निर्देश तक सीमित कवायद, बैठक के दो दिन बाद भी प्रदूषण का ग्राफ 'खराब'

निर्माण कार्यों में कपड़े लगाने और सड़क से धूल कम करने पर चर्चा पर अमल नहीं.

- दो किलोमीटर की दूरी में लगी दो मशीनों में प्रदूषण के एक्यूआइ में अंतर, पुअर श्रेणी में शहर का प्रदूषण.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 01 Dec 2020, 10:50 PM IST

कटनी. नागरिकों के स्वास्थ्य के लिहाज से नुकसानदायक प्रदूषण स्तर को कम करने के प्रयास निर्देशों तक सीमित होकर रह गया है। शहर में बीते एक माह से ज्यादा समय प्रदूषण खराब स्थिति में है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। खासबात यह है कि प्रशासन के आला अफसर भी इस बात से वाकिफ हैं, और प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए दो दिन पहले आयोजित बैठक में ठोस प्रयास करने पर चर्चा भी हुई।

जानकर ताज्जुब होगा कि बैठक में निर्णय के दो दिन बाद भी जमीनी स्तर पर किसी तरह के प्रयास नहीं हुए। इसका असर सोमवार को ही शहर के प्रदूषण पर दिखा। कटनी शहर का एक्यूआइ 214 रहा। जो मानव स्वास्थ्य के लिहाज से खराब स्थिति है।

खासबात यह है कि बैठक में आयुक्त नगर निगम सतेन्द्र धाकरे ने शहर के चौराहों, डिवाईडरों एवं मुख्य सड़कों के किनारे पर धूल प्रदूषण रोकने पानी का छिड़काव करने के साथ ही सड़क किनारे या निर्माण स्थल पर गिट्टी, रेत, मिट्टी या अन्य निर्माण सामग्री को खुला संग्रहित करने पर भी प्रतिबंध लगाए जाने की बात कही थी। इसमें निर्माण मामलों में प्रतिबंध पर अमल नहीं हुआ।

बतादें कि कटनी शहर का एक्यूआई औसतन 300 से अधिक पाया गया है। जो कि एयर क्वालिटी इन्डेक्स में बेहद खराब श्रेणी में माना जाता है। कटनी में वायु प्रदूषण के लिये मुख्य रुप से 70 प्रतिशत सड़क और वातावरण की धूल (डस्टी) प्रमुख कारण हैं। शहर के वायु प्रदूषण में नियंत्रण और जलवायु सुधार के लिये रणनीति तैयार करने संबंधी बैठक में 28 नवंबर को कलेक्टर ने कहा कि शहर में धूल कण को कम करने के उपाय किए जाएं।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आलोक जैन के अनुसार कटनी शहर में वायु प्रदूषण के लिये धूल का प्रदूषण 70 प्रतिशत तक जिम्मेदार है। शहर में एक्यूआई मापक यंत्र नगर निगम कार्यालय में स्थापित है। प्रदूषण के मानकों के अनुसार 200 एक्यूआई मॉडरेट की श्रेणी मानी जाती है। लेकिन इससे ऊपर पुअर की श्रेणी होती है। कटनी शहर की परिवेशीय वायु की गुणवत्ता 300 औसतन है। इसे कम करने सड़कों एवं वातावरण के धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने की जरुरत है।

कटनी शहर में प्रदूषण मापने के लिए नगर निगम के अलावा तीन दिन पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय में यंत्र लगाया गया है। इन दोनों स्थानों के बीच दूरी लगभग दो किलोमीटर होगी, लेकिन प्रदूषण के एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) में अंतर बहुत ज्यादा है। यहां 28, 29 व 30 नवंबर को पीसीबी कार्यालय और नगर निगम में लगी मशीन में एक्यूआइ क्रमश: 350 व 331, 145 व 256 और 93 व 214 रहा।

कलेक्टर एसबी सिंह बताते हैं कि प्रदूषण कम करने के लिए सम्पूर्ण जिले में निषेधाज्ञा आदेश जारी कर खेतों के अवशेष, नरवाई इत्यादि जलाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे मामलों में जुर्माने की कार्रवाई के निर्देश दिए। शहर के आस-पास की खदानों में प्रदूषण नियंत्रण और सुरक्षा के मानदण्डों का सख्ती से पालन कराने कहा गया है। प्रदूषण नियंत्रण के अधिकारियों को भी औद्योगिक क्षेत्रों में भी प्रदूषण नियंत्रण पर सतत् निगाह रखने के निर्देश हैं। शहर में धूल कम करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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