गजब! ज्योतिषी बने इस शहर के वार्ड दरोगा व टैक्स कलेक्टर, घर बैठे ही जान लिया किसके पास नहीं है अनाज!

लॉकडाउन के चलते जरुरतमंदों के घरों में राशन के लिए हायतौबा की स्थिति है। नगर निगम द्वारा पहले कूपन वितरण में मनमानी की गई। इसमें निवर्तमान कुछ पार्षदों व भावी प्रत्याशियों ने मनमानी की। अधिकारी-कर्मचारी भी बेपरवाही करते रहे। इस मनमानी के बाद व्यवस्था बदली। वार्ड-वार्ड में जाकर वार्ड दरोगाओं, टैक्स कलेक्टरों को वार्डों में जाकर जरुरतमंद परिवारों को चिन्हित करना है।

By: balmeek pandey

Published: 18 Apr 2020, 08:03 AM IST

कटनी. लॉकडाउन के चलते जरुरतमंदों के घरों में राशन के लिए हायतौबा की स्थिति है। नगर निगम द्वारा पहले कूपन वितरण में मनमानी की गई। इसमें निवर्तमान कुछ पार्षदों व भावी प्रत्याशियों ने मनमानी की। अधिकारी-कर्मचारी भी बेपरवाही करते रहे। इस मनमानी के बाद व्यवस्था बदली। वार्ड-वार्ड में जाकर वार्ड दरोगाओं, टैक्स कलेक्टरों को वार्डों में जाकर जरुरतमंद परिवारों को चिन्हित करना है। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि अधिकांश वार्ड दरोगा व टैक्स कलेक्टरों ने घर से ही अंदाज में सूची बनाकर नगर निगम कार्यालय में जमा कर दी है। कुछ वार्ड दरोगों व टैक्स कलेक्टरों से जानकारी भेजी है। शहर में लगभग 57 हजार परिवार हैं। दो दिनों तक चले सर्वे में नगर निगम को मात्र 5 हजार लोग ही ऐसे मिले हैं, जिनको राशन का आवश्यकता है। संभवत: शनिवार से पांच किलो चावल वितरण की सुविधा नगर निगम शुरू करेगा। बता दें कि पहले कूपन वितरण में मसुरहा वार्ड, गांधी गंज, मंगल नगर आदि क्षेत्र में जमकर मनमानी हुई है।

फोन लगाकर परेशान हो रहे लोग
वार्डदरोगों और टैक्स कलेक्टरों की मनमानी का दंश जरुरतमंद भोग रहे हैं। हजारों की संख्या में अभी ऐसे परिवार हैं जो राशन के लिए परेशान हैं। नगर निगम कंट्रोल रूम, अधिकारियों को फोन लगाकर परेशान हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। रोशन नगर निवासी आरजी दुबे ने बताया कि वार्ड दरोगा वार्ड में नहीं आया। फोन लगाए तो कह दिया कि रांग नंबर है, जबकि नगर निगम ने नंबर जारी किया है। वार्ड क्रमांक 18 संजय निकुंज नर्सरी निरंज काछी, दुखनी काछी दिव्यांग हैं, जरुरतमंद है लेकिन सूची में अबतक नाम नहीं है। जीवा बारी (70) संजय निकुंज इनका भी सर्वे नहीं किया गया। यहां पर 50 से अधिक परिवार रहते हैं जो जिनका सूची में नाम शामिल नहीं है। यही हाल शहर के अन्य बस्तियों का है, जहां पर लोग राशन के लिए परेशान हैं।

खास-खास:
- 45 टैक्स कलेक्टर-45 वार्ड दरोगाओं को सर्वे के लिए सौंपी गई थी जिम्मेदारी।
- नगर निगम के अधिकारियों का कहना घर-घर जाना सर्वे के लिए संभव नहीं।
- नगर निगम के कई चक्कर काटने के बाद जुड़ता है राशन के लिए नाम।
- सूचना और शिकायत के बाद ही हरकत में आते हैं नगर निगम के अधिकारी।
- लॉकडाउन के 24 दिन बीते, अबतक अनाज वितरण की नहीं व्यवस्था।
- नगर निगम के अधिकारियों की मॉनीटरिंग भी सवालों में।

इनका कहना है
वार्ड दरोगाओं को और टैक्स कलेक्टरों को सर्वे करने के लिए कहा गया था। सर्वे रिपोर्ट जमा कर रहे हैं। यदि किसी ने मनमानी की है तो उनपर कार्रवाई करेंगे। जरुरतमंदों को राशन मुहैया हो इसके लिए आवश्यक पहल की जाएगी।
आरपी सिंह, आयुक्त नगर निगम।

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