने का सुबूत देता फिर रहा है। तहसील कार्यालय से उसे यह कहकर चलता कर दिया गया कि अब कलेक्टर के यहां जाओ तभी तुम जिंदा हो यह साबित होगा और राजस्व रिकार्ड में तुम्हारा नाम दर्ज होगा। गौरतलब है कि उक्त खसरा नंबर की भूमि पर गिरिवर लोधी का नाम भूमि स्वामी के रूप मे दर्ज था। इसके अलावा उसके पुत्रों के नाम नाबालिग में दर्ज था। बेटे बालिग हुए तो रिकार्ड में उन्हें साबालिग कर दिया गया यहां तक तो ठीक है। जिस बेटे यानी कमलेश लोधी का नाम छूटा था उसे भी जोडऩा न्याय संगत है लेकिन कमलेष लोधी द्वारा दिए गए आवेदन में पिता को मृत घोषित किए जाने के मामले की जांच राजस्व अमले द्वारा न किया जाना और रिकार्ड में मृतक साबित कर देना जिम्मेदारों की लापवाही का खुला प्रमाण है। अब वृद्ध परेशान हैं।

पुराना मामला होगा, हम कुछ नहीं कर सकते
इस मामले को लेकर राजेश कौशिक तहसीलदार विजयराघवगढ़ का बड़ा उदासीन रवैया सामने आया है। तहसीलदार का कहना है कि वृद्ध के बेटों ने भूमि में अपना नाम जुड़वाने के दौरान शपथ पत्र देकर यह फर्जीवाड़ा कराए होंगे। इसमें हम कुछ नहीं कर सकते। इसके लिए पीडि़त को अपील में जाना होगा। पटवारी व ग्राम पंचायत को देखना चाहिए था, नहीं देखे हैं तो हम क्या कर सकते हैं। आवेदक का प्रकरण पुराना भी लग रहा है, संबंध में एसडीएम न्यायालय में अपील कर सकता है, जिसके बाद सुधार हो सकता है।

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