राज्य सूचना आयुक्त ने दिए निर्देश: 15 दिन में करें जांच, दोषियों पर दर्ज कराएं एफआइआर

नगर निगम कटनी में जमकर मनमानी जारी है। शहर में कचरे का निपटान करने वाली कंपनी एमएसडब्ल्यू के साथ मिलकर पूर्व के अधिकारियों ने जमकर गड़बड़ी की है। इसमें लाखों रुपये की आर्थिक अनियमितता की गई है।

By: balmeek pandey

Updated: 16 Apr 2021, 09:54 PM IST

कटनी. नगर निगम कटनी में जमकर मनमानी जारी है। शहर में कचरे का निपटान करने वाली कंपनी एमएसडब्ल्यू के साथ मिलकर पूर्व के अधिकारियों ने जमकर गड़बड़ी की है। इसमें लाखों रुपये की आर्थिक अनियमितता की गई है। एमएसडब्ल्यू को किए गए भुगतान से संबंधित निगम के अधिकारी अब दस्तावेज भी नहीं मुहैया करा पा रहे। इसको लेकर राज्य सूचना आयुक्त ने 15 दिन में जांच करते हुए दोषियों पर एफआआर दर्ज करने निर्देश दिए हैं। बता दें कि तत्कालीन स्वच्छता नोडल अधिकारी सुरेंद्र मिश्रा वर्तमान नगर निगम जबलपुर द्वारा जमकर अनियमितताएं की गई है। कंपनी से सांठगांठ कर लाखों रुपये का गलत भुगतान कराया गया है। साथ ही तत्कालीन सहायक लोक सूचना अधिकारी संध्या सरयाम ने भी समय पर जानकारी नहीं दी। बता दें कि विकास कुमार बाझल के द्वारा 3 सितंबर 19 को एमएसडब्ल्यू की टिपिंग फीस का भुगतान की नस्ती में संलग्न उपायुक्त की टीप, लिटर बिन स्थापित न किए जाने पर आगामी देयक पारित नहीं किए जाने आदि की जानकारी चाही गई थी। 7 दिवस में जानकारी उपलब्ध करानी थी, लेकिन नहीं कराई गई। द्वितीय अपील में भी सुनवाई नहीं हुई, कह दिया गया कि नस्ती में दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।
राज्य सूचना आयुक्त डॉ. अरुण कुमार पांडेय ने एक मामले की सुनवाई करते हुए नगर निगम के अपीलीय अधिकारी को 15 दिन में नस्ती, दस्तावेज गायब होने की जांच करने कहा है। दोषी के विरुद्ध कार्यवाही करने कहा है। जरुरत अनुसार संबन्धित दोषी अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने कहा है। 30 दिवस में आयोग के समक्ष पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के भी सख्त निर्देश दिए हैं। बता दें कि आयोग का आदेश आबद्ध कर एवं बंधन कारी होता है। आयोग के आदेश के उल्लंघन की स्थिति में धारा 19 (7) ग के तहत धारा 20 के अन्तर्गत कार्यवाही का प्रावधान है।

balmeek pandey Reporting
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