अजब-गजब हैं ननि के अफसर: 1160, 1134 व 1046 दिन में नहीं हल करा पाए छोटी-छोटी शिकायतें

आपको यदि कोई समस्या है तो सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करिये, उसका समाधान हो जाएगा, यह महज एक दिखावा है। नगर निगम में सीएम हेल्पलाइन कोई मायने नहीं रख रही। एक माह, एक साल तो छोडिय़े यहां पर तीन से चार साल में भी छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।

By: balmeek pandey

Updated: 27 Jul 2020, 08:33 PM IST

कटनी. आपको यदि कोई समस्या है तो सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करिये, उसका समाधान हो जाएगा, यह महज एक दिखावा है। नगर निगम में सीएम हेल्पलाइन कोई मायने नहीं रख रही। एक माह, एक साल तो छोडिय़े यहां पर तीन से चार साल में भी छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। मिथिलेश कुमार द्वारा 20 मई 2017 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की गई कि 26 अप्रैल को ननि आयुक्त से शिकायत की गई थी कि नगर निगम के वल्लभभाई पटेल वार्ड, मालवीय गंज, सुभाष वार्ड विलोपित होकर समाप्त हो चुके हैं, उक्त वार्ड में चार नए वार्ड बिरसा मुंडा 2, दीनदयाल वार्ड 17, रामजानकी हनुमान वार्ड 18 व विश्राम बाबा वार्ड 44 हो चुके हैं। नए वार्डों की सीमा 2014 के राजपत्र में प्रकाशित हैं। 2015 का चुनाव भी उसी आधार पर हुआ है, लेकिन नगर निगम द्वारा संपत्तिकर, सफाई, राशन, नल कनेक्शन आदि के कार्य पुराने वार्डों के अनुसार कराए जा रहे हैं, ऐेसे में जनता को भारी परेशानी हो रही है, दस्तावेजों में भी गलत नाम अंकित हो रहा है। इसमें सुधार किया जाए, लेकिन 1160 दिन बाद भी 3881120 का नगर निगम समास्या का समाधान नहीं करा पाया। इसी तरह तरह 15 जून 2017 को प्रेमनगर बस्ती के क्वार्टर में पेयजल सप्लाई चालू कराने की मांग की गई जो 1134 दिन बाद भी शिकायत क्रमांक 4027485 हल नहीं हो पाई। यह हाल शिकायत क्रमांक 4579533 का है, जिसमें दिनेश द्वारा 15 सितंबर 17 को शिकायत कर बताया गया कि आरती निषाद को आज दिनांक तक छात्रवृत्ति नहीं मिली, इस शिकायत को किए हुए 1046 दिन बीत गए हैं, लेकिन समाधान नहीं कराया गया।

यह है शिकायतों की स्थिति
बता दें कि नगर निगम में एकाएंट शाखा की एक शिकायत एल-2 और दो शिकायतें एल-4 में पहुंच गई हैं। बाजार शाखा की पांच, बिल्डिंग परमीशन की 41 शिकायतें लंबित हैं। 30 शिकायतें एल-4 में पहुंच गई हैं। इलेक्ट्रॉनिक की एक, अतिक्रमण की 65 शिकायतें हैं, जिनपर सुनवाई नहीं हो रही। इसमें से 52 मामले एल-4 में पहुंच गए हैं। निर्माण शाखा की 8 शिकायतें हैं, जिनमें से 5 एल-4 व एक एल-3 में है। खाद्य विभाग की चार शिकायतें हैं, जिनमें से दो एल-4, स्वास्थ्य विभाग की 42 शिकायतें हैं, जिनमें से 16 शिकायतें एल-4-3 में पहुंच गई हैं। विधि विभाग की एक शिकायत है। आएस औ ट्रिपल एस आइडी की 8 शिकायतें लंबित हैं। पीएम आवास योजना की 29 शिकायतें सर्वाधिक एल-4 में हैं। पीडब्ल्यूडी की 48 शिकायतें सर्वाधिक एल-4 व 3 में पहुंच गई हैं। राजस्व की 3 व जलप्रदाय विभाग की 19 शिकायतें जो कि एल-4 में ज्यादा हैं, इसके बाद भी जिम्मेदारों द्वारा समाधान नहीं कराया जा रहा। 21 शिकायतें एकाउंट की हैं जिनमें सर्वाधिक एल-4 की हैं।

इनका कहना है
कारोना के चलते कर्मचारी लोगों के घरों में नहीं जा पा रहे। बिजली विभाग पूरा होम क्वॉरंटीन पर है। हालांकि एक माह में 250 शिकायतों का निराकरण किया गया है। लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रेमनगर में अमृत योजना की लाइन चालू होने पर समस्या का हल होगा, पहली शिकायत में तो लोगों का काम चल रहा है। विकास भी हो रहे हैं। नाम का कोई फर्क नहीं पड़ता।
राकेश शर्मा, प्रभारी आयुक्त नगर निगम।

balmeek pandey Reporting
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