जिला अस्पताल के हालात: कोविड मरीजों को परोसी जा रही कीड़ा वाली सब्जी, कच्ची रोटी व पतली दाल, देखें वीडियो

प्रतिबंधित पॉलीथिन में दे रहे गरम दाल-सब्जी व चाय, पानी की समस्या से भी परेशान, सफाई के नहीं पर्याप्त इंतजाम, आइसुलेट का भी नहीं रखा जा रहा ध्यान

By: balmeek pandey

Published: 26 Aug 2020, 08:49 PM IST

कटनी. जिला अस्पताल में कोरोना वायरस महामारी के चपेट में आए लोग जिंदगी और मौत के बीच जद्दोजहद करने के साथ ही कई अव्यवस्थाओं से लड़ रहे हैं। यहां पर भर्ती होने वाले मरीजों ने फोटो-वीडियो बनाकर जो समस्या बयां की है उसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। यहां पर भर्ती मरीजों को भोजन से लेकर दी जाने वाली सुविधाओं में गंभीर बेपरवाही बरती जा रही है। ऐसे में मरीज ठीक होने की बजाय उनमें और संक्रमण का डर सता रहा है। पत्रिका से की गई बातचीत में यहां भर्ती मरीजों ने जिला अस्पताल की अव्यवस्था को उजागर किया। कोविड सेंटर में भर्ती मरीज रामकृपाल ने बताया कि रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी वे स्वस्थ हैं। कोई लक्षण नहीं लग रहे। जिला अस्पताल कोविड सेंटर में कई दिनों से भर्ती हैं। खाने-पीने की व्यवस्थाएं बहुत ही खराब हैं। सफाई बिल्कुल भी नहीं हो रही है। खाने में मच्छर व मक्खी मिल रही हैं। सब्जियां कच्ची रहती हैं। गंदगी बहुत ज्यादा रहती है। वॉटर कूलर लगा है, उसमें पानी खुद भरना पड़ता है। गर्म पानी नहीं मिल रहा। दूध की भी गुणवत्ता सही नहीं रहती।

यह कैसा आइसुलेशन
कोविड सेंटर में भर्ती रामेश्वर ने बताया कि कोविड जनरल वार्ड के हाल बेहाल हैं। आइसुलेशन होना चाहिए वह नहीं है। दो मरीजों के बीच पॉलीथिन आदि का कोई भी पर्दा नहीं किया गया। डिस्चार्ज के समय कोई जांच नहीं होती है, एडमिट के समय भी कोई सिमटम्स नहीं थे। वायरस बढ़ जाए तो और भी समस्या हो सकती है। रोटी बहुत सही नहीं रहती। रोटी में मैदा मिला रहता है। वह भी कच्ची रहती हैं। चाय एकदम पानी वाली रहती है। उसमें अदरक भी नहीं रहता। जनरल वार्ड में कमोड नहीं हैं। सफाई नहीं होती है। बहुत मिन्नत करने के बाद होती है। कई बार पानी नहीं रहता, कई घंटे तक गिड़गिड़ाने के बाद पानी आता है।

यह समस्याएं भी हैं गंभीर
- कोविड वार्ड में भर्ती मरीजों को गर्म सब्जी, दाल व चाय पॉलीथिन में दी जा रही है, थर्माकोल की थाली दी जा रही है, जिससे मरीजों को नुकसान का डर सता रहा है।
- पलंग के गद्दे बहुत खराब हैं, बैडशीट भी नहीं बदली जातीं, पांच से छह दिन तक एक ही चादर चलती है।
- वार्ड सहित प्रसाधन में गंदगी ज्यादा रहती है, इससे संक्रमण का खतरा बना रहता है, रात में मच्छर भी परेशान करते हैं।
- डॉक्टर व नर्सिंग स्टॉफ से शिकायत करने पर नहीं होती सुनवाई, मंगलवार को एसडीएम के साथ पहुंचे अधिकारियों से शिकायत पर भी नहीं हुई सुनवाई।

इनका कहना है
खराब खाने की शिकायत मिली है। मैं उसमें सुधार कराने के लिए पूरी कोशिश कर रहां हूं। कीड़ा मिलने की शिकायत पर मैं कुछ नहीं कहूंंगा। सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी। कोविड मरीजों के लिए गर्म पानी की जरुरत नहीं है, यदि वो मांगते हैं तो मुहैया कराएंगे। पॉलीथिन में सब्जी व दाल थर्माकोल की प्लेट में खाना देने की मुख्य वजह है कि मरीजों को थाली नहीं देना नहीं तो 100 रुपये की थाली धुलने वाले मजदूर को महंगी पीपीइ किट देनी पडग़ी।
डॉ. यशवंत वर्मा, सिविल सर्जन।

balmeek pandey Reporting
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