प्रधानमंत्री आवास और संबल योजना में ग्रहण, राशि के लिए चक्कर काट रहे हितग्राही

73 ग्राम पंचायतों के हितग्राही हैं परेशान, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

By: balmeek pandey

Published: 16 Dec 2020, 10:21 AM IST

कटनी/ढीमरखेड़ा. जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली 73 ग्राम पंचायतों के पात्र हितग्राही जिन्होंने सारी औपचारिकता पूर्ण कर प्रधानमंत्री आवास और संबल योजना का लाभ लेने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर जनपद पंचायत के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वहीं हितग्राहियों के मन में शासन-प्रशासन के प्रति घोर निराशा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजना का प्रचार-प्रसार करने और मंच से वाह वाही लूटने में जिम्मेदार कोई कसर नहीं छोड़ते। पात्र हितग्राहियों को राशि न मिलने के कारण आवश्यक कार्य छोड़ कर शासकीय कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं। शासन की जनकल्याणकारी योजना संबल योजना जिसमें सामान्य मृत्यु पर दो लाख और दुर्घटना मृत्यु पर चार लाख रुपये का लाभ मिलने का प्रावधान है। जनपद पंचायत में 2018 से संबल योजना की राशि उपलब्ध नहीं हुई। तकरीबन 250 स्वीकृत प्रकरण के हितग्राही आए दिन जनपद पंचायत के चक्कर काट रहे हैं। परिजन निराश हैं। इंसान के ना रहने के बावजूद शासन की योजना के लाभ के लिए भटकना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने भले ही गांवो की तस्वीर बदल दी है, लेकिन जुलाई 2020 से आवास योजना के हितग्राहियों की दूसरी और चौथी किस्त नहीं मिल पा रही है। जानकारी के अनुसार दूसरी किस्त के 130 हितग्राही जिन्हें 40 हजार रुपये की किस्त मिलना है। चौथी किस्त के 322 हितग्राही जिन्हें 15000 की किस्त मिलना है। राशि न मिलने के कारण आवास आधे अधूरे पड़े हुए हैं। हितग्राही परेशान हैं।

मानदेय का भी नहीं भुगतान
जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाली 73 ग्राम पंचायत तो के सरपंचों को तकरीबन 40 माह से मानदेय नहीं मिला है। सरपंच संघ ने बताया कि 1750 रुपए प्रतिमाह सरपंचों को मानदेय शासन से निर्धारित है। तकरीबन 40 माह से सरपंचों को मानदेय नहीं मिला है। अधिकारियों से लगातार इस संबंध में चर्चा की गई, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो पाया।

इनका कहना है
प्रधानमंत्री आवास संबल योजना और सरपंचों का मानदेय शासन स्तर से लंबित है वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा लगातार पत्र व्यवहार किए जा रहे हैं। जल्द से जल्द समस्या का निराकरण होने की जानकारी प्राप्त हो रही है।
विनोद पांडेय, जनपद सीईओ ढीमरखेड़ा।

balmeek pandey Reporting
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