यहां तीन दिन शीतलहर में ठिठुरते रहे लोग...जानिए कारण

नगर निगम के अधिकारियों को देर से आई खुले आसमान के नीचे रात बिताने वालों की याद

By: mukesh tiwari

Published: 18 Dec 2018, 12:03 PM IST

कटनी. सर्द हवाओं से कांपता शहर, किसी ने खुद को कंबल में चारों ओर से लपेटा तो किसी ने कचरा बटोरकर उसकी आग से अपनी ठंड मिटाई। यह नजारा रहा रविवार की रात को शहर के मुख्य स्टेशन, मुड़वारा, जिला अस्पताल व बस स्टैंड का। तीन दिन से शीत लहर का प्रकोप होने के बाद भी अधिकारियों को खुले आसमान के नीचे रात बिताने वालों की सुध नहीं आई। सोमवार को देर शाम नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी जागे और कुछ स्थानों पर लकड़ी गिराने का काम शुरू किया। जिसमें स्टेशन, मुड़वारा, बस स्टैंड आदि शामिल थे। जरूरतमंदों को बस स्टैंड रैन बसेरा तक भेजने की निशुल्क वाहन सुविधा की शुरुआत न होने से भी लोग रैन बसेरा तक नहीं पहुंच सके।
कुछ कंबल लिपटे, कुछ जलाते रहे कचरा
रविवार की रात 11 बजे मुख्य स्टेशन के बाहर सर्द हवाओं से बचने खुले आसमान के नीचे रहने वाले लोग चबूतरों व सर्कुलेटिंग एरिया में पुराने कंबलों में लिपटे रहे। रैनबसेरा ले जाने नगर निगम का वाहन नहीं पहुंचा। यहीं पर रिक्शा चालक व ऑटो चालक अलाव की व्यवस्था न होने से कचरा व लकड़ी का जुगाड़ कर आग जलाकर रात काटते रहे।
अस्पताल में ठिठुरते रहे परिजन
रविवार रात 11.30 बजे जिला अस्पताल में मरीजों के परिजन अलाव न होने ठिठुरते रहे। कुछ परिजनों ने अस्पताल से नजदीक पुराने बस स्टैंड के पास कचरा बटोरा और उसकी आग के सहारे ही ठंड को मिटाने का प्रयास किया। आग जलती देख आसपास के ऑटो व रिक्शा चलाने वाले भी पहुंच गए।
पेड़ों की बटोरी सूखी लकड़ी
रविवार की रात 11.40 बजे मुड़वारा स्टेशन के बाहर सर्द हवाओं के कारण सन्नाटे की स्थिति रही। यात्रियों के इंतजार में बैठे कुली और ऑटो के चालक ही नजर आए। कुली व चालकों ने शीत लहर से बचाव के लिए पहले पेड़ोंं की सूखी लकडिय़ां और कचरा बटोरा और उसकी आग का सहारा लिया।
ठंडी हवाओं के साथ बादलों का डेरा
सोमवार को बादलों के डेरे और धुंध के बीच लोगों का सबेरा हुआ। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे और दिन का पारा 26 से 24 डिग्री पहुंच गया। सोमवार सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा और लोग गर्म कपड़ों में लिपटे रहे तो सुबह से कई स्थानों पर व्यापारी व मजदूर आग जलाकर ठंड से बचाव करते रहे।
इनका कहना है...
ठंड को देखते हुए शहर के प्रमुख स्थानों का चयन करते हुए अलाव के लिए लकड़ी की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं और कुछ स्थानों पर लकड़ी सोमवार की शाम को पहुंचाई गई है। रैनबसेरा तक जरूरतमंदों को भेजने वाहन सुविधा शुरू कराने को भी कहा गया है।
शशांक श्रीवास्तव, महापौर

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