दूषित जलापूर्ति से नागरिक बेहाल, संक्रमण का खतरा, जिम्मेदार बेपरवाह

-कई जगह सीवरयुक्त जलापूर्ति की शिकायत
-हैंडपंपों से भी निकल रहा गंदा पानी

By: Ajay Chaturvedi

Published: 02 Sep 2020, 02:07 PM IST

कटनी. एक तो कोरोना का संकट, लोगों को साफ-सफाई के साथ रहने और स्वच्छ खान-पान की सलाह दी जा रही है ताकि लोग निरोग रहें। लेकिन सरकारी व्यवस्था का आलम यह कि उसे स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य मंत्रालय का विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा निर्देशों से कोई सरोकार नहीं। अब कटनी के लोग दूषित जलापूर्ति से परेशान हैं। टैप वाटर हो या हैंडपंप दोनों से गंदा पानी आ रहा है। लोग डरे हैं कि वो संक्रामक रोग की चपेट में न आ जाएं। संबंधित विभाग से लगातार शिकायत की जा रही है पर कोई सुनवाई नहीं।

बता दें कि शहर के ड्रेनेज सिस्टम को सुधारने के लिए विभिन्ना स्थानों पर सीवर लाइन की नई पाइप बिछाई गई। नई पाइल लाइन तो बिछा दी गई पर पेयजल की खराब हुई पाइपलाइनों को जस का तस वहीं छोड़ दिया गया। दूसरे हाल के दिनों में हुई बारिश के बाद खाली प्लाटों में पानी भर गया है। ऐसे में पेयजल की जो पाइप लाइनें पुरानी हैं उनमें जगह-जगह लीकेज है जिसके चलते जब पीक ऑवर जलापूर्ति होती है तो उसमें गंदा पानी रिस कर मिल जाता है। ऐसे में इन पाइप लाइनों से दूषित जलापूर्ति होने लगती है। फिलहाल यही हो रहा है। नागरिकों ने इसकी शिकायत की पर जिम्मेदारों ने एक कान से सुन दूसरे कान से बाहर कर दिया।

माधवनगर के इंदिरा ज्योति कॉलोनी वार्ड क्रमांक 29 में तो हैंडपंपों से भी गंदा पानी निकल रहा है। ऐसे में यहां के नागरिक और परेशान हैं कि अब पीने का पानी कहां से लाएं। टैप वाटर हो या हैंडपंप दोनों का एक ही हाल है। लोग परेशा हैं पर समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा। स्थानीय लोगों ने निगम प्रशासन से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है ताकि वो किसी गंभीर बीमारी का शिकार होने से बचें सकें। उधर शहर के चौबे वार्ड निवासी लोगों ने बताया कि दो माह से गंदा पेयजल पीने के लिए मजबूर हैं। यही हाल माधवनगर के अमीर गंज और संजय नगर का है। लोगों का कहना है कि शिकायत कर-कर के थक गए पर समस्या दूर होना तो दूर कोई झांकने तक नहीं आया।

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Ajay Chaturvedi
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