वरदान बना कोरोना का संकट काल, स्वास्थ्य के अनुकूल रहा पर्यावरण

कभी खराब वातावतरण से देशभर में सुर्खियों रहा कटनी, अब 6 माह से ग्रीन जोन में एक्यूआइ.

- कोरोना संकट काल में बदली फिजा, नागरिकों को मिल रहा सांस लेने के शुद्ध हवा, जानकारों ने कहा लोगों ने घर से निकलना कम तो किया तो वातावरण ने भी दिया साथ.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 30 Sep 2020, 10:00 PM IST

कटनी. कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते प्रभाव के बीच लोगों को सांस लेने के लिए शुद्ध हवा अब प्राकृतिक रूप से मिल रही है। जानकर ताज्जुब होगा कि कभी बेहद खराब प्रदूषण और रेड जोन तक पहुंच चुके एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) को लेकर देशभर में सुर्खियों में रहे कटनी में बीते 6 माह से दौरान एक्यूआइ ग्रीन जोन में है।

ज्यादातर दिनों में तो एक्यूआइ 50 माइक्रोग्राम क्यूबिक मीटर के नीचे ही बना रहा। मौसम के जानकार बताते हैं कि कोरोना संकट के बीच लागू लॉकडाउन और बाजार अनलॉक होने के दौरान लोगों ने घरों से निकलना कम किया तो इसका सीधा असर पर्यावरण पर पड़ा है। कटनी शहर में एक्यूआइ ग्रीन स्तर में है, जाहिर है इसका सीधा लाभ यहां के रहवासियों को मिलेगा। सांस लेने के लिए उन्हे शुद्ध हवा मिलेगी, ऑक्सीजन का लेबल भी बेहतर होगा।

कलेक्टर एसबी सिंह बताते हैं कि कोरोना संकट के बीच लोगों ने घर पर रहने की समझदारी दिखाई। कई काम जो घर से रहकर किया जा सकता है, उसके लिए घर से बाहर निकले भी नहीं। इसी का असर है कि कटनी शहर का वातावरण मानव स्वास्थ्य के लिहाज से बीते कई महीने से बेहतर स्थिति में है।

यह है बेहतर स्थिति
एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (एक्यूआई) को 0 से 50 के बीच 'बेहतर' माना जाता है। 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक' और 101 से 200 के बीच 'सामान्य', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है। वहीं, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 और पीएम 2.5 का स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

इस माह चार दिन ही सौ से उपर रहा एक्यूआइ
सितंबर माह में वातावरण में एक्यूआइ का स्तर चार दिन ही 100 से उपर रहा। इसमें 12 सितंबर को 105, 17 व 18 को क्रमश: 107 व 106 और 26 सितंबर को 105 शामिल है। वातावरण में 101 से 2 सौ के बीच एक्यूआइ को सामान्य माना जाता है। वातावरण में बेहतरी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि अन्य दिनों में एक्यूआइ सौ से कम रहा।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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