घूमते मिले तो तबियत खराब है होने का बनाया बहाना, लगवाई उठक-बैठक

-मैं समाज का दुश्मन हूं, नहीं रहूंगा घर पर का पकड़ाया स्लोगन

-एसडीओपी बोलीं- समझाइश नहीं मान रहे लोग, इसलिए निकाला तरीका, कागज में लिखे शब्द को पढ़ते ही लौटने लगे तमाशबीन

 

कटनी. जबलपुर में कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद कलेक्टर ने जिले में 31 मार्च तक धारा 144 लगा दी है। लोगों से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की, लेकिन इसका असर कुछ लोगों पर नहीं पड़ा। लॉक डाउन होने के बाद भी कुछ लोग तमाशबीन बनकर घरों से बाहर निकले। उन पर पुलिस की समझाइश का भी असर कम ही पड़ा। बाहर निकलने का कारण पूछा तो बोले तबियत खराब है। चक्कर आ रहा। मंगलवार को यह हाल पूरे जिले का रहा। ऐसे में विजयराघवगढ़ एसडीओपी शिखा सोनी ने लोगों को घरों में रहने और इंसानियत को जगाने का एक नया तरीका खोजा। उन्होंने बताया कि डंडे मारने की जगह गांधीगिरी अपनाई। कागज के पम्पलेट बनवाएं और उसमें लिखवाया मैं समाज का दुश्मन हूं। मैं घर पर नहीं रहूंगा। सड़क पर तमाशबीन बनकर घूम रहे लोगों को थमाया। इतने में ही लोग शर्मिंदा हुए और घूमने की बजाय घर चले गए। इसके अलावा सजा के तौर पर उठक-बैठक लगवाई गई।

dharmendra pandey Reporting
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