भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद मचा हड़कंप, अध्यापकों से जुड़ा है मामला

- बचाव में उतरा शिक्षक संगठन
- एरियर्स की राशि दिए जाने का मामला
- गुरुजियों से अध्यापक बने कर्मचारियों से जुड़ा है मामला
- कलेक्टर शशि भूषण सिंह को सौंपा ज्ञापन

By: Ashtha Awasthi

Published: 20 Nov 2020, 05:15 PM IST

कटनी। शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद गुरुजियों से रिकवरी आदेश जारी होते ही हड़कंप मच गया है। शिक्षक संगठन अब उनके बचाव में उतर आया है और आज कलेक्टर से मिलकर अध्यापकों को राहत दिलाने की पैरवी शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश शिक्षक कांग्रेस संघ ने आज कलेक्टर शशि भूषण सिंह को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन सौंपकर रखी थी मांग

विकास खंड शिक्षा अधिकारी एवं संकुल प्राचार्य के कार्य क्षेत्र में कार्यरत तत्कालीन गुरुजियों को नियमित वेतनमान पूरी प्रक्रिया के साथ आहरण वितरण अधिकारियों द्वारा दिया गया था। राज्य शिक्षा केंद्र एवं उच्च शिक्षा अधिकारियों के निर्देशानुसार भुगतान नियमानुसार नहीं होने के कारण मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जगदीश चंद्र गोमे ने मामले की जांच कराई और दोषियों के विरुद्ध रिकवरी के आदेश दिए।

इसमें विकास खंड शिक्षा अधिकारी एवं संकुल प्राचार्य को दोषी पाया गया। इन्हीं से वसूली के निर्देश दिए गए, लेकिन दोषी विकास खंड शिक्षा अधिकारी एवं संकुल प्राचार्य गुरुजियों ऊपर थोपते हुए सीधे गुरुजी से ब्याज सहित एकमुश्त राशि वसूलने के आदेश जारी किए हैं। जिससे एकाएक इस तरह से मार देना न्याय संगत नहीं है।

ये लोग रहे मौजूद

संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने एवं गुरुजियों को आसान किस्तों में अधिक भुगतान की गई राशि को वापस जमा करने के लिए समय देने की मांग रखी। इस दौरान नवनीत चतुर्वेदी, इलियास अहमद, श्रवण पाठक, प्रहलाद मिश्रा, राकेश सिंह बघेल, प्रदीप मिश्रा, कमलेश गर्ग, राजेंद्र राय, भरत राय, संतोष मिश्रा, संतोष कुशवाहा, पुष्पा गुप्ता आदि मौजूद रहीं।

Ashtha Awasthi
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