राहत से पहले आफत बनी 36 करोड़ रुपए से बनने वाली सड़क, वीडियों में देखें कैसे गड्ढे में समा रहे मवेशी

संकेतक लगे न बेरीकेट्स, गड्ढे में भैंस गिरने से ग्रामीणों में आक्रोश, हर समय हादसे का बना रहता है डर, झिंझरी से देवगांव तक 36 करोड़ से बनने वाली सड़क का मामला

By: balmeek pandey

Updated: 07 Jan 2019, 12:39 PM IST

कटनी. सड़क के निर्माण से भले ही ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलेगी, लेकिन उसके निर्माण के समय नियमों की अनदेखी के कारण हादसे होने लगे हैं। जिम्मेदारों द्वारा ध्यान न दिये जाने से ठेकेदार द्वारा निर्माण में मनमानी की जा रही है। जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला ग्राम गुलवारा में सामने आया, जहां पर एक कृषक की भैंस जानलेवा गड्ढे में समा गई। कृषक व ग्रामीण ठेकेदार के कर्मचारियों से भैंस को निकलवाने के लिए कहते रहे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। भारी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने भैंस को बाहर निकाला। वहीं इस घटना से ग्रामीणों में खासा आक्रोश है। जानकारी के अनुसार झिंझरी से देवगांव तक सड़क की हालत खस्ता हो गई थी। जगह-जगह जानलेवा गड्ढे बने हुये थे। ग्रामीणों की लगातार मांग के बाद सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली है। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। सड़क निर्माण के लिए सड़क का चौड़ीकरण करने के लिए पुलियों का भी चौड़ीकरण हो रहा है। बताया जा रहा है कि पुलियों का भी चौड़ीकरण हो रहा है। ठेका कंपनी द्वारा पुलियों को चौड़ा करने के लिए लगभग 15 दिन से सड़क के दोनों ओर गड्ढे कर दिए गए हैं, लेकिन अभी तक वहां पर काम शुरू नहीं हुआ, जिसके कारण वहां हादसे होना शुरू हो गए हैं।

गड्ढे में समाई भैंस
गुलवारा निवासी किसान बबलू गौतम ने बताया कि रविवार की सुबह वह मवेशियों को लेकर खेरका जा रहे थे, तभी गांव के समीप सड़क निर्माण के लिए बने गड्ढे में पडिय़ा (भैंस का बच्चा) गिर गई। गड्ढे में गिरने से भैंस को चोट आ गई और वह जोर-जोर से रम्हाने लगी। बबलु गौतम ने बताया कि पास में ही चल रहे सड़क निर्माण के काम में लगे जेसीबी चालक सहित अन्य कर्मचारियों से हादसे की जानकारी दी, लेकिन कर्मचारियों ने मदद करने से हाथ खड़ा कर दिया। फिर किसान ने ग्रामीणों से मदद की गुहार लगाई। ग्रामीणों की मदद से लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद भैंस को बाहर निकाला गया।

पूरी सड़क में यही स्थिति
घटना के बाद से ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीणों का आरोप था कि सड़क निर्माण के समय संकेतक और बैरीकेट्स लगाना अनिवार्य है, लेकिन ठेकेदार द्वारा लापरवाही की जा रही है। गड्ढों को भी खुला छोड़ दिया गया है, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि जानलेवा गड्ढों के पास भी कोई संकेतक आदि की व्यवस्था नहीं की गई। हादसे के बाद ठेकेदार के कर्मचारी संवेदनहीन दिखे। जेसीबी से भैंस को निकालने के लिए रास्ता बनाने कहा जा रहा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही सुरक्षा व्यवस्था का ध्यान नहीं दिया गया तो वे अधिकारियों से शिकायत व प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।

36 करोड़ से बन रही सड़क
जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग द्वारा हिलवेश कंस्ट्रक्शन को टेंडर दिया गया है। झिंझरी से देवगांव तक 36 करोड़ रुपए की लागत सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। साढ़े पांच मीटर डामर सड़क का निर्माण होना है। निर्माण लगभग तीन माह से चल रहा है। 2020 तक सड़क का निर्माण पूरा होना है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण के समय धूल के गुबार से मुक्ति दिलाने के लिए पानी का छिड़काव करना जरुरी है, लेकिन इसमें भी आपैचारिकता हो रही है। अधिकांश समय धूल के गुबार से राहगीर परेशान रहते हैं। ग्रामीणों ने समस्या समाधान कराए जाने मांग की है।

इनका कहना है
ठेकेदार को काम के दौरान पूरी सावधानी बरतने व नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। बैरीकेट्स और संकेतक लगाने कहा गया है, यदि ऐसा नहीं किया गया तो उसे तत्काल कराएंगे, ताकि किसी प्रकार की घटना न हो। शीघ्र गुणवत्तायुक्त सड़क का निर्माण हो इस बात का विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आरके एसडीओ, लोक निर्माण विभाग ग्रामीण।

 

 

balmeek pandey Reporting
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