'सैनिटाइजर टनल' से गुजरने पर कोरोना वायरस फ्री होना सच नहीं, सिर्फ भ्रम

नुकसान- विशेषज्ञों की मानें तो इस टनल से निकलने वाला केमिकल खुले शरीर पर पडऩे से त्वचा, आंख, कान-नाक और अन्य खुले हिस्सों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.

डब्ल्यूएचओ, केंद्र और कई राज्यों की सरकारें कह चुकी हैं, बेसिक चीजें करें.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 18 Apr 2020, 11:47 AM IST

कटनी. कोरोना वायरस का प्रभाव कम करने और इससे बचाव के लिए जगह-जगह सैनिटाइजर टनल लगाए जा रहे हैं। इंडियन रेडक्रास सोसायटी के प्रदेश सदस्य प्रबंध कार्यकारिणी पवन बजाज द्वारा जिला अस्पताल को टोटल बॉडी सैनिटाइजर टनल मशीन दी गई तो इसे प्रवेश द्वार पर लगाने के साथ ही शुक्रवार को कलेक्टर एसबी सिंह टनल से गुजरे। उन्होंने अस्पताल आने वाले मरीजों व परिजनों सहित सभी का प्रवेश इसी टनल मशीन से करवाने के निर्देश दिए।

दूसरी ओर डॉक्टर व विशेषज्ञ कोविड 19 वार्ड के अलावा सार्वजनिक जगहों पर इस मशीन की उपयोगिता से इंकार कर रहे हैं। देश के कई राज्यों ने टनल को या तो बंद करवा दिया है या फिर इसे लगवाने से इंकार कर दिया है। जानकारों का कहना है कि 'सैनिटाइजर टनल' से गुजरने पर कोरोना वायरस फ्री होना सच नहीं, सिर्फ भ्रम है। इस संबंध में कलेक्टर एसबी सिंह का कहना हैं कि इस तरह के प्रयासों का उद्देश्य एहतियात बरतना है।

इस भ्रम से बचें
डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल रायपुर के टीबी एंड चेस्ट स्पेशलिस्ट एवं कोरोना कोर कमेटी के सदस्य डॉ. आरके पंडा बताते हैं कि कोविड 19 अस्पताल व वार्ड में डॉक्टर पीपीइ सूट के कवर होते हैं। तब वायरस केमिकल पडऩे से खत्म हो सकता है। मगर आम व्यक्ति जो पीपीइ किट नहीं पहनता है व टनल से गुजरता है तो संभव है वायरस उसके शरीर के किसी हिस्से में रह जाए। यह मान लेना की टनल से गुजरने में वायरस फ्री हो तो यह गलत है। इस प्रकार के भ्रम से बचने की जरूरत है।

Corona virus
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