किन परिस्थितियों में आश्रय गृह से भागीं किशोरियां, अब ये टीम लगाएगी पता

किन परिस्थितियों में आश्रय गृह से भागीं किशोरियां, अब ये टीम लगाएगी पता

dharmendra pandey | Publish: Aug, 12 2018 08:49:44 PM (IST) Katni, Madhya Pradesh, India

एसपी ने गठित की 5 सदस्यीय टीम, जांच के लिए आश्रय गृह पहुंचे सीएसपी

कटनी. ग्राम हिरवारा में संचालित लिटिल स्टार फाउंडेशन से भागीं दो किशोरियों के मामले में एक ओर जहां एसपी ने सीएसपी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम गठित की है, तो वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग ने आश्रय गृृह संचालक को नोटिस भेजा है। किशोरियों का पता लगाने के लिए पुलिस भी उनके गृह ग्राम के लिए रवाना हो गई है।
हिरवारा में संचालित लिटिल स्टार फाउंडेशन से गायब हुई किशोरियों के मामले की जांच शनिवार को जारी रही। हालांकि 7 दिन बाद भी पुलिस को कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। मामले की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक मिथिलेश शुक्ला ने पांच सदस्यीय टीम गठित की है। जांच टीम में सीएसपी एमपी प्रजापति कोतवाली टीआई शैलेष मिश्रा, एनकेजे थाना प्रभारी मंजू शर्मा, बस स्टैंड चौकी प्रभारी बीडी द्विवेदी सहित एक अन्य को शामिल किया गया है। एसपी शुक्ला ने बताया कि सीएसपी जांच के लिए शनिवार को आश्रम गए थे। कई बिंदुओं पर पूछताछ की है। आश्रम से किशोरियां किन परिस्थितियों पर भागी है। आश्रम की गतिविधियों की बारीकी से जांच कराई जा रही है। पूर्व में घटित मामलों की भी पड़ताल की जा रही है।

दो दिन के भीतर मांगा जवाब
आश्रय गृह के संचालक डॉ. समीर चौधरी से महिला एवं बाल विकास विभाग की सहायक संचालक वनश्री कुरवैती ने सुरक्षा में हुई चूक पर नोटिस भेजा है। दो दिन के भीतर जवाब मांगा है। शनिवार को एनकेजे थाना की सब इंपेक्टर कविता साहनी ने अधीक्षिका को बुलाकर किशोरियों से संबंधित दस्तावेजों की जांच की।

5साल तक सामाजिक न्याय विभाग की निगरानी में था शेल्टर होम
लिटिल स्टार फाउंडेशन संस्था साल 2005में शुरू हुई थी। 2005 से 2010तक संस्था की निगरानी सामाजिक न्याय विभाग द्वारा की जाती थी। सहायता के लिए संस्था को वही से फंड मिलता था। इसके बाद 2010से यह महिला बाल विकास विभाग व तत्कालीन विभाग महिला सशक्तिकरण के अधीन आ गया। विभाग द्वारा लगभग दो से तीन बार संस्था को ग्रांट भी दी गई थी।


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