किसानों को पलेवा के लिए पानी की जरूरत, सूखी पड़ीं नहरें, नहीं हो रही सफाई

अब शुरू हो जाएगी गेहूं की बोवनी, 30 वर्षों से कृषि कार्य के लिए नही मिल पा रहा है पानी, कूडऩ जलाशय से निकली एबीसी नहर प्रणाली बनी दिखावा, जल संसाधन विभाग नही दे रहा ध्यान

By: balmeek pandey

Updated: 15 Nov 2020, 09:22 AM IST

कटनी/ स्लीमनाबाद. रबी सीजन की खेती का कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन बहोरीबंद विकासखण्ड में कूडऩ जलाशय से निकली एबीसी नहर प्रणाली जो ग्राम बचैया तक गई है उसमें अभी तक न तो सफाई का कार्य शुरू हुआ है और न ही पानी छोड़ा गया है, जबकि किसानों को गेंहू की फसल की बोवनी करने के लिए पलेवा की जरूरत है। कई किसानों ने तो निराश होकर ट्युवबेलों से पलेवा करना शुरू भी कर दिया है। अभी नहर में पानी नहीं छोड़ा गया। कूडऩ जलाशय से बचैया ग्राम तक 25 किलोमीटर की दूरी की नहर है। जिसमें से मात्र हर सीजन में ग्राम किरहाई पिपरिया तक यानि 12 किलोमीटर ही पानी पहुंच पाता है। इसके आगे ग्राम पौड़ी, भखरवारा, उदयपुरा, नयागांव, बुधनवारा, बचैया, ककरेहटा व गुना ग्राम तक नहर में पानी नहीं जाता है। यहां हर सीजन में नहर सूखी पड़ी रहती है।
दर्जन भर गांव के किसानों का कहना है कि यह समस्या अभी नही विगत 25 वर्षों से बनी हुई है। किरहाई पिपरिया से आगे गुना गांव तक 15 किलोमीटर नहर की सफाई से नहीं हुई। विभाग की ओर से कई बार टेंडर निकालने का दावा किया जा चुका है, लेकिन ठेकेदारों के रूचि न लेने से किसानों को राहत नहीं मिल पा रही। नहर की तलहटही में तीन-तीन इंच तक सिल्ट जमी होने तथा दोनों ओर बड़ी संख्या में झाड़-झंकार उग आने से पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा।

पानी न मिलने से फसल का उत्पादन होता है प्रभावित
दर्जन भर गांव के किसानों ने बताया कि रबी सीजन की खेती के लिए सिंचाई विभाग की लापरवाही से पानी न मिल पाने के कारण गेंहू की फसल का उत्पादन प्रभावित होता है। क्षेत्र में हजारों हेक्टेयर भूमि में गेंहू की खेती की जाती है जो सिर्फ ट्यूबवेलों के भरोसे ही हो पाती है। फसल लागत बढऩे से खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। कई बार इस समस्या को लेकर जल संसाधन विभाग सहित जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन किसी के द्वारा कोई ध्यान नही दिया जा रहा है।

तीन माह से कुसेरा गांव में अंधेरा, सिंचाई न होने से सूख गई खड़ी फसल
बंधी स्टेशन. पिछले कई दिनों से विद्युत विभाग की मनमानी और बेपरवाही चरम पर है, उपभोक्ताओं से मनमाने बिल तो वसूले जा रहे हैं, कुर्की की कार्रवाई की जा रही है, समय पर बिल न जमा करने पर लाइन काट दी जा रही है, लेकिन फाल्ट, खराब ट्रांसफार्मरों को समय पर नहीं सुधारा जा रहा और ना ही कटौती रोकी जा रही। कई गांव के लोग महीनों से ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण परेशान है। ऐसा ही एक मामला स्लीमनाबाद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत मढ़ाना के कुसेरा गांव में सामने आया है। यहां पर पिछले तीन माह से ट्रान्सफार्मर खराब है। शाम होते ही लोग के घरों में अंधेरा छाया रहता है। बिजली न होने से न सिर्फ दैनिक बल्कि आवश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। लोगों के मोबाइल चार्ज करने चार किलोमीटर धरवारा जाना पड़ता हैं। किसान मुकेश सिंह, जगन सिंह, जागेश्वर सिंह, कृपाल सिंह, राजेश सिंह, सोने सिंह, सुकचैन सिंह, नारेन्द्र सिंह, बलबीर सिंह, प्रीतम सिंह, रामकुमार सिंह ने बताया कि कृषि फीडर का ट्रांसफर भी खराब है, जिसके चलते जहां किसानों की एक एकड़ मे 15 से बीस क्विंटल धान होती थी, जहां बिजली न होने के कारण मात्र एक एकड़ मे मात्र तीन से चार क्विंटल ही धान हुई है। अनेकों बार स्लीमनाबाद विद्युत कार्यालय जाकर बताया गया, लेकिन आज तक लाइट का सुधार नहीं किया गया। लाईट बंद होंने से कई किसानों की धान की खड़ी फसल सूख गई। किसानों ने शीघ्र ही समस्या का निजात दिलाए जाने अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से मांग की है।

इनका कहना है
कूडऩ जलाशय से निकली बचैया ग्राम तक नहर में पानी की सुविधा न मिलने का मामला संज्ञान में आया है। जल संसाधन विभाग के एसडीओ से इस संबंध बात की जाएगी व किसानों को सिंचाई के लिए पानी की सुविधा मिले इसके प्रयास किए जाएंगे।
विजय द्विवेदी, तहसीलदार बहोरीबंद।

balmeek pandey Reporting
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