गांव में जानलेवा दीवारें बन रहीं असमय मौत का कारण, सुध नहीं ले रहे जिम्मेंदार

उमरियापान के समीपी गांव बनेहरा में दीवार गिरने और उसमें दबकर चार बच्चों की मौत के बाद जानलेवा दीवारों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई और ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों के रवैए पर पर सावलिया निशान लग गया है.

By: raghavendra chaturvedi

Published: 30 Aug 2020, 11:32 PM IST

कटनी. उमरियापान के समीपी गांव बनेहरा में दीवार गिरने और उसमें दबकर चार बच्चों की मौत के बाद जानलेवा दीवारों को लेकर प्रशासन की कार्रवाई और ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों के रवैए पर पर सावलिया निशान लग गया है। बनेहरा गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अलावा बम्हनी ग्राम पंचायत अंतर्गत आने वाली अन्य गांव में आधा दर्जन से ज्यादा दीवार ऐसी हैं जिसके अचानक गिरने से कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।
बतादें कि शनिवार शाम बनेहरा गांव में आंगन की कच्ची दीवार गिरने से सड़क पर खेल रहे चार बच्चों की दबकर मौत हो गई। इसमें पिंकी कोल (8) पिता संतु कोल, ललित कोल (4) पिता संतु कोल, सुहानी कोल (6) पिता मुकेश कोल व अन्नपूर्णा कोल (8) पिता शिवा कोल शामिल रहे।
जानकारों का कहना है कि जानलेवा दीवारें जिले के प्रत्येक गांव में हैं, जो भी कभी भी किसी के भी असमय मौत का कारण बन सकती हैं। ऐसी दीवारों का समय रहते इंतजाम करने के मामले में पंचायत के कर्मचारियों की बेपरवाही ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है। बनेहरा गांव में जर्जर दीवारों को लेकर पंचायत सचिव बताते हैं कि मकान मालिकों को ऐसी दीवारों का समय रहते इंतजाम करने कहा गया है।
व्यवस्था के नाम पर हर साल खर्च हो रही बड़ी राशि
बनेहरा के ग्रामीणों ने बताया कि जेठू कोल को पीएम आवास स्वीकृत होने के बाद वह नए घर में रहने लगा था। उसके आंगन की जिस दीवार के गिरने से चार मासूमों ने दम तोड़ दिया, वह खाली दीवार थी और जाहिर है बारिश में पानी गिरने के बाद ऐसी दीवार के नहीं गिरने की जवाबदारी कोई भी नहीं ले सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि गांव में पानी निकासी से लेकर अन्य व्यवस्था के नाम पर हर साल बड़ी राशि खर्च करते हैं, लेकिन जानलेवा दीवार के मामले में लगातार अनदेखी बरत रहे हैं। और इसका खामियाजा उन परिवारों को भुगतना पड़ रहा है जिनके जिगर के टुकड़े असमय की काल कलवित हो रहे हैं।
गांव में एक साथ चार बच्चों की मौत के बाद पूरा गांव शोक में डूब गया। बनेहरा गांव में शनिवार शाम एक साथ चार बच्चों की अर्थियां उठी तो जैसे परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों ने बताया कि बच्चे सुबह भोजन कर खेलने के लिए निकले थे, उन्हे क्या पता था कि वे अब लौटकर घर ही नहीं आएंगे। एक साथ चार बच्चों की मौत के पूरे गांव में शोक का माहौल का रहा। चौपाल में भी लोग इसी घटना की चर्चा करते रहे।
दीवार गिरने से चार बच्चों की मौत के बाद जिला प्रशासन के अधिकारी बनेहरा गांव पहुंचे। गांव में दीवार गिरने के कारणों के साथ ही ग्रामीणों से इस संबंध में चर्चा की। एडिशनल एसपी संदीप मिश्रा, एसडीएम सपना त्रिपाठी ने बम्हनी ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव से चर्चा की।
ग्राम पंचायत के सचिव सुरेश काछी बताते हैं कि गांव में जर्जर दीवारों का इंतजाम करने पहले ही मकान मालिकों को कहा गया है। कई बार मकान मालिक समय रहते इंतजाम नहीं करते हैं।

raghavendra chaturvedi Bureau Incharge
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