आईएएस ऑफिसर बनने हाई लेवल परफॉर्म जरूरी

विशेषज्ञ कहते हैं शहर में होनहारों की कमी नहीं, लेकिन एप्रोच है कम, एक एग्जाम पर होगा फोकस तभी मिल पाएगी सफलता

By: narendra shrivastava

Updated: 23 Apr 2019, 06:16 PM IST

कटनी। शहर के युवा भी आइएएस ऑफिसर बनना चाहते हैं। ऑफिसर बन कर वे अपने ख्वाब पूरे करने के अलावा देश के लिए कुछ करने का भी सपना बुन रहे हैं, लेकिन यह सपना पूरा होने में कई तरह की अड़चनें हैं। इन्हीं परेशानियों की वजह से कटनी शहर के युवा यूपीएससी जैसी बड़ी परीक्षा में बेहतर परफॉर्म नहीं कर पा रहे हैं। सिविल सर्विस के क्षेत्र में आ रही बाधा को लेकर हम आपको बता रहे हैं कि ऐसे क्या कारण हैं, जिनकी वजह से शहर के युवा यूपीएससी में पिछड़ रहे हैं। हालांकि इस कमी से उबरने के लिए शहर के एक्सपर्ट लगातार प्रयास में जुटे हुए हैं, ताकि वे कटनी से ही भावी आइएएस ऑफिसर तैयार कर सकें। आने वाले समय में सिविल सर्विसेज में शहर के युवा बेहतर परफॉर्म कर पाएं। इसके लिए एक्सपर्ट और कोचिंग संस्थानों कई तरह की स्ट्रेटजी बना रहे हैं।

फोकस बढ़ाने की जरूरत
एक्सपर्ट विनीत मिश्रा का कहना है कि ऐसा नहीं कि कटनी शहर के युवाओं में हौसलों की कमी है। कमी केवल इस बात की है कि वे किसी एक एग्जाम पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं। जो अभ्यर्थी यूपीएससी की तैयारी कर रहा है, वह एमपीपीएससी, कॉन्स्टेबल, बैंकिंग, रेलवे समेत अन्य परीक्षा की भी तैयारी कर रहे होते हैं। इस वजह से उनका फोकस इन सभी एग्जाम्स की ओर बढ़ जाता है। ऐसे में व्यक्ति किसी एक एग्जाम पर फोकस नहीं कर पाता और नतीजा यूपीएससी जैसे टॉप मोस्ट एग्जाम में सलेक्शन ना होने के रूप में सामने आता है। अब जरूरत इस बात की है कि स्टूडेंट्स किसी एक एग्जाम पर फोकस करें, तब ही वह इस तरह के एग्जाम में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।

यूपीएससी का माहौल तैयार कराना है
अभय जैन राष्ट्रीय शिक्षा मिशन प्रभारी कटनी ने बताया कि शहर में यूपीएससी का माहौल नहीं है। ज्यादातर तैयारी एमपीपीएससी बेस्ट होती है। यूपीएससी के लिए स्टूडेंट्स प्रॉपर कोचिंग नहीं लेते हैं। न ही शहर में इसके लिए कोई समर्पित कोचिंग है। यही वजह है कि सलेक्शन रेशो न के बराबर है। जरूरत है तो कटनी शहर में यूपीएससी का माहौल तैयार करवाने की।

ये हैं कुछ कमियां
- यूपीएससी की तैयारी करने के साथ-साथ अन्य परीक्षाओं की भी तैयारी करना, जिससे यूपीएससी पर फोकस कम होता है।
- यूपीएससी का कैलेंडर और एमपीपीएससी का कैलेंडर आसपास ही चलते हैं। ऐसे में दोनों पर फोकस करना मुश्किल होता है।
- शहर में यूपीएससी फोकस कोचिंग संस्थानों की कमी है।

हमारा फोकस यूपीएससी

यूपीएससी सीडीएक्स करना है और लगातार केवल इसी पर फोकस कर रहीं हूं। इसके अलावा अन्य एग्जाम की तैयारी भी चल रही है। यूपीएससी जैसे बड़े एग्जाम के लिए फोकस बहुत जरूरी है।
साध्वी निगम, यूपीएससी

कई समय से लगातार सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही हूं और केवल यूपीएससी के लिए ही डेडीकेटेड होकर पढ़ाई हो रही है। कोशिश है कि सलेक्शन हो जाए। मेंटर्स इसके लिए गाइड कर रहे हैं।
साक्षी सिंह, यूपीएससी

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