7 करोड़ रुपये अधिक लेने के बाद भी डेढ़ साल से मल्टी नहीं बना रहा ठेकेदार, एक सप्ताह बाद होगी हटाने की कार्रवाई

नगर निगम के अधिकारियों की मॉनीटरिंग, निगरानी रखने लगी कंपनी इजिस की सामने आई गंभीर लापरवाही, नोटिस के बाद भी ठेकेदार ने नहीं दिया जवाब, 10 दिन पहले भेजा गया दूसरा नोटिस, झिंझरी में जरुरतमंदों के लिए 117.46 करोड़ रुपये की लागत से बन रही मल्टी का मामला

By: balmeek pandey

Updated: 05 Apr 2021, 09:34 AM IST

कटनी. कटनी शहर में दो स्थान प्रेमनगर व झिंझरी में मल्टी बन रही हैं। दोनों ही स्थानों पर एक साल पहले भवन बनकर तैयार हो जाने थे। दो बार समय सीमा बढ़ाई गई, इसके बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में किराये के मकान में रहकर या फिर जमीन न होने के कारण पक्के आशियाने का संपना संजोकर रखने वालों के लिए केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास सस्ते दर पर मुहैया कराए जा रहे हैं, जिसमें गंभीर बेपरवाही नगर निगम द्वारा की जा रही है। हितग्राही 20-20 हजार रुपये की एफडी नगर निगम में जमा कर, बैंकों की किश्त बनवा चुके हैं, यहां तक कि उन्हें किराया भी चुकाना पड़ रहा है बावजूद इसके नगर निगम की बेपरवाही के चलते आशियाने मुहैया नहीं हो रहे। अब अधिकारी जांच की बात कह ठेकेदार की मनमानी पर टेंडर निरस्त करने का राग अलापने लगे हैं।
117.46 करोड़ रुपये की लागत से बिलहरी मोड़ झिंझरी में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नगर निगम द्वारा मल्टी का निर्माण कराया जा रहा है। बीआरपी एसोसिएट द्वारा 30 नवंबर 2017 को अनुबंध कराया गया। 18 माह में ठेकेदार द्वारा निर्माण प्रक्रिया पूरी करनी थी। 30 मई 2019 को मल्टी बनकर तैयार हो जाना था और 792 जरुरतमंदों को आवास मिल जाने थे। मार्च से शुरू हुए लॉकडाउन के बाद से इनके निर्माण काम और अटक गया है। हालांकि ठेकेदार लगभग छह माह पहले ही काम बंद करके रखा गया। बता दें कि इस काम को देखने के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी नगर निगम में इजिस काम कर रही है। पहले नगर निगम के इंजीनियर, तत्कालीन आयुक्त ने भी मामले को लटकाए रखा। हैरानी की बात तो यह है कि 7 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान ठेकेदार को बिना काम के कर दिया गया। ठेकेदार द्वारा काम न करने पर नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब नहीं दिया गया। 10 दिन पहले फिर नोटिस जारी किया गया है, अब एक सप्ताह बाद ठेकेदार को हटाने की कार्रवाई होगी।

इजिस कंपनी की बेपरवाही
नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे के अनुसार इजिस द्वारा पूरे काम को देखा जा रहा है। स्वतंत्र कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा गलत बिलिंग की गई। पहले ज्यादा भुगतान करा दिया फिर डिफरेंस निकाल दिया गया। ठेकेदार को नोटिस दिया गया, ठेकेदार को पक्ष रखने का समय दिया गया है, समय पर जवाब न मिलने पर हटाने की कार्रवाई होगी। बता दें कि इजिस द्वारा बीएलसी घटक के आवासों में भी जमकर मनमानी की गई है। हजारों आवेदनों को डस्टबिन में डाल दिया गया है, अपात्रों को आवास दे दिए गए हैं। पहले सूची के हितग्राही पीएम आवास के लिए चक्कर काट रहे हैं।

यह हो रहा निर्माण
झिंझरी में 1512 आवासों का निर्माण होना है। यहां पर इडब्ल्यूएस के 792 जिसमें जी/पी+3, एलआइजी के 384 पी+6 व एमआइजी के 336 पी+6 फ्लैट बनने हैं। 113.05 करोड़ की टेंडर लागत व एग्रीमेंट लागत 117.46 करोड़ रुपये तय की गई है। पहले 30 नवंबर 2017 से 18 माह में काम पूरा करना था, बाद में 30 मई 20 को मियाद बढ़ाई गई, समय बढ़ाने के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ। आलम यह है कि काम 40 फीसदी भी पूरा नहीं हुआ।

balmeek pandey Reporting
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