स्वच्छ सर्वेक्षण जागरुकता में नगर निगम के अधिकारियों ने ताक पर रख दिया सीएम का निर्देश

अनुबंधित संस्था निभा रही जागरुकता की औपचारिकता, शहर में सार्वजनिक स्थानों पर नहीं दिख रही प्रभावी स्वच्छता.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 25 Feb 2021, 12:22 PM IST

 

कटनी. स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में स्वच्छता मानकों के आधार पर शहर को टॉप पर लाने मामले में नगर निगम के अधिकारी सीएम के निर्देश भी भूल गए। 8 फरवरी को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमिश्नर-कलेक्टर कांफ्रेंस में निर्देश दिए थे कि सर्वेक्षण की तैयारियों से जनता और जनप्रतिनिधियों को जोड़ा जाए।

जानकर ताज्जुब होगा कि सीएम के निर्देश 14 दिन बाद भी नगर निगम के अधिकारियों ने जागरुकता अभियान में शहर के जनप्रतिनिधियों को शामिल नहीं किया। शहर के नागरिक भी कह रहे हैं कि जागरुकता के लिए चलाए जा रहे अभियान में नगर निगम द्वारा अनुबंधित संस्था द्वारा महज औपचारिकता निभाई जा रही है।

जागरुकता अभियान में शामिल होने को लेकर जनप्रतिनिधियों का कहना है कि उन्हे जानकारी ही नहीं दी गई। बतादें कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में पूरे प्रदेश को टॉप पर लाने की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री ने सभी संभागायुक्त को लीडरशीप अपने हाथ पर लेने कहा है।

इस बारे में नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे बताते हैं कि जागरूकता अभियान के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों को बुलाया जाएगा।

इसलिए जरूरी है जागरुकता
स्वच्छता को लेकर हो रहे प्रयासों से जब तक शहर के नागरिक पूरे मन से नहीं जुड़ेंगे, तब तक सही मायनों में शहर को स्वच्छ रखना बड़ी चुनौती होगी। जागरूकता अभियान मेें जनप्रतिनिधियों के शामिल होने से ज्यादा से ज्यादा लोग अभियान से जुड़ेंगे।

ऐसे निभाई जा रही औपचारिकता
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के लिए चलाए जा रहे जागरूकता अभियान को लेकर नागरिकों का कहना है कि नगर निगम के अधिकारी और संस्था द्वारा महज औचारिकता निभाई जा रही है। कुछ स्कूलों में कार्यक्रम और नदी घाटों की सफाई कर कोरम पूरा किया जा रहा है। ऐसे कार्यक्रम में वार्ड के जनप्रतिनिधियों को भी शामिल नहीं किया जा रहा है।

सरकारी कार्यक्रम बनकर रह गया जागरूकता अभियान
स्वच्छता सर्वेक्षण जागरूकता अभियान में सहभागिता को लेकर शहर के पूर्व महापौर शशांक श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसे किसी भी कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर जानकारी नहीं आई। जागरूकता कार्यक्रम सरकारी कार्यक्रम बनकर रह गया है। जबकि ऐसे कार्यक्रम को लेकर जनता के मन में बात होनी चाहिए कि यह अभियान उनका है, उनके शहर के लिए है।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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